मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : हिस्सेदारी में ईमानदारी

झांकी : हिस्सेदारी में ईमानदारी

अजय भट्टाचार्य

अब बाबाजी के रामराज्य की नई कथा पर ध्यान दें। पार्टी के सबसे बड़े नेताजी जहां मौका मिलता है भ्रष्टाचार पर लंबा चौड़ा भाषण फेंक देते हैं। बाबाजी अपने प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का जयकारा लगाते हुए दावा करते हैं कि सभी सरकारी अफसर/ क्लर्क/ चपरासी एकदम ईमानदार हो गए हैं। इतने ईमानदार कि हफ्तावसूली का भी ईमानदारी से लेखा-जोखा रखते हैं और बिना किसी कमीशन के उचित लाभार्थी (मतलब हिस्सेदार) तक रकम पहुंचा भी देते हैं। गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर पुलिस स्टेशन की वसूली की सूची पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें पुलिस के ईमानदार वसूली अभियान का पूरा हिसाब-किताब है। मजे की बात यह है कि इस वसूली में भाजपा के युवा नेता और दो पत्रकारों को भी हिस्सा मिलता है। सूची के अनुसार, हेड कांस्टेबल संजय राघव को मिलने वाले २.२० लाख रुपयों में जेवर थाने के कोतवाल को दिए जाने वाले दो लाख रुपए शामिल हैं। इसमें नीमका चौकी इंचार्ज, दारोगा अंजुल सोढ़ी, भाजपा युवा नेता मीनू गर्ग, लोकल कोतवाल, ११२ नं सेवा, एसीपी और उनके ड्राईवर को दी जानेवाली रकम दर्ज है। मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी से रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल एक चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया है।

लुलू प्रयोगशाला
ये श्री श्री अभिमन्यु सनातनी जी हैं, जो महिला के वेश में मॉल के बाथरूम में वीडियो बना रहे थे। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताए जा रहे हैं। इन्होंने कोच्चि के लुलू में मॉल स्थित महिलाओं के बाथरूम में वैâमरा फिट कर दिया था। उनके इस विलक्षण कार्य को देखते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता में उल्लेखित उचित धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अभिमन्यु, बाथरूम के पास संदिग्ध गतिविधि करते नजर आया था। शक के आधार पर मॉल के सिक्योरिटी गार्ड ने पूछताछ की। पहले उसने खुद को लेस्बियन (महिला समलिंगी) बताकर बचने की कोशिश की। फिर पुलिस बुलाई गई। पता चला कि अभिमन्यु ने बाथरूम में एक वैâमरा फिट किया हुआ है, जिसका रिकॉर्डिंग मोड ऑन मिला। लगता है भक्तों ने दुनिया भर में नाक कटाने की कसम खाई हुई है। अभिमन्यु ने महिला टॉयलेट में वैâमरा लगाने के लिए एक समुदाय विशेष में पहननेवाली महिलाओं का बुर्का इस्तेमाल किया। यह जांच का विषय है कि अभिमन्यु महिला प्रसाधन गृह में बुर्का पहनकर क्यों जासूसी वैâमरे लगा रहा था? खासतौर पर बुर्का पहनकर! एक साल पहले लखनऊ स्थित लुलू मॉल में नमाज को लेकर बवाल हुआ था। क्या लुलू मॉल भी राजनीति की नई प्रयोगशाला बन रहा है?

माल बिना कमाल
कहते हैं कि माल है तो ताल है मगर मामाजी के रामराज्य में बिना माल के कमाल है। सतना में गेंहू खरीदी में हेरफेर का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ५७ लाख रुपए का २,६८१ क्विंटल गेहूं बिना खरीदे ही पोर्टल पर ट्रांसपोर्टिंग के लिए उपलब्ध बता दिया। जब इसकी जांच की गई तो ८ मई-२० मई २०२३ के बीच १८ किसानों के नाम पर फर्जी फंडिंग पाई गई। सतना के एक स्व सहायता समूह ने २,६८१ क्विंटल गेहूं खरीदे बिना ही ५७ लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने इस मामले में १५ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इस मामले में नौ महिलाओं समेत ११ आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। सतना जिले के सुलखमा गांव के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित अरगट में खोले गए गेहूं उपार्जन केंद्र के संचालन का जिम्मा सुलखमा के लक्ष्मी स्व सहायता समूह को दिया गया था। मगर, समूह की अध्यक्ष आशा यादव ने ५७ लाख रुपए का २ हजार ६८१ क्विंटल गेहूं बिना खरीदे ही पोर्टल पर ट्रांसपोर्टिंग के लिए उपलब्ध बता दिया। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर और सदस्यों से सांठ-गांठ करके पूरा हेरफेर किया। जब इसकी जांच की गई तो ८ मई-२० मई २०२३ के बीच १८ किसानों के नाम पर फर्जी फंडिंग पाई गई। इसमें से १० किसानों के खातों में पैसे भेज गए थे, जबकि गेहूं कभी खरीदा ही नहीं गया था।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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