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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सख्ती  …जीएसटी चोरी को लेकर एक लाख करोड़ का नोटिस

सामना संवाददाता / मुंबई  
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) लगातार शिकंजा कस रही है। जीएसटी चोरी को लेकर डीजीजीआई की तरफ से कई कंपनियों को नोटिस दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब एक लाख करोड़ के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अभी दो दिन पहले डीजीजीआई ने कसीनो ऑपरेटर डेल्टा कॉर्प को करीब १७ हजार करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस भेजा गया था। जानकारी के मुताबिक,   डीजीजीआई ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) कंपनियों को ५५,००० करोड़ रुपए के जीएसटी बकाए को लेकर एक दर्जन प्री-शोकॉज नोटिस भेजे हैं। फैंटेसी भारत की मशहूर स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम ११ को भी २५,००० करोड़ रुपए से अधिक का जीएसटी नोटिस जारी किया गया है, जो देश में दिया गया अब तक का सबसे बड़ा इनडायरेक्ट टैक्स नोटिस होगा। डीजीजीआई ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों से कुल १ लाख करोड़ रुपए तक जीएसटी डिमांड कर सकती है। अधिकारियों द्वारा डीआरसी-०१ ए फॉर्म के माध्यम से पेएबल टैक्स इंटीमेशन जारी किया जाता है। जीएसटी की भाषा में इसे प्री-शोकॉज नोटिस कहा जाता है।
हाई कोर्ट का रुख
इस मामले में ड्रीम ११ ने मुंबई हाई कोर्ट का रुख किया है। ड्रीम ११ और हेड डिजिटल वर्क्स ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रियल मनी गेम्स के लिए जीएसटी रेट्स में हालिया बदलाव के बाद आरएमजी प्लेटफॉर्मों पर प्रत्येक गेमिंग सेशन के एंट्री लेवल पर लगाए गए कुल दांव पर लेवी को २८ फीसदी तक बढ़ाने के बाद नोटिस जारी किए गए थे।

इन कंपनियों को भेजा गया नोटिस
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि ड्रीम ११ को सोमवार को २५,००० करोड़ रुपए से अधिक का प्री-शो कॉज भेजा गया है। प्ले गेम्स २४×७ और रमी सर्कल और माय ११ सर्कल सहित बाकी सहयोगियों को २०,००० करोड़ रुपए के जीएसटी बकाया की मांग करने वाला एक ऐसा ही नोटिस जारी किया गया है। ५,००० करोड़ रुपए से अधिक की डिमांड करने वाला प्री-शोकॉज नोटिस हेड डिजिटल वर्क्स को भेजा गया है।

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