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झांकी : राम नाम घोटाला

अजय भट्टाचार्य

अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन अब तीन दिन दूर है। इस बीच कुछ लोग राम के नाम पर घोटाला कर रहे हैं। कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां ‘राम मंदिर का प्रसाद’ होने का दावा करते हुए खुले आम लड्डू बेच रही हैं। इतना ही नहीं कुछ वेबसाइट्स पर तो भगवान राम के नाम पर टीशर्ट जैसी मर्चेंडाइस तक बेची जा रही हैं। एक ई-कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट पर २९९ रुपए में २५० ग्राम श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद लड्डू बेचे जा रहे हैं। लड्डू के पैकेट पर छोटे-छोटे अक्षरों में लिखा है कि यह प्रसाद अमावा राम मंदिर का है, जो अयोध्या में ही स्थित है। इसके अलावा देशी घी से बने बूंदी के लड्डू भी श्री राम मंदिर अयोध्या का प्रसाद बताकर बेचे जा रहे हैं। कुछ लोग अयोध्या का प्रसाद होने का दावा करते हुए पेड़े २५० ग्राम के पैकेट ३८५ रुपए में बेच रहे हैं। ऐसी ही एक कंपनी तिरुपति मंदिर कारीगरों द्वारा निर्मित एक किलो लड्डू ७९९ रुपए में राम जन्मभूमि का बताते हुए बेच रही है। इन लड्डुओं के पैकेट पर भी अमावा राम मंदिर लिखा है। मुफ्त में राम मंदिर प्रसाद की डिलिवरी का दावा करने वाली एक खादी कंपनी जो राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र या विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों से संबद्ध नहीं है, उसको प्रâी डिलिवरी के वादे पर वेब साईट पर इतना ट्रैफिक मिला कि १४ जनवरी से उसने ऐसा करना ही बंद कर दिया है। यह कंपनी ३९९ रुपए में राम मंदिर टीशर्ट, ९९९ रुपए में तुलसी माला और हनुमान का लॉकेट के साथ गंगाजल जैसी चीजें बेचती है।

धर्म-अधर्म
श्रीजगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर के उद्घाटन के साथ ही उड़ीसा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के कथित हिंदुत्व का चेहरा उजागर कर दिया है। अयोध्या राम मंदिर में देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के मुद्दे पर आमंत्रित विपक्षी नेताओं द्वारा निजी कारणों से उद्घाटन समारोह में न आने वाले राजनितिक दलों को भाजपा हिंदू/राम विरोधी साबित करने पर लगी है, वहीं जगन्नाथ कॉरिडोर के उद्घाटन में निमंत्रण मिलने के बावजूद स्थानीय भाजपा नेतृत्व उसमें शामिल नहीं हुआ। राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल और न ही पार्टी का कोई नेता अपनी भागीदारी के लिए आगे आया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीमंदिर कार्यक्रम को बीजद का मामला बना दिया है, जो कई लोगों को स्वीकार्य नहीं है। इससे पहले भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति लेकर राज्य में घूमने वाले अर्पण रथों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा था। अब जरा अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह से लेकर काशी विश्वनाथ और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर उद्घाटनों पर नजर डालें तो क्या यह नहीं लगता कि ये भाजपा के कार्यक्रम नहीं थे/हैं? मतलब यह कि भाजपा करे तो धर्म बाकी करें तो अधर्म!

स्लीपिंग सीएम अवेक पीएम
व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी के सयानों ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की निद्रामुद्रा की तस्वीर सोशल मीडिया पर चेंपी। वैâप्शन लिखा, ‘स्लीपिंग सीएम।’ सिद्धारमैया ने ‘हैशटैगअवेकपीएम’ (प्रधानमंत्री जागो) लक्षित करते हुए लिखा कि जब भी कर्नाटक को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो पीएम सो जाते हैं। उन्होंने प्रधानसेवक मोदी से “जागने” का आग्रह किया, क्योंकि अब कर्नाटक का उचित हिस्सा सुनिश्चित करने का समय आ गया है। सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘पीएम मोदी अपने निजी पीआर और भाजपा के प्रचार के लिए हमेशा जागते रहते हैं, लेकिन कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर हमेशा सोते हुए नजर आते हैं।’ उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार के बारे में पूछे जाने पर मोदी सो जाते हैं। ऊपरी कृष्णा परियोजना और महादयी विवाद से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाले जाने पर मोदी के सोते हुए एक पोस्टर साझा करते हुए सिद्धारमैया ने उल्लेख किया कि जहां कर्नाटक कार्रवाई के लिए प्यासा है, वहीं पीएम समाधान पर झपकी ले रहे हैं। कन्नड़वासियों की रातों की नींद हराम करते हुए नरेंद्र मोदी की एक झलक, नींद में मुस्कुराते हुए। उन्होंने यह भी बताया कि जब भाजपा शासन के दौरान ४०,००० करोड़ रुपए की कोविड अनियमितताएं हुईं, ४५ रुपए का मास्क ४८५ रुपए में बेचा गया, तो पीएम की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सिद्धारमैया का आखिरी पंच था, `जब प्रधानमंत्री को झपकी आ जाती है, तो देश हार जाता है!’

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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