मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : बिहार में जातिगत आंकड़े जारी

झांकी : बिहार में जातिगत आंकड़े जारी

अजय भट्टाचार्य

लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में गांधी जयंती के अवसर पर बिहार सरकार ने जाति जनगणना को लेकर डाटा जारी कर दिया है। जाति जनगणना को लेकर बिहार में पिछले कई महीनों से हो-हल्ला हो रहा था। कोई इसका समर्थन कर रहा था तो कोई विरोध कर रहा था। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और इसके बाद फिर पटना हाईकोर्ट ने अंतिम रोक लगा दी। बाद में कई महीनों तक सुनवाई होने के बाद पटना हाईकोर्ट में जाति जनगणना को लेकर पैâसला दिया कि बिहार सरकार का जो पक्ष है वह कानून सम्मत है और बिहार सरकार जातिगत जनगणना करवा सकती है। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हलफनामा दर्ज कर कहा था कि जाति जनगणना करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ केंद्र सरकार के पास है। लेकिन मात्र २४ घंटे के अंदर में केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था। प्रभारी मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने एक किताब जारी की है। उन्होंने कहा कि बिहार में २ करोड़ ८३ लाख ४४ हजार १६० परिवार हैं। इसमें पिछड़ा वर्ग २७.१२फीसदी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग ३६.०१फीसदी, अनुसूचित जाति १९.६५फीसदी, अनुसूचित जनजाति १.६८फीसदी और सामान्य वर्ग १५.५२ फीसदी है। बिहार की आबादी में करीब ८२ फीसदी हिंदू और १७.७ फीसदी आबादी मुसलमानों की है। जातिगत आधार पर कोइरी- ४.२, कुर्मी-२.८, कायस्थ- .६०, मोची,रविदास- ५.२, ब्राह्मण- ३.६५, भूमिहार- २.८६, मुसहर- ३.०८, राजपूत- ३.४५, बनिया- २.३१, मल्लाह- २.६० और यादव- १४.२६ प्रतिशत हैं।

बीआरएस में असंतोष
तेलंगाना चुनाव के लिए ११५ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद से बीआरएस में ऊपर से लेकर नीचे तक असंतोष की लहर दौड़ गई है। सूची से बाहर कई मौजूदा विधायक या तो विद्रोही बन गए हैं या सत्तारूढ़ पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। कई नेता जिन्होंने शुरू में समझौता करने की इच्छा व्यक्त की थी, वे या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या ऐसा करने की कगार पर हैं। उदाहरण के लिए, खानापुर विधायक अजमीरा रेखा नाइक ने कांग्रेस में शामिल होने का पैâसला किया है, हालांकि सटीक तारीख स्पष्ट नहीं है। दूसरी ओर महबूबनगर से एमएलसी कुचुकुल्ला दामोधर रेड्डी के बेटे राजेश रेड्डी पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। कुचुकुल्ला नागरकर्नूल विधानसभा सीट के लिए अपने बेटे की उम्मीदवारी को सुरक्षित करने के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रहे हैं। बीआरएस को सबसे बड़ा झटका मल्काजगिरी के विधायक मयनामपल्ली हनुमंत राव के इस्तीफे से लगा, जिन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का इरादा जताया है। मेंडक और मल्काजगिरी विधानसभा क्षेत्रों में उनके मजबूत राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए, हनुमंत राव के जाने को सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि महबूबनगर के एमएलसी कासिरेड्डी नारायण रेड्डी कांग्रेस में जाने पर विचार कर रहे हैं। उन्हें कलवाकुर्थी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से टिकट की उम्मीद थी, जबकि बीआरएस ने मौजूदा विधायक जयपाल यादव पर भरोसा जताया है। नारायण रेड्डी के जाने से महबूबनगर में बीआरएस के गढ़ को खतरा हो सकता है।

भाजपा में भगदड़
मध्य प्रदेश में सात-सात केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में झोंकने के बाद भी भाजपा में भगदड़ रुकने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पार्टी ने अभी तक यह आश्वासन नहीं दिया है कि उनकी मौजूदा सीट की बजाय उन्हें दूसरी सीट पर लड़ाया जाए। बुधनी से जीत का परचम लहराते रहे शिवराज सिंह को इस बार अपनी ही सीट पर खतरा नजर आ रहा है। इससे मध्य प्रदेश में भाजपा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बहरहाल, पार्टी छोड़नेवालों में नया नाम डॉ. राजेश मिश्र का है जो पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य थे और पार्टी ने इन्हें पश्चिम मध्य रेलवे में क्षेत्रीय उपभोक्ता परामर्श समिति में भी सदस्य बनाया था। पिछले महीने मूत्रकांड के कारण सुर्खियों में आए सीधी जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके डॉ. मिश्र का पार्टी सदस्यता से दिया गया इस्तीफा पिछले एक हफ्ते से हवा में तैर रहा है। उन्होंने पार्टी के जिलाध्यक्ष को संबोधित व संगठन महामंत्री हितानंद को अग्रेसित संक्षिप्त त्यागपत्र में लिखा है कि मैं भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्यों से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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