मुख्यपृष्ठस्तंभअंदर की बात: बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

अंदर की बात: बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

रमेश सर्राफ धमोरा/झुंझुनू। राजस्थान के बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश में ७१,४८६.४ करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इससे करीब २६ हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना है। ये प्रस्ताव ऑटो, एग्रो प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल फॉर्मा, सोलर एनर्जी, ग्लास एंड सिरेमिक इंजीनियरिंग और सीमेंट क्षेत्रों से संबंधित हैं। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के चलते इस तरह के बड़े प्रस्ताव मिल रहे हैं। बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के प्रस्ताव आने से राजस्थान के औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी। गहलोत ने अधिकारियों का इंवेस्ट राजस्थान समिट की तैयारियां करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह समिट प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गहलोत ने बीकानेर संभाग में सेरेमिक उद्योग के विकास की संभावनाओं के लिए अध्ययन कराने को कहा। प्रस्ताव देने वालों में हीरो इलेक्ट्रिक व्हीकल, होंडा कार्स, सेंट गोबिन, बोरोसिल, ओकाया, क्रिश फॉर्मा, लेंसकार्ट रिन्यू पावर, एचपीसीएल मित्तल, इनोवेन्टम, टोरंट पॉवर, लेंसकार्ट, सेरामेक्स समेत ग्रीनटो सहित कई प्रमुख उद्योग समूह शामिल हैं। बैठक में बड़ी संख्या में आला अधिकारी शामिल हुए और प्रदेश में आए निवेश के प्रस्तावों पर विस्तृत मंथन किया।
किसानों को मिलेगा तोहफा
राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में बड़ा पैâसला लेते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों के लिए ५ प्रतिशत ब्याज दर की अनुदान की योजना लागू की है। अब समय पर ऋण चुकानेवाले काश्तकारों को ५.१५ प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। यह योजना ३१ मार्च २०२३ तक लागू रहेगी। इससे प्रदेश के किसानों को काफी राहत मिलेगी। प्रदेश में इस समय किसान कर्ज तले दबे हुए थे। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से दिया गया यह तोहफा उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेनेवाले ऋणों पर लागू होगी। यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से कम है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। लेकिन ब्याज दर अधिक होने के कारण किसान को ब्याज चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और कृषि कार्यों में रुकावट भी पैदा होती थी। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा किसानों को बड़ा फायदा होगा। राज्य की अशोक गहलोत सरकार बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
कांग्रेस के खजाने में आया पैसा
राजस्थान कांग्रेस संगठन को संजीवनी मिल गई है। बीते लंबे समय से आर्थिक तंगी से गुजर रही प्रदेश कांग्रेस की माली हालत अब सुधरने लगी है। डिजिटल सदस्यता अभियान के जरिए संगठन के पास करीब पौने दो करोड़ रुपए की राशि आई है। इससे अब पार्टी ग्रासरूट लेवल तक संगठन को मजबूती देने की मुहिम शुरू कर सकेगी। वहीं पार्टी फंड में अभी और राशि आने की भी उम्मीद बंधी है। संगठन ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जरिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी मंत्रियों और विधायकों से सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करवाए थे। इस सहमति-पत्र के अनुसार साल में एक महीने की तनख्वाह सीधे मंत्री या विधायक के खाते से कटकर पीसीसी के खाते में जमा हो जाएगी। ये प्रक्रिया इस बार मार्च महीने में पूरी हो गई और इससे प्रदेश कांग्रेस को करीब ६३ लाख रुपए मिल भी गए हैं। मनमोहन सिंह कमेटी की सिफारिश के अनुसार मंत्री-विधायकों को साल में अपने एक माह का वेतन पार्टी फंड में देना होता है। मंत्रियों और विधायकों से पैसा जमा करने के बाद अब पार्टी पंचायतीराज और स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों से भी बकाया वसूली की तैयारी में है।
`मिशन राजस्थान’
राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए अब आम आदमी पार्टी भी मिशन राजस्थान में जुट गई है। पहले दिल्ली फिर पंजाब को जीतने के बाद अब आम आदमी पार्टी राजस्थान में अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के सात संभागों में कार्यकर्ताओं ने संवाद कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम में राजस्थान चुनाव प्रभारी एवं दिल्ली के द्वारिका से विधायक विनय मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। विनय मिश्रा ने कहा कि देश में केंद्र सरकार हिंदू-मुस्लिम दंगे कराकर मुख्य मुद्दों से और विकास के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। आज भाजपा सरकार महंगाई पर बात नहीं करती है, न ही विकास के कामों पर बात करती है सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिए दंगों को फैलाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि पहले हमारे पास विकास का कोई मॉडल नहीं था। लेकिन सरकार बनने के बाद जिस तरह से दिल्ली का विकास एक ब़ड़े मॉडल के रूप में उभर रहा है, उस मॉडल को लेकर हम राजस्थान में अगले वर्ष चुनाव लड़ने आ रहे हैं। राजस्थान की परंपरा रही है एक बार भाजपा, एक बार कांग्रेस लेकिन दोनों की नीतियों से जनता परेशान रही है।

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