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झांकी : ऊपर का फैसला

अजय भट्टाचार्य
विधायक दल की बैठक में जब तीसरी पंक्ति में बैठे भजनलाल शर्मा के नाम की पर्ची राजस्थान के मुख्यमंत्री के लिए खुली, तभी तय हो गया था कि असली मुख्यमंत्री दिल्ली से सरकार चलाएगा। यही वजह है कि गुजरात वैâडर के आईएएस अधिकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) वित्त जेपी गुप्ता को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय में एसीएस के रूप में नियुक्ति के लिए चुना गया है, जिसके बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पैâसला ऊपर से आया है। यह कदम एक बार फिर साबित करता है कि जब महत्वपूर्ण और संवेदनशील पोस्टिंग की बात आती है तो भाजपा की गुजरात लॉबी गुजरात वैâडर के अधिकारियों पर बहुत भरोसा करती है। १९९१ बैच के आईएएस गुप्ता को वित्त विभाग के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त होने से पहले भूमि राजस्व, शहरी विकास, परिवहन, शिक्षा और वाणिज्यिक कर सहित महत्वपूर्ण पोस्टिंग पर नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें एसीएस में पदोन्नत किया गया। वह गुजरात राज्य वित्तीय सेवाओं के प्रबंध निदेशक और गुजरात राज्य निवेश लिमिटेड के अध्यक्ष भी हैं। सभी पोस्टिंग १० जनवरी से शुरू होनेवाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
रामभक्ति भाजपा का कॉपीराइट नहीं
अयोध्या में बने रामजन्मभूमि मंदिर के मुद्दे पर हो रही राजनीति पर भाजपा की फायर ब्रांड नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, मध्यपदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व रामजन्मभूमि आंदोलन की प्रमुख नेता रहीं साध्वी उमा भारती ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में भाजपा नेतृत्व को साफ-साफ सलाह दी है कि भाजपा वालों से मैं यह कहूंगी कि इस अहंकार से छुटकारा पाएं कि केवल आप ही राम की भक्ति कर सकते हैं। राम मंदिर उद्घाटन के निमंत्रण में दोहरेपन के मुद्दे पर साध्वी ने कहा कि निमंत्रण (राम मंदिर) ट्रस्ट का निर्णय है, कोई राजनीतिक आह्वान नहीं। राम भक्ति पर हमारा कोई कॉपीराइट नहीं है। भगवान राम और हनुमान जी भाजपा के नेता नहीं हैं। वे हमारे राष्ट्रीय सम्मान हैं। उनके मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में कोई भी भाग ले सकता है और किसी को भी आमंत्रित किया जा सकता है। मैं सभी राजनेताओं से भी कहूंगी कि इसे राजनीतिक दृष्टि से न देखें। आपके घरों में भी राम की तस्वीरें हैं, आपके नाम में राम हो सकता है। इसमें भाग लें, डरो मत कि तुम्हें वोट नहीं मिलेंगे। अपने आप को इस डर से मुक्त कर लें कि आपको वहां नहीं जाना है। अहंकार या भय से मुक्त होकर हम सभी को खुशी-खुशी भाग लेना चाहिए। यहां सवाल यह भी उठता है कि राम मन्दिर निर्माण ट्रस्ट किसके निर्देश पर चुनिंदा लोगों को निमंत्रण भेज रहा है?

बज गई टीटी की सीटी
इसी स्तंभ में बीते शुक्रवार को यह बताया गया था कि राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की करणपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जनता भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की सीटी न बजा दे। नतीजे ने बता दिया है कि चुनाव से पहले टीटी को मंत्री बनाना भी भाजपा की लुटिया डूबने से नहीं बचा पाया। मतदाताओं ने टीटी की सीटी बजा दी। सूबे के नये नवेले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार के लिए यह बड़ा झटका है। करणपुर से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी १२,५७० वोटों से चुनाव हारे हैं। भाजपा इस उपचुनाव से पहले ही टीटी को भजनलाल वैâबिनेट में मंत्री बना चुकी थी इसलिए इस चुनाव में उसका काफी कुछ दांव पर लगा हुआ था। करणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी रुपिन्दर सिंह कुन्नर की जीत हुई है। यह जीत स्व. गुरमीत सिंह कुन्नर के जनसेवा कार्यों को समर्पित है। करणपुर की जनता ने भाजपा के अभिमान को हराया है। चुनाव के बीच प्रत्याशी को मंत्री बनाकर आचार संहिता और नैतिकता की धज्जियां उड़ानेवाली भाजपा को जनता ने सबक सिखाया है। करणपुर सीट पर ८१.३८ प्रतिशत मतदान हुआ था। श्रीगंगानगर जिले में कुल ६ विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से ५ पर चुनाव नतीजे ३ दिसंबर को ही आ चुके हैं। यहां २ सीटों पर भाजपा ने और ३ सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा किया है। करणपुर की जीत से जिले में कांग्रेस के चार विधायक हो गये हैं।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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