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‘स्वाइन फ्लू’ लगा डराने! मुंबई में एक सप्ताह में बढ़े पांच गुना मामले

  •  महानगर में अब तक हुई ६६ मरीजों की पुष्टि 
  • खांसी-बुखार, सिरदर्द, उल्टी-दस्त आदि हैं लक्षण

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई में कोरोना संक्रमण के बीच स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। केवल एक सप्ताह में इसमें पांच गुना वृद्धि हुई है। महानगर में अब तक ६६ मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि स्थिति से निपटने के लिए मुंबई मनपा ने कमर कस ली है। मनपा का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है और स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू इतनी खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन यह बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह के रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए ऐसे व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही इस वायरस से संक्रमित मरीजों और संदिग्ध लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से मना किया गया है। मुंबई में स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन अभी तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। इस वर्ष जून महीने में बारिश न होने के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम था। जून में डेंगू के मरीज बढ़े थे। जून महीने में स्वाइन फ्लू के सिर्फ  दो मामले सामने आए थे। जुलाई महीने में भारी बारिश शुरू हो गई और संक्रमित बीमारियों का आंकड़ा बढ़ा। साथ ही स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई। महानगर में १७ जुलाई तक डेंगू के ११ मरीज मिले थे। कोरोना काल में साल २०२०-२१ में स्वाइन फ्लू का फैलाव तुलना में बेहद कम था। मुंबई में वर्ष २०२० में स्वाइन फ्लू के ४४ तो वर्ष २०२१ में ६४ मरीज मिले थे। इस साल जुलाई महीने में ही स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या ६६ तक पहुंच गई है। आनेवाले दिनों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। उपराजधानी नागपुर में भी स्वाइन फ्लू के १६ मामले सामने आ चुके हैं।
डॉक्टरों के अनुसार बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त आदि स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण हैं। गर्भवती महिलाओं, मधुमेह, उच्च रक्तचाप के रोगियों में लक्षण तेज हो सकते हैं और रोग गंभीर रूप ले सकता है। यदि रोगी को सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, उल्टी में खून आना जैसे गंभीर लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे मरीजों की जांच कर उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है। मनपा ने लोगों से खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करने, बार-बार हाथ धोने, अपनी आंख, नाक, मुंह न छूने के साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाने की अपील की है।

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