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झांकी : उड़ गई उड़ान योजना

अजय भट्टाचार्य

आयुष्मान योजना और द्वारका एक्सप्रेस-वे में घोटालों पर चुप्पी साधे केंद्र सरकार की एक और योजना पर भारत के महालेखाकार (वैâग) ने सवाल खड़े किए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा बहु प्रचारित प्रसारित उड़ान योजना भी सिर्फ भाषणों में रह गई है। जमीन पर यह योजना भी हवा-हवाई हो गई है। उड़ान योजना के तहत अलग-अलग शहरों को विमान यातायात के मानचित्र से जोड़ना था। वैâग रिपोर्ट के अनुसार, २०० किलोमीटर से कम २६ रुट पर परिचालन की शुरुआत हुई। लेकिन ३ साल बाद अब उस रुट पर मात्र २ एयरलाइन ही सर्विस दे रही हैं। इसी तरह १०० से ४०० किलोमीटर की दूरी वाले मार्ग पर ९६ में से १२ चल रहे हैं। योजना की रफ्तार वो नहीं है, जिसकी बात की जा रही थी। क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत कुल ७७४ मार्गों में से सिर्फ इस साल मार्च तक २२.८ प्रतिशत यानी १७४ मार्गों पर ही उड़ान की शुरुआत हुई है। योजना के तहत कुल १६९ एयरपोर्ट, हेलिपैड और वॉटर एरोड्रम का निर्माण या पुनर्विकसित करना था, जिसमें से ८३ का उपयोग ही नहीं हुआ, वहीं ५६ यानी करीब ४० प्रतिशत का ही उपयोग किया जा रहा है, मुसाफिर भी घटे हैं। २१-२२ में ३२.९ लाख लोगों ने इस योजना के तहत सफर किया। कुशीनगर एयरपोर्ट की बिल्डिंग का मार्च २०२२ तक उपयोग ही नहीं किया गया, न ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जरूरी अनुमति और परिचालन का प्रमाणपत्र भी नहीं है।

पुलिस और पंचांग
उत्तर प्रदेश में अपराध रोकने के लिए पुलिस पंचांग की मदद लेगी। सूबे की पुलिस के मुखिया विजय कुमार ने बाकायदा एक पत्र जारी किया है, जिसके अनुसार, राज्य के सभी जनपद/कमिश्नरेट में घटित घटनाओं का मुख्यालय स्तर पर विश्लेषण करने पर पाया गया कि हिंदू पंचांग के अंधेरे पक्ष (कृष्ण पक्ष) की अमावस्या तिथि के एक सप्ताह पहले एवं एक सप्ताह बाद रात के समय अधिक घटनाएं घटित होती हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्तर पर यह विश्लेषण प्रत्येक माह किया जाए। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में अंधेरे पक्ष (कृष्ण पक्ष) की अमावस्या की तिथि को चिह्नत किया जाए (उदाहरण स्वरूप माह अगस्त में १६ तारीख, माह सितंबर में १४ तारीख एवं माह अक्टूबर में १४ तारीख को अमावस्या तिथि है।) सुलभ संदर्भ हेतु हिंदू पंचांग की प्रति भी पत्र के साथ संलग्न की गई है। मतलब अब अमावस्या से एक सप्ताह पूर्व एवं एक सप्ताह बाद रात में पुलिस को ज्यादा काम करना पड़ेगा। सवाल यह भी है कि जिस तरह से बिजली गायब रहती है क्या उसको भी पंचांग के अनुसार व्यवस्थित किया जा सकता है? साथ ही यह भी पता करना चाहिए कि अधिकतर अपराध किस योग, मुहूर्त, नक्षत्र में होते हैं! इन सबकी जानकारी के लिए थानों में ज्योतिष का कोर्स भी कराया जा सकता है और अगर न पता चले तो पर्ची वाले बाबा की मदद ली जा सकती है।

दंगे का फंदा फेल
नूंह में जातीय विद्वेष के विफल होने के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर में १५ अगस्त को भारतीय जनता युवा मोर्चा की तिरंगा यात्रा में पेट्रोल बम से हमले की भी योजना नाकाम हो गई है। ये पेट्रोल बम यात्रा में चल रही डीजे की गाड़ी के ऊपर फेंका गया था, जिसके बाद शहर में तनाव हो गया था। मामले को लेकर पुलिस को भी पता नहीं था कि ये यात्रा निकलनेवाली है। यह यात्रा बिना अनुमति के निकाली गई थी। घटना के बाद के फुटेज देखकर समझ आ रहा था कि ये पहले से तय बम ब्लास्ट था। अब बड़े अफसर इसमें जांच कर रहे हैं। जांच के बाद इंदौर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विजय मालवीय और राकेश प्रजापति को गिरफ्तार किया है। जबकि इनका साथी घनश्याम नायक फरार है। आरोपियों को घटनास्थल के आस-पास रहने वाले बैरागी ने १४ अगस्त की रात को शराब पिलाई। फिर एक बॉटल देकर कहा कि कल जो रैली निकलने वाली है, उस पर पहले पत्थर फेंकना, उसके बाद डीजे की गाड़ी पर साउंड सिस्टम के ऊपर बम फेंकना। यानी उसका उद्देश्य उपद्रव की स्थिति पैदा करना था। वह एक गुट से जुड़ा है। इसमें शक के घेरे में आये एक नेता की पूरी रिपोर्ट भोपाल भी भेजी जा सकती है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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