मुख्यपृष्ठस्तंभश्री-वास्तव उ-वाच : जानवर कौन है?

श्री-वास्तव उ-वाच : जानवर कौन है?

अमिताभ श्रीवास्तव
जानवर कौन है?
यह क्रोध और अहंकार का ही परिणाम है कि मनुष्य जीवन के बाद भी पशुता का व्यवहार किया जाता है। अब कोई भेद करे कि कौन जानवर है तो सीधे-सीधे वो मनुष्य की इस हरकत को ही पशुता बताएगा। मामला ही कुछ ऐसा है। इंदौर की घटना है, जिसने पशु प्रवृत्ति का उदाहरण पेश किया है। एक कुत्ते के लिए दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। बात केवल इतनी थी कि मेरे कुत्ते को पत्थर वैâसे मारा? खजराना क्षेत्र के रामकृष्ण कॉलोनी में एक सिक्युरिटी गार्ड अपने कुत्ते को घुमा रहा था, तभी विमल नामक एक व्यक्ति ने उसे पत्थर मार दिया। बस झगड़ा यहीं से शुरू हुआ। अहंकार और क्रोध अपनी सीमा पार कर गया। गार्ड ने अपनी बारह बोर की बंदूक निकाली और फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में विमल और उसकी तरफदारी करने आए उसके साले राहुल को गोली लगी। घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई। बीच बचाव करने आई महिलाओं को भी गोली लगी जो घायल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को पकड़ लिया गया है। जो भी हो, किंतु यह पाशविक प्रवृत्ति का ही उदाहरण है, जो मनुष्य होने के बाद भी रहती है। इससे ही तो बचने के लिए अध्यात्म है।

मानवता मर गई, कानून का क्या!
ऊपर जब कुत्ते के कारण हत्या करने की पशु प्रवृत्ति का उदाहरण दिया तो इधर भी पशुता का एक अलग मामला है। आदमी की फितरत क्या हो चुकी है, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक युवक को निवर्स्त्र कर पीटा गया। क्यों मारा? इस बात की तो पुष्टि नहीं हुई है मगर यह प्रकरण भी मानवता को तार-तार करता है। कानून हाथ में लेने का क्या औचित्य? सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसे देखकर हर किसी की रूह कांप जा रही थी। दरअसल, श्रावस्ती से आए इस वीडियो में एक युवक को कुछ ग्रामीण पूरी तरह से नग्न करके बेल्ट और लाठी डंडों से पीट रहे थे। वीडियो में पीड़ित युवक हाथ जोड़कर लोगों से अपनी जान की भीख मांगते हुए दिख रहा है। मगर भीड़ निर्वस्त्र युवक पर लाठी-डंडे और बेल्ट की बौछार करने में जुटी रही। मामले की जानकारी होते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर युवक को भीड़ से मुक्त कराया। इसके बाद जिला अस्पताल भिनगा में भर्ती करा दिया है, जहां पर पीड़ित युवक का इलाज जारी है।

चौंक जाएगी दुनिया
दुनिया को चौंकाने के लिए ऐसा काम करना होता है, जो अब तक दुनिया में किसी ने न किया हो। तो हिंदुस्थान हमेशा से ही ऐसा करता रहा है कि समय-समय पर दुनिया चौंक जाती रही है। अब देखिए न एक ऐसे कार्य से दुनिया चौंकने वाली है, जो पहली बार हो रहा है। राजस्थान की शिक्षानगरी कोटा के चंबल रिवर प्रâंट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी का निर्माण तेजी से जारी है। इस घंटी की ऊंचाई ३० फीट जबकि चौड़ाई २८ फीट है। इसका निर्माण ७९ हजार किलो मेटल से हुआ है। इसकी ढलाई का काम पूरा होते ही रिवर प्रâंट पर जश्न का माहौल हो गया है। चंबल रिवर प्रâंट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी ७९ हजार किलो वजनी है। यह घंटी ३५ भट्टियों में पीतल को गलाकर ढाली गई है। पीतल के साथ-साथ इसमें अन्य धातुओं का भी इस्तेमाल हुआ है। घंटी के साथ लगी चेन भी अब तक की सबसे बड़ी ज्वॉइंटलैस चेन होगी। घंटी बजाने के लिए दुनिया की सबसे लंबी साढ़े छह मीटर की ४०० किलो वजनी ज्वाइंटलैस रिंग चैन तैयार की गई है। घंटी बजाते समय भी चैन अलग आवाज नहीं करेगी। घंटी की गूंज करीब आठ किलोमीटर तक सुनी जाएगी।

रुकिए, ये क्या कर रहे हो?
इन दिनों कंजेक्टिवाइटिस यानी आंखों की बीमारी चल रही है, जिसे आंख आना भी कहते हैं। लोग इसमें बिना चिकित्सको की सलाह के कभी घरेलू उपचार करते हैं तो कभी एंटीबायोटिक आई ड्रॉप डाल लेते हैं। यदि आप भी ऐसा कर रहे हैं तो रुकिए। ऐसा करना गलत है। ये आपकी आंखों को खराब कर सकता है। दरअसल चिकित्सकों का कहना है कि एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स डालने से वायरल कंजक्टिवाइटिस ठीक नहीं होता है। आई फ्लू को ठीक करने के लिए आर्टिफिशियल टियर आई ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, एंटीबायोटिक ड्रॉप्स बैक्टीरियल आई इंफेक्शन को ठीक करने में मदद करते हैं, लेकिन वायरल इंफेक्शन में ये ड्रॉप्स असरदार नहीं होते हैं। इन ड्रॉप्स से आई फ्लू ठीक नहीं होता है। इनका ज्यादा इस्तेमाल करने से आंखों में एंटीबायोटिक रसिस्टेंस पैदा हो सकता है, जो सेकंड्री इंफेक्शन होने की कंडीशन में परेशानी पैदा कर सकता है। कई बार सीवियर आई फ्लू के मरीजों को डॉक्टर एंटीबायोटिक ड्रॉप डालने की सलाह देते हैं, ताकि आंख में सेकंड्री इंफेक्शन (बैक्टीरियल संक्रमण) न हो। हालांकि इसकी जरूरत बहुत कम केसेस में होती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक ड्रॉप आंखों में न डालें।

लेखक ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। धारावाहिक तथा डॉक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।

अन्य समाचार