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तड़का : जानलेवा मांझा

 कविता श्रीवास्तव

बीते रविवार को पश्चिमी द्रुतगति मार्ग पर अपने दुपहिया वाहन से घर जा रहे एक पुलिसकर्मी की पतंग का मांझा में फंसने से मौत हो गई। वह सांताक्रुज के वाकोला इलाके के पास मांझे की चपेट में आ गया। मांझा उसके गले में फंस गया और उसकी जीभ भी कट गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी कई दोपहिया चालक मांझे का शिकार बने हैं। नासिक में भी एक महिला की मौत मांझे की चपेट में आने से हुई थी, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया और जनहित याचिका दायर हुई। जनवरी के दूसरे सप्ताह में मकर संक्रांति का पर्व आने वाला है। इस अवसर पर देशभर में अनेक जगह पतंग की स्पर्धाएं होती हैं। शौकिया तौर पर हर गली मोहल्ले में लोग अभी भी पतंग उड़ा रहे हैं। एक-दूसरे की पतंग काटने वाले ऐसे-ऐसे मांझे आजकल बनाए जा रहे हैं जिनसे हाथ कट जाने, उनकी चपेट में आने से वाहन चालकों की गर्दन व जीभ कटने और घायल होने की घटनाएं होने लगी हैं। कई जानवर भी इन मांझों की चपेट में आ जाते हैं। पक्षी तो बड़ी संख्या में पतंगबाजी का शिकार बन जाते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए अपने ताजा आदेश में अदालत ने तमाम नगरपालिकाओं व प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया है कि वे सभी दुकानों पर जाकर नायलॉन के मांझे जप्त करें और उचित कार्रवाई करें। हम देखते हैं कि केवल मकर संक्रांति ही नहीं बल्कि उससे पहले और उसके बाद भी अनेक गली, मोहल्लों और सड़कों पर जगह-जगह पतंगे और मांझे बिखरे रहते हैं। बताया गया कि दिंडोशी पुलिस स्टेशन में कार्यरत वह पुलिस कर्मचारी अपने घर का इकलौता पालक था। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे अब उसे कभी नहीं देख पाएंगे। उनके बच्चों घर का पालन-पोषण कौन करेगा? यह भी चिंता का विषय बन गया है। हमारे खेल, शौक और उमंग किसी की मौत का कारण न बनने पाए, इसका सभी को ध्यान रखना चाहिए। मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ाने के शौक के लिए हम सादे मांझे का ही प्रयोग करें। इन दिनों पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने नायलॉन के मांझे के स्टॉक, उनकी बिक्री आदि के खिलाफ अभियान चलाया है और धरपकड़ भी जारी है। बताया गया कि पहले ये मांझे चीन से आया करते थे, लेकिन अब पता चला है कि ये मांझे अब हिंदुस्थान में भी बनाए जा रहे हैं। इनमें कांच और प्लास्टिक के पाउडर वह अन्य केमिकल्स का प्रयोग होता है। ये खतरनाक मांझे बनाने वाली कंपनियों-कारखानों आदि को भी अपने माल व अपने सभी उत्पाद मार्वेâट से वापस ले लेना चाहिए। पुलिसकर्मी की मौत के मामले में पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दरअसल वह पतंग किसके हाथ से कटी थी, जिसके मांझे ने पुलिसकर्मी की जान ले ली। ऐसी कार्रवाई दूसरों पर भी हो सकती है। इसलिए नायलॉन के मांझे के खरीदी और उसके प्रयोग से हमें बचाना चाहिए।

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