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‘गद्दारों’ के कारण ‘घाती गुट’ में भगदड़! विधायक सिद्धेश कदम के कारण शिंदे गुट के कार्यकता नाराज, प्रमुख पदाधिकारियों ने दी पार्टी छोड़ने की चेतावनी

सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा द्वारा पीछे लगाई गई, ईडी, इनकम टैक्स और दूसरी एजेंसियों की जांच के डर से एकनाथ और उनके समर्थकों ने शिवसेना से घात किया था। उस समय पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाले घाती एकनाथ शिंदे एवं उनके समर्थक गद्दारों की पोल अब तक कई बार खुल चुकी है, लेकिन उनसे कार्यकर्ताओं का मोह भी भंग होने लगा है। ये गद्दार सिर्फ अपना स्वार्थ साधते हैं। इनके कारण कई दूसरे निष्ठावान कार्यकर्ताओं का विकास नहीं हो पाया। ये समझ चुके करीब ४० पदाधिकारियों ने अब सीएम शिंदे के नेतृत्व वाला घाती गुट छोड़ने का एलान किया है।
बता दें कि सीएम शिंदे के नेतृत्व वाले ‘घाती’ गुट से जुड़े पदाधिकारियों ने ‘घाती’ सीएम द्वारा नेता बनाए गए पूर्व मंत्री रामदास कदम और उनके बेटे सिद्धेश कदम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ‘घाती’ गुट के मुंबई विभाग क्रमांक २ के अंतर्गत आने वाली चारकोप, कांदिवली और मालाड विधानसभा क्षेत्र के इन पदाधिकारियों इस संबंध में सीएम शिंदे को पत्र लिखा है। इस पर करीब एवं ४० कार्यकर्ताओं ने समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए हैं। इन ४० लोगों में शामिल पूर्व शाखाप्रमुख एड. विकास गुप्ता ने ‘दोपहर का सामना’ संवाददाता को बताया कि खासकर सिद्धेश कदम कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को क्षेत्र में काम नहीं करने दे रहे हैं। इसी तरह सीएम शिंदे को लिखे पत्र में ‘शिंदे’ गुट के विधानसभा प्रमुख संजय सावंत, मालाड विधानसभा के संगठक नागेश विट्ठल आपटे सहित अन्य पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि युवा सेना में रहने के दौरान सिद्धेश कदम कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करते थे। अभी भी वह पदाधिकारियों की नियुक्ति में मनमानी करके निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ उसी तरह से अन्याय कर रहे हैं। जबकि रामदास कदम का पुत्र होने के अलावा सिद्धेश की अपनी कोई पहचान या उपलब्धि नहीं है। इसलिए उक्त पदाधिकारियों ने सिद्धेश पर नकेल कसने की मांग करते हुए सीएम शिंदे को अपना इस्तीफा भेजा है।

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