मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी: बैठक का संदेश, पनौती की पनौती

झांकी: बैठक का संदेश, पनौती की पनौती

अजय भट्टाचार्य

बैठक का संदेश

राजस्थान में मतदान के बाद सोमवार को जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एंव प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक चुनावी रणनीति की समीक्षा से ज्यादा नए प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के गुणगान में व्यस्त रही। प्रभारी अरुण सिंह ने हर चुनावी मोर्चे चुनावी प्रबंधन,आवास विकास, मॉनिटरिंग, चुनाव प्रबंधन टीम और मीडिया सेंटर को लेकर जोशी की तारीफों के पुल बांधे और भाजपा के प्रचंड बहुमत से सत्ता में आने की भविष्यवाणी कर दी। तारीफ से गदगद जोशी भी सेमीफाइनल जीतने और फायनल की तैयारी तक पहुंच गए। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने जोशी के पगफेरे के राजस्थान के चुनावी समर में जान फूंकनेवाला वाला बताते हुए कहा कि जीत का सेहरा जोशी को बंधना तय है। बैठक में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रवण सिंह बागड़ी, प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा और पूर्व राज्यसभा सांसद रामकुमार वर्मा भी मौजूद थे। नहीं थे तो पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। अब अगर पार्टी हार गई तो कम से कम उसका ठीकरा भी जोशी के ही सर फूटेगा। महारानी ने बैठक में न आकर बिना बोले बड़ा संदेश दे दिया है। दूसरी तरफ जोशी की जय-जयकार करके पार्टी ने महारानी को भी मौन संदेश दिया है।

पनौती की पनौती

पनौती शब्द का अर्थ अपशगुन माना जाता है लेकिन चित्रवूâट जिले के पहाड़ी ब्लॉक के गांव का नाम ही `पनौती’ है। यहां मिट्टी की खुदाई में दबकर महिलाओं की हर साल होनेवाली मौतों को भी पनौती ही क्यों न मान लिया जाए? पनौती व आस-पास के कई गांवों की महिलाएं इस क्षेत्र की पीली मिट्टी खाने की शौकीन हैं, यहां की ल़ड़कियों को शादी के बाद में विदाई के वक्त दहेज के साथ मिट्टी भी दी जाती है ताकि ससुराल में उन्हें परेशानी न हो। हां, यह बात दीगर है कि इस मिट्टी के चक्कर में पचास से ज्यादा महिलाएं अपनी जान गवां चुकी हैं। गांव की कुल आबादी २,१९७ है। पनौती गांव पयस्विनी नदी के एकदम किनारे बसा है। किंवदंति है कि पौराणिक काल में पयस्विनी में पानी के बजाय दूध की धारा बहती थी, इसलिए वही सोंधी महक यहां की मिट्टी में बस गयी है। लिहाजा महिलाएं (खासकर गर्भवती) इसे खाती हैं और यहां की लड़कियों को ससुराल जाते वक्त मिट्टी अवश्य दी जाती है। यह परंपरा अभी तक जारी है। इसीके साथ पनौती की पनौती यह भी है कि नदी के किनारे के टीलों के नीचे मिट्टी-खोदते वक्त टीला धंसकने से अब तक पचास से ज्यादा महिलाओं की जान जा चुकी है। पनौती एक ग्राम पंचायत है। यह गांव बहुत प्राचीन है। यहां ९० के दशक में खुदाई के वक्त काफी सिक्के मिले थे जिनकी लिपि बड़ी दुर्लभ थी।

सायोनारा जापान वाया अयोध्या

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट को बढ़ावा देने के लिए जापान दौरे से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रामलला का आशीर्वाद लेने अयोध्या में मत्था टेकने पहुंचे थे। राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में कई लोगों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि इस यात्रा को गुप्त रखा गया था। पटेल ने न केवल आशीर्वाद मांगा बल्कि राम मंदिर आनेवाले धार्मिक पर्यटकों के लिए एक भव्य `यात्री भवन’ के निर्माण की भी घोषणा कर गए। राम मंदिर भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, जो अगले साल संसदीय चुनावों से पहले इसे भुनाने की योजना बना रही है। अगले साल २२ जनवरी को मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी अवध प्रदक्षिणा के बाद भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में मुख्य सचिव राज कुमार समेत एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार की सुबह जापान पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल की टीम में मोना खंडार का न होना कई सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि उन्होंने २०१९ से २०२२ तक जापान में टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में अर्थशास्त्र और वाणिज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है। राज्य में लौटने पर, उन्हें प्रमुख सचिव वित्त नियुक्त किया गया। उन्हें इस साल की शुरुआत में गुजरात में आयोजित जी-२० शिखर सम्मेलन की जिम्मेदारी भी दी गई थी। गलियारों में इस बात को लेकर कानाफूसी हो रही है कि उन्हें प्रतिनिधिमंडल में क्यों शामिल नहीं किया गया जबकि वे जापानी अधिकारियों के साथ अच्छा समन्वय सुनिश्चित कर सकती थीं, जिससे राज्य को मदद मिलती। कहा जा रहा है कि खंडार का अपने वरिष्ठों के साथ अच्छा तालमेल नहीं है, इसलिए उन्हें किनारे कर दिया गया।

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