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 सीसीटीवी के हवाले प्रदेश की सुरक्षा! …तुगलकी फरमान से नाराज है जम्मू कश्मीर की जनता

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू। दो साल के कोरोना काल के दौरान व्यापारियों की टूटी कमर को प्रदेश प्रशासन के ‘तुगलकी’ फरमान ने और तोड़ने का ‘संकल्प’ लिया है। अगले १४ दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतर वित्तीय व व्यावसायिक इकाइयों को अच्छी गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया जा चुका है। ऐसा कर पुलिस सुरक्षा व निगरानी का जिम्मा सीसीटीवी और सीसीटीवी वैâमरों लगवाने वालों के कांधों पर डालना चाहती है।

जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रदेश के १० जिलों में एक साथ जारी किए गए ऐसे फरमान के बाद हड़कंप मचा हुआ है। कारण स्पष्ट है कि इन हजारों सीसीटीवी वैâमरा का खर्चा, जिसमें कम से कम ३० दिनों तक रिकार्डिंग रखने का प्रावधान भी होना अनिवार्य है, व्यापारियों आदि को ही उठाना होगा।

यूं तो पुलिस ने पूरे प्रदेश में अपने स्तर पर ४०२ उन कैमरों को स्थापित करने का फैसला किया है, जो अपराधियों का चेहरा पहचानने की तकनीक से लैस होंगे। इनमें से १८४ को कश्मीर मंडल तथा २१८ को जम्मू संभाग में स्थापित किया जाएगा।

पर पुलिस इतने कैमरों को सुरक्षा के लिहाज से कम मान रही है। वह तो हर गली-नुक्कड़ में सीसीटीवी कैमरे चाहती है क्योंकि पुलिस के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वह हर गली-नुक्कड़ पर निगाह रखने की खातिर चप्पे चप्पे पर जवानों को तैनात कर सके। अत: बाकी की सुरक्षा का जिम्मा आम जनता पर लाद दिया गया है। जम्मू के एक व्यापारी अमित गुप्ता के मुताबिक, सरकारी आदेश का पालन के लिए उसे ५० हजार की राशि की जरूरत है और कोरोना के दो साल के काल ने उसके व्यापार की पहले ही कमर तोड़ दी है।

कश्मीर में भी ऐसा ही आलम है। माना कि पुलिस इन कैमरों की मदद से पिछले कुछ अरसे से हमलावर आतंकियों को पकड़ने व मारने में कई बार कामयाब हुई है पर अतिरिक्त हजारों सीसीटीवी कैमरों का बोझ जनता पर डाल देने का फरमान किसी को पच नहीं रहा है।

अब इस मुद्दे पर कई राजनीतिक तथा सामाजिक दल भी सामने आने लगे हैं। जिनका कहना है कि पुलिस या प्रशासन को इन खर्चों को उठाना चाहिए। चाहे पूरा न सही कम से कम आधा ही खर्च वह उठाए। इसमें एक मजेदार बात यह है कि सभी छोटे-बड़े धार्मिक स्थानों और पार्किंग स्थलों को भी अपने-अपने खर्चे पर ऐसा करने के लिए कहा गया है जिसका पालन न करने पर धारा १८८ के तहत एक माह की सजा का प्रावधान लागू करने की चेतावनी भी जारी की गई है।

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