मुख्यपृष्ठविश्वजान बचाने की जद्दोजहद... परमाणु खतरे से सहमा यूरोप!

जान बचाने की जद्दोजहद… परमाणु खतरे से सहमा यूरोप!

• रूस-यूक्रेन जंग के बीच बंकर बनाने की होड़
एजेंसी / कीव। रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग को न पुतिन रोक रहे हैं और न ही जेलेंस्की पीछे हटने को तैयार हैं। इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने सैनिकों को जहरीली गैसों से हमला करने के आदेश दिए हैं। इन गैसों से बचाव के लिए रूसी सैनिकों को गैस मास्क भी दिए गए हैं। इससे पूरा यूरोप सहमा हुआ है। लोगों को परमाणु युद्ध का डर सता रहा है। यूरोप पहले ही कोरोना के खिलाफ हाई अलर्ट पर दो साल बिता चुका है लेकिन अब उनका ध्यान मास्क, टीके और लॉकडाउन की बजाय बंकरों, आयोडीन की गोलियों और परमाणु युद्ध की तरफ शिफ्ट हो गया है। ग्युलियो काविचिओली का कहना है कि उनकी कंपनी माइनस एनर्जी ने पिछले २२ सालों में ५० बंकरों पर काम किया है लेकिन पिछले दो हफ्तों में उन्हें ५०० बंकर बनाने के लिए कहा गया है।

यूक्रेन में बंकरों का सहारा
रूस, यूक्रेन पर लगातार हमले कर रहा है। इससे बचने के लिए यूक्रेनी बंकरों का सहारा ले रहे हैं। इस बीच परमाणु हमले का भी खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर पूरे यूरोप पर पड़ेगा, इसलिए अपनी जान बचाने के लिए यूरोप के लोग बंकर बनवा रहे हैं।
यूरोप में बंकरों की खस्ता हालत
केमिकल वेपन एक्सपर्ट हामिश डी ब्रेटन गॉर्डन ने बताया कि सोवियत संघ के खत्म होने के बाद से सब बंकरों के बारे में भूल गए और अब इसकी याद दिलाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरे यूरोप में बंकर खराब हो गए हैं। परमाणु हमले से बचने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। रूस के करीबी देश फिनलैंड का कहना है कि वह लगातार बंकर बना रहे हैं, ताकि परमाणु हमले से बचा जा सके। उनके यहां ५०,००० बंकर हैं। इनमें लगभग ४०,००,००० लोग ठहर सकते हैं।
बंकर बनाने का दे रहे हैं ऑर्डर
आर्टेमिस प्रोटेक्शन के संस्थापक मैथ्यू सेरेन, एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम के साथ लग्जरी बंकर बनाते हैं। उनका कहना है कि इसे एक सामान्य घर की तरह देखें लेकिन यह अंडरग्राउंड रहता है। इसकी लागत कम से कम १,४०,००० यूरो यानी १,५२,००० डॉलर है। उनका कहना है कि पहले अमीर लोग इसमें रुचि लेते थे लेकिन अब हमें सामान्य लोगों ने भी ऑर्डर देना शुरू कर दिया।
लोग खरीद रहे हैं आयोडीन की गोलियां
बंकरों के बाहर लोग बड़ी मात्रा में आयोडीन की गोलियों खरीद रहे हैं। उनका मानना है कि इससे वह जहरीली गैसों से अपना बचाव कर पाएंगे। हजारों लोग बचने के लिए पोटेशियम आयोडाइड की तरफ झुकाव बढ़ा है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि आयोडीन की गोलियों से थायराइड और वैंâसर जैसी बीमारियों को दूर करने में लोगों को मदद मिल सकती है।

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