मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : डरा रहा फोटो फंडा

झांकी : डरा रहा फोटो फंडा

अजय भट्टाचार्य

पीएमओ के अधिकारी के रूप में धोखाधड़ी करने वाले किरण पटेल के पर्दाफाश और फिर एक व्यक्ति ने शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर जीएसटी छापे को प्रभावित करने के लिए तस्वीरों का इस्तेमाल किया, जिससे भाजपा के मंत्रियों और शीर्ष नेताओं को छिपने की कोशिश करनी पड़ी। उन्हें डर है कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित करने के लिए उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक परिचित कार्यकर्ता को उन लोगों के साथ फोटो खिंचवाने से मना कर दिया, जिन्हें कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए लाया था। जब कार्यकर्ता ने वरिष्ठ नेता से कहा कि वे `बहुत पुराने समय से चले आ रहे हैं और एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं’, तो नेता ने कहा, `मैं आपको भी अच्छी तरह से जानता हूं। लेकिन, मैं उन लोगों को नहीं जानता जिन्हें आप अपने साथ लाए हैं।’ मुसीबत यह भी है कि भाजपा २०२४ के चुनावों से पहले लोगों से संपर्क बढ़ाने के लिए अपने नेताओं पर जोर दे रही है। सांसदों, विधायकों और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों को जागरूकता अभियान चलाने और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया है। इन सबके साथ एक शर्त जुड़ी हुई है। मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को इन सार्वजनिक संपर्क कार्यक्रमों के वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड करनी होंगी और उन्हें न केवल अपनी वेबसाइटों पर बल्कि भाजपा की राज्य और केंद्रीय वेबसाइटों पर भी पोस्ट करना होगा। भाजपा नेता डर रहे हैं कि कहीं कोई नटवरलाल साथ में फोटो खिंचवाकर गुड गोबर न कर दे!

सीओ मंत्री पर भारी
बिहार के सत्ता के गलियारों में इन दिनों एक सवाल सभी को मथ रहा है। वह यह कि क्या एक सीओ मंत्री पर भारी पड़ सकता है! जब से नीतीश कुमार के करीबी लोगों में से एक भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी को हटाकर श्रवण कुमार को जमुई का प्रभारी मंत्री बना दिया गया तब से यह सवाल भी हवा में पूरी गंभीरता के साथ तैर रहा है। हालांकि, अशोक चौधरी को समस्तीपुर, सीतामढ़ी का प्रभारी मंत्री बना दिया गया मगर जमुई से हटना, चर्चा का विषय बन गया है। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों जब मंत्रीजी जमुई दौरे पर थे तब वहीं पर जमुई के सीओ को भ्रष्टाचारी बताते हुए उसकी क्लास लगा दी थी। उसे काफी कुछ कहते हुए जेल तक जाने की बातें तक कर दीं, मगर शाम होते-होते नजारा बदल गया। इस फेरबदल के बाद अशोक चौधरी का जमुई से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी विराम लगता हुआ नजर आ रहा है। साथ ही सत्ता के गलियारों में कई बातों का कयास भी लगाया जाने लगा है। जो अब तक मन ही मन दौड़ रहा था।

गुजरात मॉडल का फर्जी वैज्ञानिक
फर्जीवाड़े से सफलता का गुजरात मॉडल सिर चढ़कर बोल रहा है। फर्जी पीएमओ अधिकारी से लेकर गुजरात के सीएमओ अधिकारी के बाद फर्जी वैज्ञानिक भी एकदा जंबूद्वीपे भरतखंडे गुर्जर प्रदेशे प्रकट हुए हैं और फिलहाल हवालात में विश्रामावस्था से गुजर रहे हैं। उनको यह अतीव प्रेरणा चंद्रयान-३ की सफलता के बाद मिली थी। ऐसे विलक्षण वैज्ञानिक ने भूतपूर्व शिक्षक के साथ टेलिफोनिक ऑडियो वायरल कर खुद साइंटिस्ट तथा यान लैंडर की डिजाइन बनाने का दावा किया था। अब उतनी महान उपलब्धि हो और गुजराती चुप रहे, यह असंभव है। किसी ने सूरत पुलिस को सूचना दे दी और फर्जी वैज्ञानिक मितुल त्रिवेदी को फर्जीवाड़े में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को मितुल के सभी दावों को खारिज कर गिरफ्तार किया। त्रिवेदी का ५ घंटे तक क्रॉस वेरिफिकेशन किया। दस्तावेज इसरो बेंगलुरू में जांच किए पर तथ्य सामने नहीं आया। पुलिस के अनुसार, मितुल त्रिवेदी के दस्तावेज फर्जी हैं। मितुल ने अपनी ट्यूशन क्लास में ज्यादा विद्यार्थी लाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए थे। दस्तावेज कहां से बनवाए इसकी जांच जारी है। त्रिवेदी ने बीकॉम- एमकॉम किया है। उसके घर पर भी सर्च किया। इसरो का नियुक्ति पत्र भी फर्जी है। इसरो ने सूरत पुलिस को इसकी जानकारी दी। आगामी दिनों में अधिक जानकारी इसरो से मिलेगी। आगे की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंप दी गई है। वैसे गुजरात में इस तरह के वैज्ञानिकों के शीर्ष गुरु ने नाले की गैस से चूल्हा जलाकर विश्व कीर्तिमान बनाया है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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