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महाराष्ट्र के लोगों में तीव्र आक्रोश! …मैच फिक्संग के खिलाफ फूटा गुस्सा

राहुल नार्वेकर की तस्वीर पर बरसाए जूते
सामना संवाददाता / मुंबई
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर लोकतंत्र की हत्या करते हुए विधायक अयोग्यता मामले में झटका देनेवाला फैसला सुनाया है। इस फैसले के खिलाफ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के शिवसैनिक सहित आम लोग अक्रामक हो गए हैं। इस मैच फिक्सिंग के खिलाफ आम जनता ने प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की तस्वीर पर जूते मारते हुए निषेध व्यक्त किया।
जनता देगी असली फैसला
महाराष्ट्र की जागरूक जनता राज्य में सत्ता स्थापित कर असली शिवसेना और उद्धव ठाकरे को खत्म करने के लिए गद्दारों द्वारा बिछाई गई साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी। सत्ता के गुलाम विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने जो पैâसला दिया है, वह दिल्ली में बैठे आकाओं के इशारे पर लिया गया पैâसला है। इसलिए जनता के मन से उद्धव ठाकरे को कोई खत्म नहीं कर सकता। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जिला प्रमुख माधव पावड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जनता गद्दारों और भाजपा को सही फैसला सुनाएगी।
गद्दारों को माफ नहीं करेगी जनता
इस मौके पर पदाधिकारियों ने कहा कि बुधवार को जो फैसला आया है वह गलत है और यह दबाव में लिया गया फैसला है। एकतरफा फैसला लेकर उन्होंने अपना असली चेहरा जनता के सामने रख दिया है। इसलिए जनता अब इन गद्दारों को माफ नहीं करेगी।
लोगों की गर्जना से हिल उठा यवतमाल
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा दिया गया फैसला संविधान और कानून को दरकिनार करके दिल्ली के आदेश पर महाराष्ट्र पर आघात है। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रत्यक्षतौर पर दुनिया के समक्ष लोकतंत्र के चेहरे पर कालिख पोतने का काम किया है। लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने इतिहास रचने का मौका गंवा दिया। इस बीच शिवसैनिकों की गर्जना से पूरा यवतमाल हिल उठा।

ठाणे में नार्वेकर के विरोध में लगे बैनर
सामना संवाददाता / ठाणे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विधानसभा अध्यक्ष मिलिंद नार्वेकर को सत्ता संघर्ष पर निर्णय देना अपेक्षित था, लेकिन उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए शिवसेना, एकनाथ शिंदे की ही है, ऐसा पक्षपातपूर्ण निर्णय दिया है। इसे लेकर समाज में गहरा आक्रोश पैâल गया है। संविधान के विरुद्ध दिए गए इस निर्णय खिलाफ कलवा सहित अन्य जगहों पर मराठी भाषा में अनेक बैनर लगाए गए हैं, जिसमें लिखा गया है कि ‘आज महाराष्ट्र में दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी गई, लोगों ने इसे खुली आंखों से देखा, अब न्याय जनता करेगी…महाविकास आघाड़ी’। मुंब्रा-कलवा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल मन्नान शेख का इस संबंध में कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर का निर्णय पक्षपातपूर्ण है। यह लोकतंत्र की हत्या है।

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