मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : नानी नाराज, बेटी का इस्तीफा

झांकी : नानी नाराज, बेटी का इस्तीफा

अजय भट्टाचार्य

विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी श्रीनिवास (नानी) की बेटी केसिनेनी श्वेता ने विजयवाड़ा नगरनिगम (वीएमसी) के नगरसेवक पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वो जल्द ही तेलुगू देसम पार्टी से भी इस्तीफा देंगी। मेयर रायना भाग्य लक्ष्मी को अपना त्यागपत्र सौंपने वाली श्वेता ने विजयवाड़ा शहर में ११वीं डिविजन से जीत हासिल की थी। अगर निगम में तेदेपा को बहुमत मिला होता तो श्वेता मेयर पद के लिए एक मजबूत दावेदार थीं। श्वेता के इस्तीफे के पीछे यह रहस्य है कि उनके पिता नानी को विजयवाड़ा लोकसभा सीट से दोबारा चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया जाएगा। नानी विजयवाड़ा से दो बार सांसद हैं। कुछ दिन पहले पार्टी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने नानी को पार्टी की गतिविधियों में हस्तक्षेप न करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद नानी ने तेदेपा छोड़ने का फैसला किया था। इससे पहले श्वेता ने विजयवाड़ा के पूर्व विधायक गद्दे राममोहन से मुलाकात की। कथित तौर पर उन्हें जल्दबाजी में कोई निर्णय न लेने के लिए कहा गया था। हालांकि, वे नहीं झुकीं और पार्षद पद छोड़ दिया। पार्षद पद से इस्तीफा सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए श्वेता ने कहा कि उन्होंने टीडीपी से इस्तीफा देने के बारे में कभी नहीं सोचा था। लेकिन पार्टी नेतृत्व के उदासीन रवैए के कारण मुझे यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। खबर है कि नानी हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुईं और शर्मिला के संपर्क में हैं।

गोदीवीर
मामा का दुखड़ा सोशल मीडिया पर वायरल है कि मुख्यमंत्री पद से हटते ही उनकी तस्वीर भाजपा के पोस्टरों से ‘ीक उसी तरह गायब है, जैसे गधे के सिर से सींग। कभी मामा के आगे खींसें निपोरते रहे मध्य प्रदेश के वर्तमान वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के एक बयान से भाजपा की भीतरी राजनीति में खलबली मची हुई हैै। छतरपुर में मीडिया के साथ गप्पेबाजी करते हुए अहिरवार ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री को देखो, पूर्व मुख्यमंत्री ने न जाने कितनों को गोद लिया था इसलिए तो उनका यह परिणाम है। पूर्व मुख्यमंत्री सिर्फ गोद लेते थे, करते कुछ नहीं थे। इस पर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि अहिरवार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाना बना रहे थे, वहीं भाजपा का तर्क है कि राज्यमंत्री का निशाना कमलनाथ थे। बड़ा मलेहरा कभी उमा भारती का विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था, जिसे सितंबर २०२२ में शिवराज सिंह चौहान ने गोद लिया था। इसकी घोषणा उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की थी। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अपने नेता और १८ साल के अपने शासन को कोस रहे हैं। मलहरा को शिवराज जी ने गोद लिया था, कांग्रेस के सीएम ने नहीं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह को संबोधित करते हुए लिखा कि कांग्रेस आपको घोषणावीर कहती रही, भाजपा ने आगे निकलकर आपको गोदीवीर बता दिया।

मान न मान, खान मेहमान!
एक तरफ राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या में होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए उन्हें भी निमंत्रण दे रहा है, जो इसे राजनीतिक तमाशा बताकर जाने से मना कर रहे हैं। दूसरी तरफ राजद के बड़े-बड़े नेता अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और रामचरितमानस को लेकर रोज मीडिया में विवादित बयान दे रहे हैं। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के खासमखास मंत्री जमा खान ने बड़ा एलान कर दिया है कि वे २२ जनवरी को अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाने वाले हैं। खान के मुताबिक, हमको, आपको और सबको जाना चाहिए। इसमें गलत क्या है। भगवान राम इस देश के सभी नागरिकों के आराध्य हैं। राजद या भाजपा के किसी भी नेता का नाम लिए बिना खान ने कहा कि कुछ लोग इस देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बिगाड़ना चाहते हैं। हम ऐसे लोगों से आग्रह करते हैं कि कृपया विवादित बयान न दिया जाए। कोई भी आदमी अगर किसी भी धर्म को लेकर बयान दे रहा है तो उन्हें सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था उससे जुड़ी होती है। राम मंदिर को लेकर विवादित बयान देने के कारण बिहार के शिक्षामंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के खिलाफ पटना कोतवाली में केस दर्ज करवाया गया है। वैसे पते की बात यह है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण न तो खान को मिला है और न ही उनकी पार्टी के सबसे बड़के नेता को! यह तो वही बात हुई कि मान न मान, खान मेहमान!!
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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