मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी: ससुराल में लालू का धमाल

झांकी: ससुराल में लालू का धमाल

अजय भट्टाचार्य

पिछले दिनों गोपालगंज जिले के फुलवरिया स्थित अपनी ससुराल पहुंचते ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के अंदाज से ससुराल के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। कार से पत्नी राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेज प्रताप यादव उतर गए। राबड़ी देवी के कहने पर लालू प्रसाद गाड़ी से उतरने से यह कहकर इनकार कर दिया कि जब तक कोई साला नहीं आएगा तब तक नहीं उतरेंगे। यह सुनते ही लोग ठहाके लगाने लगे और पल भर में उनके साले प्रभुनाथ यादव और पड़ोस के कई साले आकर उनको दूल्हे की तरह आग्रह कर गाड़ी से उतार कर घर ले गए। लालू प्रसाद दो दशक के बाद ससुराल पहुंचे थे। अपने ससुर शिव प्रसाद चौधरी के निधन में भी लालू यादव नहीं पहुंच पाए थे। इसके अलावा सास महराजो देवी का निधन पांच अक्टूबर २०१५ को हुआ था, उसमें भी लालू प्रसाद नहीं पहुंचे थे। बीच में राजनीतिक कारणों से ससुराल के लोगों से दूरी भी बढ़ी। ग्रामीणों ने गांव के दामाद का आव-भगत किया, जिससे लालू यादव गदगद दिखे।

ईडी को झटका

भोपाल में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा ई-टेंडर अनियमितताओं के संबंध में दर्ज की गई एक एफआईआर में मंटेना ग्रुप के प्रमोटर एमएस राजू पर शामिल होने का आरोप लगाया गया था। ईओडब्ल्यू का अपना मामला अदालत में टिक नहीं सका और ई-टेंडर मामले के सभी आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया। मजे की बात देखिए कि ईओडब्ल्यू की इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मैक्स मंटेना के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और अपने आका को खुश करने के लिए तेलंगाना में लीला शुरू कर दी। पीड़ित पक्ष हैदराबाद हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने मैक्स मंटेना के खिलाफ ईडी की कार्यवाही को रद्द कर दिया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एम. लक्ष्मण ने इस कार्रवाई को कानून का संभावित दुरुपयोग बताया। अदालत ने तय किया कि कार्यवाही जारी रखना याचिकाकर्ता के खिलाफ अन्याय को जारी रखने के समान होगा, क्योंकि केवल संदेह ही अपराध स्थापित करने का आधार नहीं हो सकता। ईडी के दावे ईओडब्ल्यू भोपाल द्वारा १० अप्रैल, २०१९ को दर्ज की गई एफआईआर में निहित थे, जिसमें ई-टेंडर प्रक्रियाओं में अनधिकृत पहुंच और हेरफेर का आरोप लगाया गया था। मामला सिंचाई विभाग के १,०३० करोड़ रुपए के टेंडर से जुड़ा था, जिसमें मैक्स मंटेना ने हिस्सा लिया था। जबकि ईडी ने २०१६ से ८०,००० करोड़ रुपए के डिजिटल हस्ताक्षरों के दुरुपयोग और टेंडर में धांधली का आरोप लगाया था।

चांडी की बड़ाई में नौकरी गंवाई

केरल के पुथुपल्ली में पिछले १३ साल से पशु चिकित्सालय में सफाईकर्मी के रूप में काम कर रही सथियाम्मा को दिवंगत मुख्यमंत्री ओमन चांडी की प्रशंसा करने के कारण उसे काम से बर्खास्त कर दिया गया। १८ जुलाई को चांडी के निधन के बाद पुथुपल्ली के लोग ५ सितंबर को एक नए विधायक का चुनाव करने जा रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, निर्वाचन क्षेत्र में अभियान तेज होता जा रहा है। एक दर्जन से अधिक खबरिया टीवी चैनल आगामी चुनाव पर दैनिक चुनाव संबंधी समाचार बहस आयोजित कर रहे हैं। इसी क्रम में बतौर मतदाता किसी चैनल को सथियाम्मा ने बताया था कि कैसे चांडी ने उनके परिवार की मदद की है। जब उनके बेटे का निधन हो गया और उनकी बेटी की शादी के दौरान चांडी ने उनके परिवार की मदद की थी। इसलिए इस बार वह चांडी के बेटे के प्रति कृतज्ञता के तौर पर वोट करेंगी। यह खबर प्रसारित होने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बाद में, उन्होंने मीडिया से कहा कि चांडी ने उन्हें और उनके परिवार को जो मदद दी, उसके बारे में बात करना उनकी एकमात्र गलती थी। सथियाम्मा की बर्खास्तगी की खबर आम होने के बाद उपचुनाव के लिए कांग्रेस की कमान संभाल रहे अनुभवी कांग्रेस विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन सथियाम्मा के घर पहुंचे और कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए उसके साथ खड़े रहेंगे कि उसे उसकी नौकरी वापस मिल जाए। यह एहसास होने के बाद कि यह निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ी खबर बन गई है, अधिकारी यह कहकर अपनी कार्रवाई का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाफ यह निर्णय एक स्वाभाविक प्रक्रिया थी क्योंकि वह बाहर काम कर रही थीं।

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