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खेल-खिलाड़ी : विश्वकप टी-२० : टीम इंडिया के चयन का पैमाना बनेगा आईपीएल!

संजय कुमार

इस माह १७ जनवरी को अफगानिस्तान के विरुद्ध टी-२० शृंखला का तीसरा और आखिरी मैच खेलने के बाद टीम इंडिया अपना अगला मैच आयरलैंड से ५ जून २०२४ को खेलेगी। जनवरी के बचे आधा महीना और फिर फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई माह की समाप्ति के बाद ही टीम इंडिया टी-२० फॉर्मेट के कई अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलेगी। टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने साफ-साफ कह दिया है कि टी-२० विश्वकप की तैयारी के लिए समय नहीं है और टीम चुनने के लिए प्रबंधन को आईपीएल पर निर्भर रहना पड़ेगा। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ टी-२० के तहत ३ मैच खेलने के बाद टीम इंडिया को इंडिया में ही ५ टेस्ट मैचों की शृंखला खेलने के लिए इंग्लैंड से भिड़ना है। २५ जनवरी से शुरू होने जा रही ५ टेस्ट मैचों की शृंखला का कार्यक्रम आगामी ११ मार्च तक निर्धारित किया गया है। बताने की जरूरत नहीं कि टी-२० विश्वकप की तैयारी के लिहाज से टेस्ट मैच खेलना जरा भी सहायक नहीं होगा। कहां ५ दिनों तक चलने वाला टेस्ट मैच और कहां चंद घंटों में ही समाप्त हो जानेवाला टी-२० मुकाबला। दोनों के स्वभाव में कोई मेल नहीं!
तो फिर टी-२० विश्वकप के लिए टीम इंडिया का चयन २२ मार्च से शुरू होने जा रहे आईपीएल पर ही निर्भर करेगा। आईपीएल मई माह के अंत तक खेला जाएगा। वेस्ट इंडीज और अमरीका की मेजबानी में टी-२० विश्वकप प्रतियोगिता का पहला मैच अमरीका और कनाडा के बीच खेला जाना है। ५ जून को पहला मैच खेलने के बाद टीम इंडिया टूर्नामेंट का दूसरा मैच अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से ९ जून को खेलेगी।
ऐसे में अगर-मगर की बात ही नहीं। टी-२० विश्वकप टीम के चयन का आधार आईपीएल ही बनेगा। वर्तमान में अफगानिस्तान के साथ खेले जा रहे टी-२० के मैच, टीम चयन के आधार नहीं बन सकते। टी-२० विश्वकप की शुरुआत से पूरे साढ़े-चार माह पहले विश्वकप के लिए संभावित टीम इंड़िया की चर्चा करना बेमानी होगी। इससे सभी इत्तेफाक रखेंगे कि टी-२० फॉर्मेट में खेली जानेवाली आईपीएल टूर्नामेंट की अपार सफलता के बाद विश्व के दूसरे हिस्सों में भी टी-२० के तहत अंतर्राष्ट्रीय मैचों के आयोजन कराने की संभावनाएं ढूंढ़ी जा रही हैं। दरअसल, टी-२० या कहिए फटाफट क्रिकेट का पूरी तरह से व्यवसायीकरण हो गया है, फिर ये तो आईसीसी द्वारा आयोजित की जा रही विश्वकप टी-२० टूर्नामेंट है। इसका तो हर स्तर पर जोर-शोर से प्रचार होना ही है।
टी-२० विश्वकप टूर्नामेंट में भाग लेने जा रही २० टीमों में मेजबान वेस्टइंडीज और अमेरिका को टूर्नामेंट में स्वत: प्रवेश मिला है। टूर्नामेंट में अमरीका और कनाडा की टीमें पहली बार शामिल होने जा रही हैं। टूर्नामेंट का पहला मैच अमरीका और कनाडा के बीच ही खेला जाएगा। इन २० टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ‘ए’ में भारत, पाकिस्तान, आयरलैंड, कनाडा और अमेरिका की टीमें हैं। ग्रुप ‘बी’ में खिताब का रक्षा कर रही इंग्लैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया, नामीबिया, स्कॉटलैंड और ओमान की टीमें हैं। ग्रुप ‘सी’ में न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, अफगानिस्तान, युगांडा और पापुआ न्यू गिनी के बाद ग्रुप ‘डी’ में दक्षिण अप्रâीका, श्रीलंका, बांग्लादेश, नीदरलैंड और नेपाल की टीमें हैं। टूर्नामेंट में कुल ५५ मैच खेले जाएंगे। ये सभी मैच अमरीका और वेस्टइंडीज के ९ स्थानों पर खेले जाएंगे। हर ग्रुप से शीर्ष पर रहने वाली २ टीमें सुपर ८ के लिए क्वॉलिफाई करेंगी। सुपर ८ को भी २ ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में ४ टीमें होंगी। हर ग्रुप से शीर्ष पर रहने वाली २ टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वॉलिफाई करेंगी। गयाना और त्रिनिदाद में सेमीफाइनल मैच और फाइनल २९ जून को बारबाडोस में खेला जाएगा। टूर्नामेंट कोई भी जीते, मगर टूर्नामेंट में भाग लेनेवाली नई टीमों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन उनके देश के नौजवानों को क्रिकेट के खेल में दिलचस्पी लेने के लिए प्रेरित करेंगे। आईसीसी द्वारा क्रिकेट की लोकप्रियता को भिन्न-भिन्न महाद्विपों के देशों में पैâलाने का यह प्रयास दशक-दो दशक बाद रंग लाएगा। इसमें कहीं कोई शक की गुंजाइश दिखाई नहीं देती!

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