मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : ‘ऐसा ही घर हमें मिले’

झांकी : ‘ऐसा ही घर हमें मिले’

अजय भट्टाचार्य

हरियाणा की धान किसान महिलाओं के बाद राहुल गांधी ने एक क्लिप देखकर दिल्ली के एक सब्जी वाले को अपने घर बुलाकर भोजन कराया। लगता है, इसी से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के घर बैगा आदिवासियों की मेहमाननवाजी की गई। बैगाओं ने कांग की खीर बनाने का तरीका, उपमुख्यमंत्री के रसोइए को सिखाया और खाया-खिलाया। उपमुख्यमंत्री का पूरा घर देखा, उसे मोबाइल पर वैâद किया और अंत में कहा- ‘ऐसा ही घर हमें मिलना चाहिए!’ कबीरधाम जिले के पंडरिया और बोड़ला तहसील तथा भोरमदेव और अचानकमार वन्य जीव अभयारण्य के बैगाओं ने सिंहदेव से रायपुर स्थित उनके निवास पर मुलाकात कर जल, जंगल और जमीन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और इनसे जुड़ी समस्याओं के समाधान का निवेदन किया। चर्चा के दौरान कुछ ग्रामीणों ने हेलीकॉप्टर में घूमने और समुद्र देखने की इच्छा जताई। इस पर सिंहदेव ने हेलीकॉप्टर से पुरी जाने और समुद्र के किनारे सैर कराने की बात कही।

केसीआर की चाल
तेलंगाना में अभी चुनावों की घोषणा नहीं हुई है मगर सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए ११९ में से ११५ सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। केसीआर के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री साल के अंत में होनेवाले राज्य विधानसभा चुनावों में गजवेल और कामारेड्डी निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे। गजवेल में केसीआर मजबूत हैं। वह केवल पार्टी को मजबूत करने और यह देखने के लिए कामारेड्डी से चुनाव लड़ रहे हैं कि पूर्ववर्ती निजामाबाद जिले की सभी सीटें बीआरएस ने छीन ली हैं। केसीआर की बेटी और एमएलसी के कविता के फिर से निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावना है। चुनाव कार्यक्रम से बहुत पहले उम्मीदवारों की घोषणा करने से पार्टी को किसी भी वर्ग में असंतोष होने पर नुकसान को कम करने का समय मिलेगा और उसे प्रचार अभियान में भी बढ़त मिल जाएगी। हालांकि, यह उम्मीद की जा रही थी कि बीआरएस वाम दलों के साथ गठबंधन बनाएगी, लेकिन बीआरएस ने सीपीआई या सीपीएम को कोई सीट आवंटित नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, इसकी वजह यह है कि वाम दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस सूची में केवल सात विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार बदले गए हैं। बीआरएस को उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनावों में कुल ११९ में से ९५ से १०५ सीटें उसे हासिल होंगी। फिलहाल, किसी भी गठबंधन से अलग अपनी ही पिच पर खेल रहे केसीआर की पार्टी की हैदराबाद के लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के साथ दोस्ती जारी रहेगी।

हरियाणा में संयोग प्रयोग
दंगों का गुजरात मॉडल उत्तर प्रदेश होते हुए हरियाणा में प्रवेश कर गया है। बरेली में बलवे पर आमादा भीड़ पर कार्रवाई करनेवाले आईपीएस प्रभाकर चौधरी का जिस तरह आनन-फानन में तबादला किया गया, उसी तर्ज पर हरियाणा सरकार ने मेवात के नूंह में माहौल को बिगड़ने से रोकने वाले दो पुलिस अफसरों को इनाम दिया है। मेवात हिंसा के बाद इन दो अफसरों ने माहौल बिगड़ने से रोकने की भरपूर कोशिश की कि हरियाणा में शांति सुकून स्थापित हो। इसी क्रम में रेवाड़ी के उपायुक्त इमरान रजा ने मुस्लिमों का बायकॉट करने वाले सरपंचों को नोटिस दिया था, जबकि गुड़गांव की कमिश्नर कला रामचंद्रन ने एक गोदी चैनल को फेक न्यूज पैâलाने से रोका था। अब आप इसे संयोग से प्रयोग के संदर्भ में देखें तो दोनों का तबादला एक साथ कर दिया गया है। नूंह हिंसा के बाद गुरुग्राम में भी आगजनी, घर पर पथराव, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था जिसमें एक मस्जिद के इमाम की भी हत्या कर दी गई थी। इमाम हत्याकांड में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से खफा ग्रामीणों ने तिगरा गांव में महापंचायत की थी, जिसको लेकर पुलिस को अल्टीमेटम दिया गया था कि वो गांव के निर्दोष युवाओं को बिना सबूत के निर्दोष युवाओं को बिना सबूत के गिरफ्तार न करें। गुरुग्राम पुलिस ने आगजनी और मारपीट के मामले में ३७ से ज्यादा मामले दर्ज किए थे, वहीं ८० लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। इससे पहले नूंह एसपी वरुण सिंगला का तबादला कर दिया गया था। कला रामचंद्रन अब एडीजीपी प्रशासन होंगी।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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