मुख्यपृष्ठटॉप समाचारकणकवली, सावंतवाड़ी, मालवण में ‘जनसंवाद यात्रा’ का तूफान

कणकवली, सावंतवाड़ी, मालवण में ‘जनसंवाद यात्रा’ का तूफान

-मोदी की गारंटी किसको? घातियों
को या घातियों की वजह से; गोली चलानेवाले भाजपा विधायक को?

-सरकार में तीन गैंग…गैंगवॉर शुरू हो गया…उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

भाजपा विधायक गणपत गायकवाड ने पुलिस स्टेशन में घुसकर फायरिंग कर दी। कल सावंतवाड़ी में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसका उल्लेख किया और कहा कि गणपत गायकवाड द्वारा की गई गोलीबारी का वीडियो बिना किसी के मांगे तत्काल बाहर आया। किसी के मांगे बिना गणपत गायकवाड की गोलीबारी का सीसीटीवी फुटेज आप तक पहुंचता है, फिर ट्रिब्यूनल ने जो पैâसला दिया और कहा कि शिवसेना घातियों की है, शिवसेना का संविधान ही नहीं है, शिवसेना में पक्षप्रमुख पद ही नहीं है, वह जो हमने फिल्म दिखाई, उसका चित्रीकरण हमसे न मांग कर चुनाव आयोग से मांगा और आयोग ने कहा कि हमारे पास नहीं है। इसलिए शिवसेना बालासाहेब की है, इसका चित्रीकरण हमने जनता की अदालत में आपके सामने रखकर उसे दिखाया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि गणपत गायकवाड का कहना है कि पुलिस थाना परिसर में घातियों के गुंडों से अपने बेटे को बचाने के लिए गोली चलाई। घाती मुख्यमंत्री पद पर होंगे तो राज्य में गुंडों की पैदाइश होगी। घातियों के पास हमारे करोड़ों रुपए हैं, उसी के चलते हमें गुंडागर्दी करनी पड़ी, ऐसा भी उन्होंने कहा है। कदाचित इसीलिए ही घाती और घातियों के बच्चों ने चुभते कांटे को एक तरफ किया होगा। गायकवाड के जेल में जाते ही उस निर्वाचन क्षेत्र में हमारा विरोध करनेवाला कोई भी नहीं बचेगा, इसीलिए ही यह साजिश की गई, ऐसा आरोप उद्धव ठाकरे ने लगाया। उन्होंने कहा कि अब मोदी गारंटी घातियों को मिलती है अथवा भाजपा विधायक को, ये देखते हैं।
सावंतवाडी से गंदगी साफ करो!

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की कोकण में चल रही ‘जनसंवाद यात्रा’ को जनता का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। कल इस ‘जनसंवाद यात्रा’ के दौरान उद्धव ठाकरे की गाड़ी के काफिले के साथ निकाली गई भव्य मोटरसाइकिल रैली ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके बाद बंदर स्थित जेटी में ढोल-ताशे की आवाज में उनका जोरदार स्वागत हुआ। इसके बाद वे सिंधुदुर्ग रवाना हो गए, जहां उनके हाथों सिंधुदुर्ग किले पर शिवराय के सिंहासन का लोकार्पण हुआ। इस दौराना उद्धव ठाकरे ने आंगणेवाडी स्थित भराडीदेवी का भी दर्शन किया।
जनसंवाद यात्रा के दौरान कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का सिंधुदुर्ग दौरे में शिवसैनिक और कोकणवासियों की ओर से जोरदार स्वागत हुआ। सावंतवाडी स्थित गांधी चौक में हुई सभा में उद्धव ठाकरे ने स्थानीय विधायक व राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर की गद्दारी पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने केसरकर का उल्लेख डबल गद्दार के तौर पर किया। उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता की चाहे जितनी ताकत मिले, फिर भी केसरकर के माथे पर लगा गद्दारी का सिक्का वो पूरे जीवन भर नहीं पोंछ सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह और पखवाड़े में शिर्डी जानेवाले केसरकर श्रद्धालु होंगे और उनके पास सबुरी भी होगा, ऐसा लगा था इसलिए उन्हें शिवसेना में लिया था, लेकिन उनकी किसी भी पार्टी पर श्रद्धा नहीं और पार्टी में रुकने की सबुरी भी नहीं है। बड़ी अपेक्षा से केसरकर को टिकट दिया, मंत्री बनाया लेकिन गद्दारी रग-रग में बसी हुई है, अंत में गद्दार तो गद्दार ही, वह कभी भी ईमानदार नहीं होगा। यह कहते हुए उद्धव ठाकरे ने मौजूद जनता से अपील की कि आनेवाले चुनाव में सावंतवाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से इस गंदगी को साफ कर डालो।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरे पास किराए के लोग नहीं रहते हैं। खून से जुड़े व्यक्ति होते हैं। आप जैसे खून के रिश्ते से जुड़ी जनता पर भरोसा रखकर मैं लड़ने के लिए खड़ा हुआ हूं। साथ रहोगे क्या? ऐसा उद्धव ठाकरे के इस दौरान पूछे जाते ही सावंतवाडी के गांधी चौक पर ‘हां’ के रूप में गगनभेदी गर्जना हुई। सावंतवाडी विधानसभा हो अथवा सिंधुदुर्ग-रत्नागिरी हो, जो भी शिवसेना के ऊपर आया, उसके नाम को अगली पीढ़ी भूल जानी चाहिए, उसका डिपॉजिट जप्त होना चाहिए, ऐसा आह्वान इस दौरान उद्धव ठाकरे ने किया। शिवसेना किसकी है, यह पूछने के लिए मैं यहां आया हूं, ऐसा उद्धव ठाकरे के कहते ही हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे जिंदाबाद की घोषणाओं से परिसर गूंज उठा।
इस मौके पर रश्मि ठाकरे, सांसद विनायक राऊत, विधायक भास्कर जाधव और वैभव नाईक के साथ गौरीशंकर खोत, अरुण दुधवडकर, शैलेश परब, जाह्नवी सावंत, रूपेश राऊल आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।
कणकवली में गुंडों का सूपड़ा साफ कर दो
उद्धव ठाकरे ने इस दौरान भाजपा नेता नारायण राणे और विधायक नितेश राणे के नामों का उल्लेख किए बिना उन पर अचूक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विनायक राऊत और अन्य को चुने नहीं होते तो आज कणकवली की क्या हालत हुई होती। उसी समय कोकण वासियों ने गुंडों को कुचला और बाहर कर दिया। उद्धव ठाकरे ने कणकवली निर्वाचन क्षेत्र का बिना नाम लिए कहा कि अब जो कुछ भी एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हलचल शुरू है, उसका भी इस समय सफाया कर दो और गुंडों का भी सूपड़ा साफ कर डालो। पहले जैसे मंदिर में साफ-सफाई करते हुए जो मोदी की तस्वीर आई, चमचमाती लादी के जैसे, वैसा ही यह एक निर्वाचन क्षेत्र रहा, उसे साफ कर डालो। उद्धव ठाकरे ने नितेश राणे पर सीधे बाण चलाते हुए कहा कि इस बार उस डिब्बे में और छेद करना है, ताकि वह वापस खड़ा न हो सके। उन्होंने कहा कि शिवसेनाप्रमुख ने नारायण राणे को लात मारकर शिवसेना से हकाल दिया था।
कोकण वासियों ने गाड़ा, अब पूरा महाराष्ट्र गाड़ेगा
शिवसेना से गद्दारी करनेवालों को कोकण वासियों ने पहले ही गाड़ दिया है, अब यही संदेश बाकी महाराष्ट्र की जनता भी लेगी और आनेवाले चुनाव में गद्दारों को गाड़े बिना नहीं रहेगी। इस तरह का दृढ़ विश्वास शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। उद्धव ठाकरे के जनसंवाद यात्रा का तूफान कल सिंधुदुर्ग में पहुंचा था। कणकवली, कुडाल, सावंतवाडी, मालवण में उनकी रिकॉर्ड सभाएं हुईं। कोकण में जनता से संवाद साधते हुए उद्धव ठाकरे ने संकल्प लिया कि गद्दारों को खत्म करके फिर से शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाकर दिखाएंगे यानी दिखाएंगे ही।
मेडिकल कॉलेज की जगह मुर्गा खेलने का कारखाना
कोकण वासियों को शिवसेना ने क्या दिया, इस तरह का तंज कसने वाले विरोधियों पर भी उद्धव ठाकरे बरसे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोकण में मेडिकल कॉलेज को महाविकास आघाड़ी सरकार ने ही अनुमति दी थी और एक मेडिकल कॉलेज को भी अनुमति दी, जहां आज मुर्गा खेलने का कारखाना खोला है।
यह तो ‘कुटुंब संवाद यात्रा’
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनसंवाद यात्रा नहीं, बल्कि कुटुंब संवाद यात्रा है। उपस्थित जन समुदाय पर नजर घुमाते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी मेरे परिवार हैं। महाराष्ट्र को कई मुख्यमंत्री मिले, आगे भी मिलते रहेंगे। लेकिन एक कुटुंब के मुख्यमंत्री के तौर पर आपने मुझे स्वीकारा। वहां मन की बात-धन की बात, यहां केवल दिल की बात, क्योंकि मन में कालापन हो सकता है लेकिन हृदय में नहीं। हृदय में राम और हाथ में काम। कल्याण से शुरुआत करने के बाद में रायगढ और आज सिंधुदुर्ग-रत्नागिरी जिले से `माझी कुटुंब संवाद यात्रा’ चांदा से बांदा नहीं, बल्कि बांदा से चांदा ऐसी होगी। इस तरह का भावनात्मक उद्गार उद्धव ठाकरे ने किया।

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