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झांकी : मुर्दों का इलाज

अजय भट्टाचार्य

जिंदा भले इलाज के इंतजार में मर जाए मगर सरकार को बीमार की इतनी चिंता है कि मरे हुए लोगों के इलाज पर भी ६.९७ करोड़ रुपए खर्च कर दिए। जिस आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) स्वास्थ्य बीमा योजना को भाजपा और सरकार गरीब के इलाज के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताकर ढोल पीट रही है उसी के ऑडिट में अनियमितताओं को चिह्नित करते हुए, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने कहा है कि डेटाबेस में ३,४४६ मरीजों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्हीं मरीजों के इलाज के लिए ६.९७ करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। २०१८ में स्वास्थ्य देखभाल की मांग करनेवाली गरीब और कमजोर आबादी के लिए अपनी जेब से होनवाले खर्च को कम करने के उद्देश्य से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शुरू की गई थी। वैâग की हालिया जारी रिपोर्ट में, `पहले के दावे/उपचार के दौरान लाभार्थी के उपचार को `मृत्यु’ के रूप में दिखाया गया’ शीर्षक के तहत, सीएजी ने कहा कि `मरीजों को पहले टीएमएस (योजना की लेनदेन प्रबंधन प्रणाली) में `मृत्यु’ के रूप में दिखाया गया था’ इस योजना के तहत उपचार का लाभ उठानेवाला दिखाया गया। मतलब इस योजना के तहत ३४४६ मुर्दों को भी इलाज की सुविधा उनकी मौत के बाद भी जारी रखी गई।

जश्ने आजादी में नंगा-नाच
मध्य प्रदेश सागर जिले के ढिकुआ गांव में जश्ने आजादी का एक विलक्षण वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो स्कूल में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम का है। जहां बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर स्कूल परिसर में ३ घंटे तक राई नृत्य करवाया गया। राई डांस को इस तरह से कराना अशोभनीय माना जाता है और फिर इसे स्कूल में बच्चों के बीच कराना तो और भी निंदनीय है। खुरई जनपद पंचायत के तहत आने वाले ढिकुआ के सरपंच राजेंद्र सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाया था, जिसके लिए स्कूल परिसर में एक बड़ा टेंट लगवाया गया। ग्रामीणों और बच्चों को बैठने के लिए कुर्सियां डलवाई गर्इं और इनके मनोरंजन के लिए बुंदेली नर्तक-नर्तकियों को बुलाया गया था, जो फिल्मी गीतों पर घंटों ठुमके लगाते रहे। इस पूरे कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण भी बैठे रहे। जबकि एक लिहाज से राई नृत्य को अश्लील नृत्य के तौर पर देखा जाता है। आमतौर पर इसका आयोजन शादी विवाह जन्मदिन या अन्य खुशी के मौके पर कराया जाता है। लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर इस डांस को करने के बाद वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि ग्राम पंचायत और स्कूल एक ही परिसर में हैं। वहीं इस परिसर के ग्राउंड में चारों तरफ स्कूली बच्चे-बच्चियां और ग्रामीण बैठे हुए हैं बीच में नृत्य चल रहा है और पीछे की तरफ ढोलक, झूले, तारों पर फिल्मी गीत गाए जा रहे हैं।

स्कूल में दबंगई
स्वतंत्रता दिवस के दिन जिस समय देश को हजार साल के भविष्य के सपने दिखाए जा रहे थे लगभग उसी समय मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक दबंग ने स्कूल प्रभारी टीचर की पिटाई कर दी। पीड़ित का कुसूर केवल इतना था कि उसने गांव की पिछड़ी जाति की सरपंच को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया और उनसे ध्वाजारोहण कराया। इस घटना के बाद बवाल मच गया। स्कूल प्रभारी ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। उसके बाद अन्य शिक्षकों ने दबंग के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया। इस घटना के बाद इलाके के लोग गुस्से में हैं। घटना बसई गांव के सरकारी स्कूल की है। स्कूल प्रभारी दिलीप अग्रवाल ने गांव की सरपंच आरती धीमर को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर उनसे ध्वजारोहण कराया। कार्यक्रम के बाद वे अपने घर चली गर्इं। कार्यक्रम खत्म होते ही पुष्पेंद्र रावत नाम के दबंग ने अचानक स्कूल पहुंचकर दिलीप से कहा कि उसने पिछड़ी जाति की सरपंच को स्कूल बुलाकर उससे ध्वजारोहण क्यों कराया? इस पर दिलीप ने उसकी इस बात का विरोध किया। इससे पुष्पेंद्र भड़क गया और डंडे से प्रभारी को मारना शुरू कर दिया। दिलीप जान बचाकर स्कूल में छिप गया। उसके बाद शिक्षकों के साथ सभी लोग भितरवार थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। तीन दिन पहले ही सीधी जिले में आदिवासी महिला पर अत्याचार हुआ। महिला के शोर मचाने पर वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने आरोपी युवक को न केवल पकड़ा, बल्कि गांव से लेकर थाने तक उसका जुलूस निकाला।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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