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श्रीवास्तव उवाच :  सिंघम तो यहां है

अमिताभ श्रीवास्तव। बहुत कम ऐसे पुलिसवाले या उनके अधिकारी हैं, जो फिट दिखाई देते हैं। यही वजह है कि जो कोई भी फिटनेस मामले में बढ़िया दिखता है, वो सिंघम की श्रेणी में आ जाता है। यानी प्रेरणास्रोत बन जाता है। यूं तो फिटनेस की परीक्षाओं को क्लियर कर ही भर्ती होती है पर कितने पुलिसवाले बाद में अपनी फिटनेस को बरकरार रख पाते हैं? अब देखिए न, राजस्थान के चर्चित आईपीएस और करौली के नवनियुक्त एसपी नारायण टोगस रोज ५ से १० किलोमीटर तक दौड़ लगाने के साथ ही वर्कआउट के लिए दो घंटे का वक्त निकाल ही लेते हैं। कोई इमरजेंसी ड्यूटी या केस भले ही उन्हें व्यस्त कर दे लेकिन मौसम से उनका शेड्यूल प्रभावित नहीं होता। ५० की उम्र पार कर चुके टोगस की फिटनेस न केवल उन्हें सकारात्मकता देती है, बल्कि देखनेवालों को भी इंस्पायर करती है। राजस्थान में ‘सिंघम एसपी’ कहे जानेवाले टोगस खासकर युवाओं को काफी प्रेरित करते हैं। लगभग ५१ साल की उम्र होने के बावजूद जिले की कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी के बाद भी टोगस सर्दी, गर्मी या बारिश, किसी भी मौसम में वर्कआउट से परहेज नहीं करते।

चमत्कार को नमस्कार
अक्सर चमत्कार ऊपरवाले की मौजूदगी का अहसास करा देता है। फिर कह उठते हैं लोग, जाको राखे साइयां मार सके न कोय। यही तो हुआ चीन में। एक चीनी कर्मचारी घातक भूकंप के बाद अपने घायल सहयोगियों को बचाने निकला था। लेकिन पहाड़ों में खो गया था। कर्मचारी को चमत्कारी रूप से १७ दिन बाद बचा लिया गया है। इस महीने की शुरुआत में दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में ६.६ तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें कम से कम ९३ लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोगों को अस्थायी शिविरों में रहना पड़ा था। गान यू जो सिचुआन के वैनडोंग हाइड्रोपावर प्लांट के कर्मचारी हैं। उन्हें स्थानीय गांववालों ने जिंदा लेकिन घायल अवस्था में पाया। चीन के सरकारी रेडियो सीएनआर ने इस घटना को ‘जीवन का चमत्कार’ बताया। गान ५ सितंबर को अपने साथी लुओ योंग के साथ ड्यूटी पर थे, जब भूकंप आया था।

थाना है कि स्वर्ग!
यूं थाना का नाम सुनते ही क्या खयाल आता है? पर वो जो खयाल आता हैं यहां एकदम से बदल जाएगा और आप कह उठोगे ये थाना है या कोई स्वर्ग! जी हां, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के वनांचल इलाके में एक ऐसा भी थाना है जो लोगों की फरियाद सुनने के अलावा मनोरंजन व सैर सपाटे के भी उपयोग में आता है। यहां दूर दराज से लोग केवल घूमने के लिए आते हैं। तालाब में तैरते बतख, रंग-बिरंगे फूलों वाला गार्डन, गार्डन में घूमती मुर्गियां, साउंड सिस्टम से लैस लॉरी, लॉरी में बैठे लोग और लॉरी के सामने फव्‍वारे। यह कोई पार्क, होटल या रिर्साट नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र के संवेदनशील इलाके का थाना है, जो मंगचुवा गांव में बना है। दशकों पहले यह इलाका नक्सलि‍यों का गढ़ हुआ करता था। उस समय थाना एक श्मशान हुआ करता था लेकिन जैसे ही कांकेर जिले से एसआई दिलीप नाग का स्थानांतरण बालोद जिला हुआ। उसके बाद धीरे-धीरे कर थाने की तस्वीर ही बदल गई। नवंबर २०१९ में दिलीप नाग को बालोद जिले के मंगचुवा थाने में थाना प्रभारी की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने जब उस समय थाने का स्वरूप देखा तो थाने का स्वरूप बदलने की ठान ली और थाने की कायापलट कर दी।

३० छल्लो वाला तारा
ये ब्रह्मांड की अपनी जादूगरी है जो हमेशा आकर्षण और रहस्य का केंद्र रही है। यही वजह है कि ब्रह्मांड के किसी भी पिंड के छल्ले वैज्ञानिकों को बहुत आकर्षित करते हैं। सामान्यत: ये छल्ले किसी तारे के तंत्र में देखे जाते हैं जो एक सौरमंडल बनाते हैं। हमारे सौरमंडल में भी कई तरह के छल्ले हैं। यहां तक कि शनि और गुरु ग्रह तक के छल्ले हैं। हमारे सौरमंडल में छल्लों के लिए शनि की एक विशेष पहचान है, क्योंकि वो अलग और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। एक यूरोपीय खगोलविद ने ऐसे तारे की खोज की है, जिसके ३० छल्ले दिखाई दे रहे हैं और शनि ग्रह से २०० गुना बड़ा तारा होने का बाद भी वैज्ञानिकों ने इसे सुपर सैटर्न नाम दिया था। यह पिंड हमारी पृथ्वी से ४३३.८ प्रकाशवर्ष दूर सेंटॉरस तारामंडल में स्थित है। इसके ३० छल्ले वाकई अपने आप में अनोखे हैं और इस तरह का पिंड अभी तक कहीं नहीं देखा गया है। इसके छल्ले एक बहुत ही बड़े क्षेत्र को घेर रहे हैं। लेकिन यह पिंड कोई ग्रह नहीं, बल्कि एक सूर्य की तरह का एक तारा है।

लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।

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