मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : जाको रखे साईयां....!

झांकी : जाको रखे साईयां….!

अजय भट्टाचार्य

सूरत के डुमास तट से दस समुद्री मील दूर गणेश विसर्जन के दिन समुद्र तट पर अपने भाई को बचाने की कोशिश में बह गया १४ साल का लखन चमत्कारिक ढंग से बच गया है। उसको गणेश की मूर्ति को रखने के लिए इस्तेमाल किए गए लकड़ी के तख्ते से चिपका हुआ पाया गया। लखन अपने छोटे भाई करण (१२ ) और बहन अंजलि (८) और दादी सेवंताबेन देवीपूजक के साथ समुद्र तट पर खेल रहे थे, तभी तेज लहरें दोनों लड़कों को समंदर में खींच ले गर्इं। लखन पहले करण को पकड़कर किनारे लाने में कामयाब रहा, तभी अचानक तेज लहर ने उसे वापस समुद्र में खींच लिया। अगले दिन दोपहर ३ बजे के आसपास नवसारी भट गांव के एक मछुआरे रसिक तांडेल अपने सहायकों के साथ तट से दूर एक नाव पर थे, तभी कुछ ही दूरी पर उनको कुछ नजर आया। करीब जाने पर उन्होंने देखा कि कोई हाथ हिला रहा है। तांडेल ने उसके लिए रस्सी फेंकी और उसे नाव पर खींच लिया। रविवार सुबह करीब ४ बजे रसिक तांडेल की नाव बंदरगाह पर पहुंची। डॉक्टरों ने लखन की जांच की। अपने माता-पिता से मिलने के बाद उसे निराली अस्पताल ले जाया गया, जहां एक दिन के लिए निगरानी में रखा गया। लखन के पिता विकास देवीपूजक ने उसके जीवित मिलने की उम्मीद खो दी थी। वे अंतिम संस्कार करने के लिए उसके शव की तलाश करते रहे। जब उसे देखा, तो सब अवाक रह गए और बस रो पड़े।

मामा की विदाई तय
मध्य प्रदेश भाजपा के अंदरखाने इस बात पर गहन मंथन हो रहा है कि पार्टी की गुजरात लॉबी कांग्रेस से ज्यादा मोदी के लिए भविष्य में चुनौती बननेवाले नेताओं को भी निपटाने में लगी है। शायद वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी समझ गए हैं या समझ रहे हैं कि अब उनकी भी विदाई का वक्त आ गया है। उनके भाषणों से यह आभास हो रहा है कि यदि मध्य प्रदेश में भाजपा जीत भी गई तो मुख्यमंत्री पद उन्हें मिलने वाला नहीं है। चौहान की उम्मीदवारी की अब तक उनकी पार्टी ने घोषणा नहीं की है। पार्टी ने आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में किसी मुख्यमंत्री पद के चेहरे के साथ नहीं जाने का भी पैâसला किया है। बीते सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्वालियर में अपनी जनसभा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ चौहान का नाम लिया। इस पर कांग्रेस ने चौहान पर कटाक्ष करते हुए पूछा था कि मोदी ने राज्य की अपनी पिछली यात्रा के दौरान उनका नाम क्यों नहीं लिया था? इससे दो दिन पहले खरगोन में एक सभा में शिवराज ने कहा था कि, ‘मुझे किसी पद का कोई लालच नहीं है। मैं यह सरकार सिर्फ इसलिए चलाता हूं ताकि मैं राज्य की महिलाओं और बच्चों के काम आऊं। मैं हर किसी की मदद करने के लिए काम कर रहा हूं। तुम्हें मेरे जैसा भैया नहीं मिलेगा, जब मैं चला जाऊंगा तो तुम्हें मेरी याद आएगी।’ दरअसल, जब से नरेंद्र तोमर, वैâलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल की विधानसभा उम्मीदवारी घोषित हुई है, तभी से यह कहा जाने लगा है कि राज्य में अब भाजपा की राजनीति में शिवराज सिंह के दिन लद गए हैं।

लालू परिवार को जमानत
नौकरी के बदले जमीन मामले में लालू प्रसाद यादव, राबडी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारती को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बिहार में राजद समर्थकों का जोश उफान पर है। उनके लिए यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में लालू के परिवार को जमानत देने का विरोध किया। सीबीआई का कहना था कि अगर लालू के परिवार को जमानत दे दी जाती है तो यह लोग केस को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन अदालत ने सीबीआई की बात को मानने से इनकार कर दिया। दरअसल, इस घटनाक्रम से भाजपा की बिहार इकाई का सारा प्रचारतंत्र ढह गया, जो यह दावा कर रहा था कि चुनाव आते-आते लालू परिवार जेल में होगा। राजनीति में ऐसी अफवाहें विरोधी दल के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए पैâलाई जाती हैं। झटका सीबीआई को भी लगा है कि आका की मर्जी के मुताबिक, लालू को फिर जेल नहीं पहुंचा सकी है। इस निर्णय से एक दिन पहले ही लालू ने कहा था, ‘सुनवाइयां होती रहती हैं, हमने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिससे हमें डरना प़ड़े।’

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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