मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : चैटराती और ट्विटराती

झांकी : चैटराती और ट्विटराती

अजय भट्टाचार्य

जैसे गुजरात के वाशिंदे को गुजराती कहते हैं, वैसे ही गुजरात की राजनीति में इन दिनों चैटराती और ट्विटराती भी जगह बना रहे हैं। समस्या यह है कि भाजपा ने अपने पार्टी सदस्यों को सोशल मीडिया में सक्रिय रहने के निर्देश तो जारी कर दिए, लेकिन इसने कई विवाद पैदा कर दिए हैं। आजकल लोग और राजनेता समान रूप से सोशल मीडिया पर दिखना पसंद करते हैं। राजनेता अपने पिछले फोटो अवसरों की गर्मी महसूस कर रहे हैं, जो उन्हें समय-समय पर परेशान करती रहती है। आसाराम के साथ पिछले वीडियो से लेकर इस्कॉन फ्लाईओवर दुर्घटना के आरोपी के पिता के साथ नवीनतम तस्वीरों तक, भाजपा के दिग्गज नेता बचाव के लिए दौड़ रहे हैं। दागी लोगों के साथ ये तस्वीरें विपक्ष, चैटराती और ट्विटराती के लिए अपनी कहानियों को मसाला देने का चारा बन जाती हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि सचिवालय के कई कार्यालयों में अब फोन की अनुमति नहीं है। एक वरिष्ठ मंत्री के पास कई आगंतुक आते हैं और लोग खुशी-खुशी उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और उनका ऑफिशियल फोटोग्राफर ही तस्वीरें क्लिक करता है और फिर शाम को सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। अब पता चला है कि उन्होंने कई लोगों को मना कर दिया, जो उनके साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे। इसके लिए माफी मांगकर वे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं!

मणिपुर: मोदी भी जिम्मेदार
पिछले लोकसभा चुनाव के समय पुलवामा कांड के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर बिहार कांग्रेस के नेताजी का राष्ट्रवाद जागा और वे फुदककर भाजपा की गोदी में जा बैठे। अब पिछले पांच दिन से उनका भाजपा से इस्तीफा हवा में तैर रहा है, मगर विडंबना देखिए कि गोदी मीडिया के जिन चैनलों पर वे भाजपा की तरफ से दहाड़ा करते थे उन चैनलों पर उनका जिक्र तक नहीं है। जबकि, जब जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक को बाहर का रास्ता दिखाया गया था, तब यही मीडिया अजय आलोक के लिए छाती पीट रहा था। अजय आलोक अब भाजपा के प्रवक्ता के रूप में गोदी मीडिया पर चमक रहे हैं। मणिपुर में हुई हिंसा और महिलाओं के साथ बर्बरता की घटना को लेकर जारी बवाल के बीच बिहार भाजपा के प्रवक्ता विनोद शर्मा का पार्टी से इस्तीफे की खबर गायब है। विनोद शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र भेजा है। इस इस्तीफे के बाद जेडीयू ने चुटकी ली और कहा कि अब तो भाजपा नेता भी अपनी सरकार से लज्जित महसूस कर रहे हैं। इस्तीफे को लेकर पटना में चस्पां पोस्टरों में लिखा गया है कि मणिपुर में बेटियों को नग्न कर भीड़ ने सड़कों पर घुमाया, जिससे पूरे विश्व में हिंदुस्थान शर्मसार हुआ है। इसके लिए मणिपुर में भाजपा के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह जिम्मेदार हैं। उनका बचाव करनेवाले पीएम नरेंद्र मोदी भी उतने ही जिम्मेदार हैं। विनोद शर्मा का कहना है कि इस घटना पर उन्हें आत्मग्लानि हुई और खुद कलंकित महसूस कर रहे हैं इसलिए वे भाजपा और पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। मैं राष्ट्रप्रेम, बेटी बचाओ और भारतीय सनातन संस्कृति का झांसा देनेवाली पार्टी में कार्य कर कलंकित महसूस कर रहा हूं। अगर प्रधानमंत्री मोदी में थोड़ी-सी इंसानियत होती तो तत्काल मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को बर्खास्त कर देते या प्रधानमंत्री पद से खुद इस्तीफा दे देते।

५०% कमीशन सरकार
रविवार को इंदौर से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार का बिगुल बजाकर भाजपा नेता अमित शाह ने पार्टी वैâडर में जान फूंकने की कोशिश की, लेकिन प्रदेश भर में पिछले एक महीने से ५० प्रतिशत वैâश सरकार के पोस्टरों पर उसे जवाब नहीं सूझ रहा है। सूबे के गर्म सियासी में पोस्टर वॉर की पहल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को लेकर हुई थी, जिसमें उन्हें करप्शन नाथ बताया गया था। इसकी शिकायत कांग्रेस ने पुलिस थाने में की थी। कमलनाथ को लेकर पोस्टर किसने लगाए थे, इसका पता आज तक नहीं लग सका। इसके बाद कांग्रेस खुलकर मैदान में कूद गई और भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने नाम और तस्वीर के साथ पोस्टर लगाया, जिसमें क्यूआरकोड के साथ शिवराज सरकार को ५० प्रतिशत कमीशन वाली सरकार बताया। ध्यान रहे कर्नाटक में कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ ४० प्रतिशत कमिशन सरकार अभियान शुरू किया था, जिसकी परिणति कर्नाटक में कांग्रेस की वापसी से हुई। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने जब कमलनाथ के खिलाफ पोस्टर लगाए तो उन्होंने पहचान छुपाई। मगर हम तो सच कह रहे हैं, हमें किसी बात का डर नहीं। शिवराज सरकार ने तो बाबा महाकाल को नहीं छोड़ा। वहां भी भ्रष्टाचार कर डाला।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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