मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : चेन्नीथला नाराज

झांकी : चेन्नीथला नाराज

अजय भट्टाचार्य

नई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) में स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला नाराज बताए जा रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके चेन्निथला सीडब्ल्यूसी सदस्य के रूप में मान्यता पाने की उम्मीद कर रहे थे। उनकी पीड़ा यह है कि १९ साल पहले ही वे इस पद पर थे, जबकि शशि थरूर, जो एक दशक पहले ही कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे, को सीडब्ल्यूसी सदस्य बनाया गया है। पिछले महीने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के निधन के कारण पुथुपल्ली विधानसभा क्षेत्र में होनेवाले उपचुनाव के लिए चल रहे अभियान को देखते हुए चेन्निथला ने इस मामले पर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है। अलबत्ता उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है। केरल कांग्रेस के अंत:पुर से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, वह एक बार फिर अपमानित महसूस कर रहे हैं। इससे पहले उन्हें २०२१ विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष के नेता के पद से वंचित कर दिया गया था। सीडब्ल्यूसी में चेन्निथला को शामिल न किए जाने पर कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने कहा है कि कांग्रेस के पास आंतरिक समस्याओं को बड़े करीने से हल करने की क्षमता है।

यारलागड्डा का अड्डा तेदेपा
आंध्र प्रदेश में २०१९ में हुए विधानसभा चुनाव में गन्नावरम सीट पर वाईएसआर कांग्रेस उम्मीदवार यारलागड्डा वेंकटराव तेलुगुदेसम पार्टी के वल्लभनेनी वामसी मोहन से चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने चुनाव में हार के बाद यारलागड्डा को कृष्णा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का अध्यक्ष बनाया था। पिछले दिनों गन्नावरम से जीते तेदेपा विधायक वल्लभनेनी वामसी मोहन द्वारा सत्तारूढ़ दल को अपना समर्थन दिए जाने के बाद, यारलागड्डा उखड़ गए और बैंक के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। वामसी मोहन जब से वाईएसआर की शान में कसीदे पढ़ने लगे, तब से जगन मोहन रेड्डी ने यारलागड्डा को किनारे लगाना शुरू कर दिया। उनकी शिकायत यह भी थी कि गन्नावरम में उनके अनुयायी पिछले साढ़े तीन वर्षों से गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं को न तो नामांकित पद दिए गए और न ही स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई। इसके बाद यारलागड्डा वेंकट राव ने हैदराबाद में तेदेपा सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू से उनके आवास पर मुलाकात की। तेदेपा महासचिव नारा लोकेश इन दिनों युवा गलाम पदयात्रा पर हैं। पदयात्रा जब गन्नावरम पहुंची यारलागड्डा भी उसमें शामिल हो गए और इस तरह तेदेपा ने वाईएसआर का एक मजबूत चेहरा झटक लिया। तेदेपा में शामिल होने के बाद यरलागड्डा ने कहा कि राजनीति में अस्तित्व के लिए किसी को भी लोगों का प्रतिनिधि होना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें गन्नावरम सीट पर नायडू से कोई आश्वासन मिला है, यारलागड्डा ने कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

गुजरात का फर्जी सीएमओ अफसर
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अफसर, पीएमओ वाईफाई नेटवर्क और एनआईए में अफसर के बाद फर्जीवाड़े का नया अध्याय गुजरात से ही सामने आया है। गुजरात की जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत विभागीय अधिकारी मेहसाणा जिले के उंझा शहर में एक कंपनी का सर्वेक्षण कर रहा था, तो लवकुश द्विवेदी ने उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया और खुद को गांधीनगर में सीएमओ में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए सर्वे बंद कर वहां से निकल जाने को कहा। जीएसटी अधिकारी भी अड़ गया और सीधे पुलिस की अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज करा दी कि द्विवेदी ने धमकी भरे लहजे में संबंधित फर्म के खिलाफ चल रही जांच को बंद करने के लिए कहा। पुलिस ने लवकुश को जब दबोचा तब पता चला कि वह पेशे से ज्योतिषी और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करने वाले पुजारी का कम करने के साथ-साथ वीआईपी को निजी सुरक्षा भी उपलब्ध कराता है। इससे पहले भी उसने अपने राजनीतिक संबंधों का दुरुपयोग किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद, यह पता चला कि जांच के दायरे में आनेवाली कंपनी द्विवेदी के चाचा की थी। द्विवेदी ने खुद को सीएमओ अधिकारी के रूप में इस उम्मीद के साथ पेश किया कि जीएसटी अधिकारी उनके दावे पर विश्वास करेंगे और उनके चाचा की कंपनी के खिलाफ किसी भी कार्यवाही को रोक देंगे।

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