मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : १९७७ में मिली आजादी...!

झांकी : १९७७ में मिली आजादी…!

अजय भट्टाचार्य

झांसे की रानी बोली थीं कि असली आजादी मई २०१४ में आई थी। तब किसी ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी क्योंकि सबको पता था कि झांसे की रानी ने व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी से इतिहास में टॉप किया है। अब देशभक्त पार्टी के बिहार राज्य के मुखिया ने कहा है कि देश १९४७ में नहीं बल्कि १९७७ में आजाद हुआ था। वैसे जिस पर बोलना चाहिए था उस पर वे कोई प्रवचन नहीं दिए। मौका था पटना के विद्यापति भवन में सनातन संस्कृति चेतना समिति के द्वारा आयोजित गोस्वामी तुलसीदास के जयंती समारोह का जिसमें शामिल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, मिथिलेश तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सम्राट चौधरी बोले कि मैं १९४७ में देश को आजाद नहीं मानता हूं। मेरा मानना है कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति के बाद १९७७ में गठित सरकार से ही सही मायनों में देश को आजादी मिली। अब चौधरी के इस बयान ज्ञान पर चर्चा शुरू हो गई है। आयोजन समिति के अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी के भीतर का ब्राह्मण जागा तो उन्होंने सम्राट चौधरी की क्लास लगा दी। बोले कि आधे-अधूरे ज्ञान वाले राजनेता तुलसीदास की कृतियों पर ओछा बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। हम आजादी के लिए सबसे पहले बलिदान देने वाले मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद और लक्ष्मी बाई हैं तो चंद्रगुप्त के चाणक्य और आर्यभट्ट भी हैं।

कल दीदी जलसा में
कल रक्षाबंधन के दिन दीदी मतलब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अमिताभ बच्चन के घर पर जाएंगी। इसके लिए जया बच्चन ने उन्हें आमंत्रित किया था। इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुंबई आ रही हैं और इस दिन ही रक्षाबंधन का त्योहार भी है। इस दिन वे अमिताभ बच्चन को राखी बांध सकती हैं। मुंबई पहुंचते ही ममता बनर्जी एयरपोर्ट से सीधे जुहू स्थित अमिताभ बच्चन के निवास स्थान ‘जलसा’ में जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि पिछली बार बांग्ला फिल्म फेस्टिवल में अमिताभ बच्चन बतौर मुख्य अतिथि आए थे और उनके साथ अभिनेत्री व सपा की सांसद जया बच्चन भी थीं। बंगाल के राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, ममता का अमिताभ बच्चन के आवास पर जाना महज शिष्टाचार या राखीबंधन तक सीमित नहीं है। जया बच्चन का राज्यसभा में कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के फिलहाल १०८ विधायक हैं। इस संख्या के कारण जया के लिए राज्यसभा में वापसी मुश्किल है। ऐसे में बच्चन परिवार और तृणमूल दोनों ही जया को बंगाल से उम्मीदवार बनाने में रुचि रखते हैं। अप्रैल में बंगाल की चार राज्यसभा सीटों (शांतनु सेन, अबीर रंजन विश्वास, नदीमुल हक और सुभाशीष चक्रवर्ती) पर भी मतदान होगा। उस चुनाव में जया को तृणमूल से उम्मीदवार बनाने को लेकर भी पार्टी के कुछ सांसदों में दिलचस्पी है। हाल के राज्यसभा चुनावों में तृणमूल ने शांता छेत्री और सुष्मिता देव को दोबारा नामांकित नहीं किया। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि सभी चार लोगों को अप्रैल में फिर से नामांकित किया जाएगा।

लाइव लैंडिंग का फटका
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में चंद्रयान-३ की लैंडिंग का लाइव टेलिकास्ट नहीं करनेवाले करीब दर्जन भर स्कूलों को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। सभी की एक दिन की पगार रोकने के आदेश जारी कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। सरकार के निर्देश पर पहली बार हमीरपुर जिले के प्राइमरी स्कूलों में चंद्रयान-३ की लैडिंग का सजीव प्रसारण बच्चों को दिखाए जाने के लिए बेसिक शिक्षा डिपार्टमेंट ने बड़े इंतजाम किए थे। सभी विद्यालयों के हेडमास्टर को निर्देश था कि शाम ५ बजे से ६.१५ बजे तक स्कूलों को खोला जाए। बच्चों को चंद्रयान के चांद की सतह पर उतरने का कार्यक्रम दिखाए जाएं। चंद्रयान-३ की लैंडिंग का लाइव कार्यक्रम तमाम स्कूलों में दिखाया गया, लेकिन कुछ स्कूल बंद पाए गए। सुमेरपुर कस्बे में ही दो स्कूल बंद पाए गए जबकि एक स्कूल को रसोइया ने तो खोल रखा था, लेकिन चंद्रयान-३ की लैडिंग का सजीव प्रसारण नहीं दिखाया गया। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय आदेश के बाद भी बंद मिला। इसके अलावा कंपोजिट उच्च प्राथमिक स्कूल के बगल में कन्या प्राथमिक विद्यालय में भी ताला नहीं खोला गया। यहां चंद्रयान-३ की लैडिंग का लाइव कार्यक्रम देखने आए बच्चे बाहर खड़े रहे। कुल १२ विद्यालयों के कर्मचारियों के एक दिन की पगार काटने का फरमान जारी हुआ है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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