मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : राम दुआरे कांग्रेस

झांकी : राम दुआरे कांग्रेस

अजय भट्टाचार्य

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भले राम मंदिर उद्घाटन सत्र के न्योते के आधार पर अयोध्या न जाने का निर्णय लिया हो, लेकिन इस मुद्दे पर पार्टी यह सावधानी भी बरत रहीं है कि भाजपा और उसके जेबी संगठन उसे राम विरोधी घोषित करें, पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई मकर संक्रांति के अवसर पर अयोध्या में रामलला के द्वार पहुंची। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरयू में स्नान किया और भगवान को आस्था का प्रतीक बताया। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने पार्टी नेताओं अविनाश पांडे, दीपेंद्र हुड्डा, अखिलेश प्रताप सिंह के साथ अयोध्या में सरयू नदी में डुबकी लगाई। दीपेंद्र सिंह हुड्डा के अनुसार भगवान राम हमारी आस्था के प्रतीक हैं। राम सबके हैं, भगवान राम हर व्यक्ति के भीतर हैं। यह पहली बार नहीं है, जब मैं अयोध्या आया हूं। मैं एक साल पहले रामलला की पूजा करने के लिए यहां आया था। इस मौके पर कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भाजपा नेताओं पर जुबानी हमला करने से नहीं हिचकीं और बोलीं हम रामलला के दर्शन के लिए आए हैं; इसे `राजनीतिक’ कहना भाजपा की गलती है। सच तो ये है कि भाजपा धर्म के नाम पर गंदी राजनीति कर रही है। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने भी डुबकी लगाकर रामलला के दर्शन किए।

आज सिहोर में मंथन
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के दिग्गज पदाधिकारी आज गुरुवार को अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में आगामी बड़े पैâसलों की जमीन तैयार होगी। साथ ही प्रदेश की २९ लोकसभा सीटों में से एक दर्जन से अधिक सीटों पर नए चेहरे उतारने को लेकर मंथन किया जाएगा। सिहोर के एक रिसोर्ट में हो रही इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कोर ग्रुप के कुछ सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद संघ और भाजपा को जो फीडबैक मैदानी स्तर से मिला है इसी को ध्यान में रखते हुए लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में उन सीटों पर भी चर्चा होगी, जहां सत्ता संगठन के नेताओं से संबंधित क्षेत्रों के जिताऊ प्रत्याशियों का फीडबैक मांगा गया है। भाजपा हाईकमान ने ७ सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा था, इसमें से ५ सांसद चुनाव जीत चुके हैं। मंडला और सतना सांसद विधानसभा चुनाव में पराजित हो गए हैं इसलिए माना जा रहा है कि इस बार सातों सीटों पर नए चेहरे सामने आएंगे। इनके अलावा करीब आधा दर्जन संसदीय क्षेत्र भी हैं, जहां बदलाव संभावित माना जा रहा है। इनमें भोपाल, सागर, मंदसौर, रीवा और राजगढ़ संसदीय क्षेत्र भी हो सकते हैं।

चंद्रचूड़ करेंगे नायडू पर निर्णय
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व तेलुगू देसम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू की याचिका सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ द्वारा अलग-अलग पैâसला देने के बाद यह मामला अब मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ देखेंगे। पीठ ने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया है। याचिका में चंद्रबाबू नायडू ने कौशल विकास घोटाले के मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला त्रिवेदी के पैâसले में सहमति नहीं बन पाई। जस्टिस बोस और त्रिवेदी की पीठ पीसी एक्ट की धारा १७ए के लागू होने को लेकर सहमत नहीं हो सकी। इस धारा के तहत जांच शुरू करने से पहले मंजूरी लेने का प्रावधान है। जस्टिस बोस का मानना था कि तेदेपा चीफ चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले मंजूरी ली जानी चाहिए थी, जबकि जस्टिस त्रिवेदी का मानना था कि इस मामले में पीसी एक्ट की धारा १७ए लागू नहीं होती है। ऐसे में उन्होंने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। २०१६ में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को कौशल्य प्रशिक्षण देने के लिए आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना कर ३,३०० करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के लिए सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया लिमिटेड और डिजाइन टेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के साथ करार किया। इस प्रोजेक्ट के तहत सीमेंस ने राज्य में छह एक्सिलेंस सेंटर स्थापित किए थे। आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए चंद्रबाबू नायडू ने फंड का गलत इस्तेमाल किया था, जिससे सरकारी खजाने को ३७१ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

अन्य समाचार