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झांकी : नायडू पर आज फैसला

अजय भट्टाचार्य

आज आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगू देसम पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के लिए महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि राज्य की कौशल विकास निगम घोटाला मामले में उनके खिलाफ एफआईआर को रद्द करने से इनकार करने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना पैâसला सुनाएगा। नायडू को पिछले साल ९ सितंबर को कौशल विकास निगम से कथित तौर पर धन का दुरुपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जब वे २०१५ में मुख्यमंत्री थे, जिससे राज्य के खजाने को ३७१ करोड़ रुपए का कथित नुकसान हुआ था। नायडू ने आरोपों से इनकार किया है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने पिछले साल २० नवंबर को मामले में उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की शीर्ष अदालत की पीठ ने पिछले साल १७ अक्टूबर को नायडू की याचिका पर अपना पैâसला सुरक्षित रख लिया था। उसमें २२ सितंबर २०२३ के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मामले में उनके खिलाफ एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। नायडू ने दलील दी थी कि घोटाला मामले में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी प्राप्त किए बिना उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इसलिए उनकी गिरफ्तारी अवैध थी।

प्रियंका को कोप्पल का न्योता
कोप्पल को कर्नाटक में धान का कटोरा कहा जाता है। कोप्पल के वर्तमान लोकसभा सदस्य भाजपा पार्टी से कराडी सांगन्ना हैं। इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वायरल खबरों से भरे पड़े हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कोप्पल से चुनाव लड़ सकती हैं। ऐसी भी अफवाहें हैं कि एआईसीसी सूत्रों ने स्थानीय कांग्रेस इकाई को सूचित किए बिना सर्वेक्षण किया है और कोप्पल को विकल्पों में से एक मान रहे हैं। एक और चर्चा है कि तेलंगाना एआईसीसी सूत्रों की वैकल्पिक पसंद है। एक्स पर कुछ लोगों ने `कृपया कोप्पल आएं’ हैशटैग के साथ प्रियंका को कोप्पल से चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। यह अलग बात है कि किसी भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इसकी पुष्टि नहीं की है। कांग्रेस सदस्यों का मानना है कि चूंकि दिल्ली विरोधी लहर है, इसलिए कर्नाटक राज्य सरकार की पांच योजनाएं कांग्रेस पार्टी के लिए आगामी लोकसभा चुनावों में फायदेमंद हो सकती हैं। इससे पहले इंदिरा गांधी को कर्नाटक से चुनाव लड़ने के बाद राजनीतिक पुनर्जन्म मिला था, जबकि सोनिया गांधी ने १९९९ में बेल्लारी से चुनाव लड़ा था। यही वजह है कि प्रियंका के चुनाव लड़ने के लिए कोप्पल सबसे अच्छी जगह हो सकती है, जहां सिद्धारमैया का भी बड़ा प्रशंसक वर्ग है। स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अगर प्रियंका गांधी कोप्पल से चुनाव लड़ती हैं तो राज्य भर के कांग्रेस वैâडर में विश्वास पैदा होगा।

नो स्मार्ट फोन प्लीज…
अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या में २२ जनवरी पर लगाए गए पुलिसकर्मियों के लिए जारी आदेश में पुलिसवालों को स्मार्ट फोन इस्तेमाल न करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि पुलिसकर्मी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते वक्त ड्यूटी पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। २२ जनवरी को श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा व राम मंदिर का उद्घाटन होना है। संवेदनशील इलाके और महत्वपूर्ण स्थान पुलिस की गहन निगरानी में हैं और कार्यक्रम पूरा होने तक निगरानी में कोई ढील नहीं होगी। अयोध्या ड्यूटी पॉइंट पर लगे पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई है कि बिना जरूरत मोबाइल फोन पर बात करने से भी बचें। इसके साथ ही अयोध्या में जर्जर चिकित्सा सुविधा से निपटने के लिए प्रदेशभर के डॉक्टर व फार्मासिस्टों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। अयोध्या में चिकित्सकों की कमी देखते हुए प्रदेश के सात जिलों से ७५ फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगाई गई। विभिन्न जिले से १०० से अधिक चिकित्सकों की सूची भी तैयार की जा रही है। समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कुंभ की तर्ज पर तैयारियां करने के निर्देश दिए थे। रायबरेली के सर्वाधिक १५, उन्नाव के १२, लखनऊ, सीतापुर, व हरदोई के १०-१०, सिद्धार्थनगर के ७, बस्ती के ५, लखीमपुर खीरी व संतकबीरनगर के ३-३ अयोध्या भेजे जा रहे हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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