मुख्यपृष्ठराजनीतिझांकी: इटालिया का तराना

झांकी: इटालिया का तराना

गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) में शीर्ष नेताओं में बदलाव को लेकर अटकलें तेज हैं। हाल ही में पार्टी के पूर्व राज्य प्रमुख गोपाल इटालिया द्वारा डाला गया वीडियो, जिसमें वह एक हिंदी गाना गा रहे हैं, `मोहब्बत करनेवाले कम नहीं होंगे तेरी महफिल में, लेकिन हम नहीं होंगे’ ने लोगों की जुबान को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो पर इटालिया के राजनीतिक मोहभंग के बारे में अटकलों का बाजार गर्म है। इन दिनों केजरीवाल की पार्टी में दरकिनार चल रहे इटालिया जल्द या बाद में बाहर निकलने की तैयारी में हैं। यह अफवाह इतनी तेजी से फैली कि इटालिया को बाद में स्पष्टीकरण देना पड़ा। इस बीच आप के युवा नेता युवराज सिंह जाडेजा की भी चर्चा है, जिन्होंने हाल ही में एक साथ कई घोटालों का खुलासा कर सरकारी सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। अवैध वित्तीय लाभ के आरोपी जाडेजा हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है, लेकिन ऐसी अटकलें हैं कि वह या तो भाजपा या कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं जिसने उनके कठिन समय में उनका समर्थन किया था।
स्ट्रेचर पर स्वास्थ्य विभाग
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक एक तरफ धड़ाधड़ अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर मीडिया में अपनी छवि चमकाने में जुटे हैं तो वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रहा है। लखनऊ की सड़क पर समय से पहले पैदा हुए बच्चे की कब्र की मिट्टी अभी सूखी भी नहीं होगी कि गोंडा में स्ट्रेचर न मिलने के चलते एक दंपति को अपना नवजात शिशु खोना पड़ गया। मंगलवार को गोंडा में राजेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी अनीता को ऑटो से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों से स्ट्रेचर के लिए बोला। वो बोले- `तुम इंतजार करो, हम आ रहे हैं।’ समय बीतता गया वह स्ट्रेचर लेकर नहीं आए। इधर, अनीता दर्द से कराह रही थी। पति बेचारा करे तो क्या करे। चिल्लाने के सिवाय कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। अनीता के जननांग से बच्चा आधा बाहर आकर फंस गया। करीब आधा घंटा बाद स्वास्थ्य कर्मी व्हील चेयर लेकर पहुंचे। बच्चे को नहीं बचाया जा सका। लखनऊ वाले मामले में खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने उस मृत बच्चे का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम जाकर किया और उसका वीडियो भी वायरल करवा दिया ताकि लोगों को लगे कि मंत्रीजी बड़े संवेदनशील हैं। गोंडा की घटना यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था स्ट्रेचर पर पड़ी दम तोड़ रही है। लगता है समूचा स्वास्थ्य विभाग ही स्ट्रेचर पर है।
घमासान में तीसरा पासवान
हाजीपुर लोकसभा सीट को लेकर चाचा भतीजा पशुपति पारस और चिराग पासवान के बीच मचे घमासान में तीसरे पासवान ने भी एंट्री कर दी है। बिहार के एक युवा नेता इंजीनियर राजकुमार पासवान ने चाचा भतीजा को सख्त जवाब देते हुए कहा है कि हाजीपुर लोकसभा सीट पर न तो पारस और न ही चिराग का अधिकार है। रामविलास पासवान मूल रूप से खगड़िया के रहनेवाले थे और इन लोगों ने जबरन हाजीपुर पर कब्जा जमा लिया। राजकुमार पासवान ने २०१४ में आम आदमी पार्टी के टिकट पर रामविलास पासवान के खिलाफ और २०१९ में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर पशुपति कुमार पारस के खिलाफ चुनाव लड़ा था। राजकुमार का कहना है कि हाजीपुर की जनता ने मुझे न सिर्फ प्यार दिया, बल्कि अपना वोट भी दिया। मैं जीत नहीं पाया लेकिन तीसरे स्थान पर रहा। इस बार मुझे पूर्ण विश्वास है कि हाजीपुर की जनता सिर्फ और सिर्फ मुझे चुनेगी। चिराग पासवान पर तंज कसते हुए इंजीनियर राजकुमार पासवान ने कहा कि चिराग पासवान को न तो बिहार और न बिहार के लोगों से प्यार है, जो नेता बिहार को विशेष राज्य दर्जा देने का विरोध करता हो वह खुद को बिहारी कैसे कह सकता है। बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट एकमात्र ढोंग है। चिराग पासवान को पहले जमुई लोकसभा सीट के मतदाताओं को जवाब देना चाहिए कि पिछले १० साल में उन्होंने जमुई की जनता के लिए क्या-क्या किया?
अजय भट्टाचार्य
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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