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सेहत का तड़का : हर पल सेहत के नाम ; भूमिका की नसीहत

एस.पी.यादव 

‘तेरे नाम’ फेम अभिनेत्री भूमिका चावला का जन्म २१ अगस्त, १९७८ को दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ। उनका जन्म का नाम ‘रचना’ था और घर में उन्हें सब प्यार से ‘गुड़िया’ कहते थे। अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपनी टोंड बॉडी के लिए जानी जानेवाली भूमिका चावला कहती हैं कि स्वस्थ रहने के लिए तीन चीजों से बचना चाहिए-जंक फूड, जहरीले लोगों से मेलजोल और देर रात तक जुगाली करने से।
भूमिका चावला दिल्ली से स्कूली  शिक्षा पूरी करने के बाद १९९७ में मुंबई आ गर्इं। यहां कुछ विज्ञापनों और धारावाहिकों में काम करने के बाद २००० में तेलुगु फिल्म ‘युवाकुडु’ से फिल्म करियर की शुरुआत की। २००३ में सलमान खान के साथ हिंदी फिल्म ‘तेरे नाम’ ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। आधा दर्जन से अधिक हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद भूमिका अब साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। हालिया रिलीज ‘सीता रामम’ में उनके अभिनय को सराहा जा रहा है।
सेहत ही असली धन है
योग गुरु भरत ठाकुर से शादी करनेवाली भूमिका चावला फिटनेस के मामले में दार्शनिक नजरिया रखती हैं। उनका कहना है, ‘महामारी ने लोगों को एहसास करा दिया है कि सेहत ही असली धन है। इस धन को कमाने के लिए प्रतिदिन कम से कम पंद्रह मिनट का समय व्यायाम के लिए निकालिए। जीवन पलों से भरा है। कोई पल खुशी लाता है, तो कोई जोश लेकिन जिस पल कुछ न करते हुए केवल मौन में ब्रह्मांड के साथ एक होने का एहसास होता है, वे सबसे खास होते हैं, इसलिए योग-अभ्यास कीजिए।’
सप्ताह में चार दिन व्यायाम
भूमिका चावला सप्ताह में चार दिन एक घंटा व्यायाम करती हैं। इसमें २५ मिनट तक ट्रेडमिल पर, २० मिनट तक स्ट्रेचिंग और योग-अभ्यास तथा शेष समय में कुछ वेट-ट्रेनिंग का शुमार होता है। अगर किसी कारणवश व्यायाम करना संभव नहीं हो पाता है तो वे म्यूजिक ऑन कर काफी देर तक डांस करती हैं।
कोई फिक्स डाइट प्लान नहीं
भूमिका किसी सुनिश्चित डाइट प्लान को फॉलो नहीं करती हैं। वे सुबह पांच बजे उठते ही सबसे पहले खाली पेट एक-डेढ़ लीटर पानी पीती हैं। इसके बाद कुछ ताजे फल, एक उबला अंडा या एक गिलास दूध, दलिया या फिर कॉर्नफ्लेक्स का नाश्ता करती हैं। दोपहर के भोजन में गेहूं और रागी से बनी चपाती के साथ हरी सब्जी, सलाद और एक कटोरी दही खाती हैं। हर हाल में रात आठ बजे तक डिनर कर लेती हैं, जिसमें आमतौर पर सूप या सलाद होता है। ज्यादा भूख होने पर थोड़ा-सा चावल खा लेती हैं। वे अक्सर मक्खन लगी चपाती खाती हैं। महीने में मुश्किल से तीन-चार बार चावल खाती हैं।
साग-सब्जी से लगाव
बकौल भूमिका चावला, ‘मुझे मूंग की दाल और लोबिया दाल (यह राजमा की तरह होती है) बहुत पसंद है। मुझे भिंडी की सब्जी और बैंगन का भरता भी बहुत पसंद है, जो मैंने अपनी मां से बनाना सीखा है। सी-फूड में मुझे मछली और झींगा खाना पसंद है। मकाई की रोटी और मक्खन के साथ गरम-गरम साग, साथ ही पालक वाली दाल भी पसंद है। मुझे फलों में आम, सेब, केला, अनार और लीची पसंद है। नींबू पानी मेरा पसंदीदा पेय है।’
लोबिया दाल की रेसिपी
सामग्री:
एक कटोरी लोबिया दाल, एक बारीक कटा प्याज, तीन बारीक कटे टमाटर, छोटे टुकड़ों में कटी दो-तीन हरी मिर्च, एक चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, एक छोटा चम्मच जीरा, एक चम्मच हल्दी, चार चम्मच तेल, एक चुटकी हींग, एक-एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला, स्वादानुसार नमक और आधा कप बारीक कटा हरा धनिया।
विधि:
लोबिया दाल को अच्छी तरह साफ कर रात भर पानी में भिगा दें। सुबह इसे प्रेशर कुकर में डाल कर इसमें एक चम्मच तेल, हल्दी, नमक और तीन कप पानी डालकर तीन-चार सीटी आने तक मध्यम आंच पर पकाएं। इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें हींग-और जीरा डालकर १५ से २० सेकेंड भूनने के बाद हरी मिर्च, अदरक लहसुन का पेस्ट और प्याज डालकर अच्छी तरह पकने दें। अब इसमें टमाटर डालकर कुछ देर तक पकाएं। फिर इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर तथा धनिया पाउडर डालें। जब मसाला तेल छोड़ दें, तो इसमें उबाले हुए लोबिया के दाने डाल कर चार-पांच मिनट तक पकाएं और हरी धनिया से गार्निश कर परोसें।
फायदे:
इसमें कम कैलोरी और फैट होता है, जो वजन कम करने में मददगार है। इसमें मौजूद भरपूर फाइबर पाचनतंत्र को स्वस्थ रखता है। विटामिन बी-१ (थायमिन) से भरपूर होने के कारण यह हृदय के लिए बेहतर है। इसकी फलियों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से दूषित तत्व बाहर निकालते हैं। इसमें ट्रिप्टाफैन की अच्छी मात्रा होती है, जो अच्छी नींद लाने में सहायक है।

(लेखक स्वास्थ्य विषयों के जानकार, वरिष्ठ पत्रकार व अनुवादक हैं। ‘स्वास्थ्य सुख’ मासिक के संपादक रह चुके हैं।)

 

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