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नोटिस देना बंद करो वर्ना आना-जाना हो जाएगा मुश्किल!… जरांगे पाटील ने दी सरकार को चेतावनी

सामना संवाददाता / मुंबई

मराठा समाज की लड़ाई अंतिम चरण में आ गई है। अब हमें सरकार की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन हम आपके नोटिस से डरने वाले नहीं हैं इसलिए नोटिस देना बंद करें, नहीं तो आपका आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। हमने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि कहां जाना है, उससे पहले हमें नोटिस आ रही है। मनोज जरांगे पाटील ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम अपने बच्चों की भलाई के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। हमने मुंबई जाने का अभी तक निर्णय नहीं लिया है, लेकिन अगर हमने जाने का पैâसला कर लिया तो क्या होगा? मुंबई हमारी नहीं है क्या? हम मुंबई नहीं देख सकते क्या? मुंबई में शेयर बाजार देखने को नहीं है क्या? वैâसे हैं मंत्रियों के बंगले? हीरो-हीरोइन के बंगले? यह सब हमें देखना है। अगर यह सब देखते हुए किसी को गिरफ्तार किया जाए, तो लाखों की संख्या में उस पुलिस स्टेशन में जाकर बैठ जाएंगे, जिस पुलिस स्टेशन ने गिरफ्तार किया है।

कोई भी नेता मराठों के पक्ष में नहीं है खड़ा

फिलहाल कोई भी नेता मराठों के पक्ष में खड़ा होने को तैयार नहीं है। जिन्हे बड़ा किया, वह कहते है कि आरक्षण नहीं मिलने देंगे। इसलिए सावधान रहो! मैं जाते-जाते हाथ जोड़कर कहता हूं, ऐसी एकजुटता बनाए रखें, पहली बात तो यह कि नेता जाति से बड़ा नहीं होता। आपके बच्चे से बड़ा कोई नहीं है। मुझे आपके समर्थन की आवश्यकता है। सहयोग की आवश्यकता। मैं मरने से नहीं डरता। सरकार ने मेरे साथ दुश्मन जैसा व्यवहार किया, अब आरक्षण को भगवान भी नहीं रोक सकते। अपनी शक्ति को कम न होने दें। फिर हम देखते हैं कि ये वैâसे आरक्षण नहीं देते। आपको मराठा समुदाय ने ट्रेन में बिठाया था। उन्हें आरक्षण दो, नहीं तो तुम्हारे शरीर में गुलाल नहीं लगेगा।

२०० लोगों का बलिदान नहीं जाएगा व्यर्थ

सरकार का प्रतिनिधिमंडल मेरे पास आया था। उन्होंने कहा कि भुजबल के बारे में बात मत करो, लेकिन अगर वे आरक्षण के बारे में बात करेंगे तो मैं बात करूंगा, ऐसा हमने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है। इससे पहले सरकार ने समय लिया था। अब सरकार फिर से समय मांग रही है। लेकिन अब समय नहीं देंगे। अब सावधान हो जाइए, ये मौका दोबारा नहीं आएगा। मराठा आरक्षण के लिए २०० से ज्यादा लोगों ने बलिदान दिया है। अब उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब अगर भगवान भी आकर हस्तक्षेप करें, तो मराठों को ओबीसी आरक्षण मिलने से कोई नहीं रोक सकता, ऐसा जरांगे पाटील ने कहा।

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