मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : नए चेहरों से घबराहट

झांकी : नए चेहरों से घबराहट

अजय भट्टाचार्य

हिंदुत्व के रथ पर सवार भाजपा ने राजस्थान में जातीय समीकरण की फसल काटने की कोशिश की है। पार्टी ने जो ४१ उम्मीदवारों की पहली ससूची जारी की है उनमें जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है। पहली सूची में ओबीसी वर्ग को बड़ी संख्या में टिकट दिए गए हैं। इसमें २५ अनारक्षित सीटों में से ६० प्रतिशत यानी १५ सीटों पर ओबीसी वर्ग का उम्मीदवार उतारा है। कुल ४१ सीटों में से ८ पर जाट, ४ पर राजपूत, ४ पर गुर्जर, दो पर ब्राह्मण, दो पर वैश्य, एक पर यादव और एक पर सैनी को टिकट दिया है। जबकि अन्य १६ सीटें एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि पहली सूची से साफ जाहिर है कि भाजपा राजस्थान में इस बार क्षेत्रवार जातिगत बड़े नेताओं को अपनी तरफ लाने में जुटी है। साथ ही ४१ में से २९ उम्मीदवार नए उतारे हैं। ऐसे में जयपुर शहर की शेष सीटों को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन पर भी चेहरे बदले जा सकते हैं। इन चर्चाओं ने वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जयपुर शहर की मालवीय नगर सीट से विधायक कालीचरण सराफ, सांगानेर से विधायक अशोक लाहोटी, सिविल लाइंस से पूर्व विधायक अरुण चतुर्वेदी, आदर्श नगर से पूर्व विधायक अशोक परनामी, हवामहल से पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक और किशनपोल से पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता दावेदार हैं। क्षेत्रवार जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर ही टिकट बांटे गए हैं। किरोड़ी लाल मीणा और कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पुत्र विजय बैंसला को टिकट देकर भाजपा ने पूर्वी राजस्थान की दोनों असरदार जातियों को साधा है।

मोबाइल का डर
बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत लिखो पर अमल करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की पहली मासिक बातचीत में भाग लेने वाले मीडिया कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने मोबाइल फोन, वाहन की चाबियां और बैग बाहर जमा करें। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवेश करने से पहले पूरी तरह से जांच की जाएगी। इस कदम से कुछ पत्रकार नाराज हो गए, जिन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। जवाब में पटेल ने उनकी बेचैनी पर सहानुभूति जताई और बताया कि उन्होंने इन सुरक्षा उपायों में ढील देने की भी कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुए। जब एक पत्रकार ने उल्लेख किया कि मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं, तो मुख्यमंत्री ने मजाक में टिप्पणी की कि `दोस्ताना’ बातचीत अक्सर रिकॉर्ड होने पर एक अलग मोड़ ले लेती है। उन्होंने आश्वासन दिया, `यह ठीक है कि मोबाइल फोन की अनुमति नहीं है।’ मोबाइल फोन का डर स्पष्ट है।

रानी समर्थक नाराज
राजस्थान में पहली सूची में वसुंधरा राजे के समर्थकों को तवज्जो न मिलने से नाराज राजे समर्थकों ने बगावती तेवर दिखाए हैं। भरतपुर जिले की नगर से दो बार की विधायक अनिता सिंह गुर्जर ने साफ शब्दों में निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो ५० हजार वोटों से हारा पार्टी ने उसे टिकट दिया है। लेकिन मुझे वसुंधरा खेमे के कारण दूर कर दिया गया है। इसी कड़ी में बानसून से पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा को टिकट नहीं दिया है। वह भी राजे समर्थक माने जाते हैं। जयपुर की झोटवाड़ा से पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का टिकट भी काट दिया गया है। इसी प्रकार देवली-उनियारा से घोषित प्रत्याशी विजय बैंसला का विरोध तेज हो गया है। हजारों समर्थकों ने टोंक प्रभारी रमेश बिधूड़ी के सामने नाराजगी जताई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में जयपुर आने का आह्वान किया है। देवली- उनियारा सीट कांग्रेस के पास है। हरीश मीणा विधायक हैं, जो कि सचिन पायलट वैंâप के माने जाते हैं। नाराजगी को दूर करने के लिए सोमवार को प्रह्लाद जोशी जयपुर में थे जबकि दूसरी तरफ टिकट नकार दिए गए वसुंधरा समर्थक रानी के घर पर इकट्ठे हुए थे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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