मुख्यपृष्ठखबरेंतड़का : संयम का शरद मंत्र

तड़का : संयम का शरद मंत्र

कविता श्रीवास्तव

देश के दिग्गज व अनुभवी नेता शरद पवार का प्रभाव राजनीति में बहुत ही असरकारक और महत्वपूर्ण समझा जाता है। महाराष्ट्र की सम्मानजनक राजनीति के साथ ही वे कूटनीति में माहिर देश के सबसे धुरंधर राजनेता माने जाते हैं। उनकी दूरदर्शिता भी अव्वल दर्जे की है। इन दिनों विपक्षी एकजुटता की मजबूती के लिए वे सतत प्रयत्नशील हैं। अपने ताजा बयान में उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं को संभलकर बयान देने की सलाह दी है। उनका कहना है कि चुनाव सिर पर है, ऐसे में अनावश्यक बयानों और विवादों से बचना चाहिए। शरद पवार की ये नसीहत बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्षी एकजुटता का लक्ष्य चुनावों में भाजपा को पराजित करना है। पवार साहब संभवत: यही कहना चाहते हैं कि विपक्ष की सारी ताकत चुनावों की चुनौती का मुकाबला करने पर केंद्रित रहना चाहिए। बेवजह की बयानबाजीr से गलतफहमी भी हो जाती है। साथ ही प्रतिद्वंद्वी भाजपा ऐसे मुद्दे लपककर आक्रामक हो जाती है। इससे मतदाताओं में भी गलत संदेश जाते हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन में विभिन्न विचारधाराओं वाले क्षेत्रीय दलों का समावेश है। शरद पवार इन सबमें वरिष्ठ और सबसे प्रभावी पुरोधा हैं। वे सम्मानीय हैं। इतना कि उनके प्रतिद्वंद्वी दलों के नेता भी उनका बहुत आदर करते हैं। शरद पवार कई बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे हैं। वे देश के रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रहे। एक समय कांग्रेस के वे सबसे लोकप्रिय नेता थे। इतना कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव में उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले थे। एक समय वे देश के प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे योग्य नेता भी बताए गए। कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठन किया। केंद्र और राज्यों की सत्ता में भागीदारी की। कई राज्यों में उनकी सक्रियता है। भाजपा विरोधी सभी दलों को एक मंच पर लाने के लिए हर ओर से बहुत प्रयास हुए। अब जाकर यह सफल हुआ है और ‘इंडिया’ गठबंधन बना है। आगामी आम चुनावों में इस गठबंधन द्वारा भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारियां चल रही हैं। इसमें सीटों के तालमेल, प्रचार के तरीके, चुनावों के मुद्दों आदि पर व्यापक मंथन भी जारी है। अन्य महत्वपूर्ण नेताओं के साथ ही सबकी निगाहें सबसे वरिष्ठ शरद पवार पर भी हैं। केवल अनावश्यक बयानों से इस गठजोड़ की कड़ियां कमजोर न पड़ें, यही शरद पवार का मंत्र है। क्योंकि कुछ नेताओं की अनावश्यक टिप्पणियों से गठजोड़ पर उंगलियां उठ सकती हैं। पवार का संकेत है कि ऐसा न होने पाए। सभी नेता संभलकर बोलें, ताकि ‘इंडिया’ गठबंधन अपने लक्ष्य की ओर बढ़े, शरद पवार का यही अभिप्राय है। यही राजनीतिक समझदारी भी है।

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