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सेहत का तड़का : सेहत है संपत्ति! डेलनाज की डैशिंग सलाह

एस.पी.यादव

  • जिम न जा पाएं, तो थमकर खाएं

लगभग तीन दशकों से बॉलीवुड में सक्रिय अभिनेत्री डेलनाज ईरानी का जन्म ४ सितंबर १९७२ को मुंबई में हुआ। फिल्मों और धारावाहिकों में अक्सर कॉमेडी करनेवाली डेलनाज फिटनेस के मामले में काफी सीरियस हैं। वे ‘जान है, तो जहान है, फिटनेस है तो शान है’ के फलसफे में यकीन रखती हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ व्यक्ति ही कुछ अलहदा काम कर सकता है।

जे.बी. वाच्छा हाईस्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद जयहिंद कॉलेज से स्नातक डेलनाज ईरानी ने १९९९ में धारावाहिक ‘सीआईडी’ से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा। ‘यस बॉस’ धारावाहिक से उन्हें लोकप्रियता मिली। ‘कल हो न हो’, ‘रा वन’ जैसी कई फिल्मों में उन्होंने छोटी लेकिन यादगार भूमिकाएं कीं। निजी जीवन में कई तरह की उलझनों का सामना करने के बाद भी चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखनेवाली डेलनाज का मानना है कि फिटनेस सिर्फ शारीरिक मामला नहीं है बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक दृष्टि से बेहद जरूरी है।
जिम न जा सकने पर रखें खान-पान पर कंट्रोल
डेलनाज जिम में अक्सर कार्डियो और स्ट्रेचिंग जैसी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करती हैं। जिम न जाने पर घर पर ही योग-अभ्यास करती हैं। किसी कारणवश जिम नहीं जा पाने पर अपने खान-पान पर नियंत्रण रखती हैं। इंटरमिटेंट डाइटिंग (लंबे समय तक बिना खाए रहना) करती हैं। इस दौरान जंक फूड से परहेज करती हैं और कुछ भी खाने से पहले उसकी कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा को ध्यान में रखती हैं।
टहलना सबसे बेहतर व्यायाम
बकौल डेलनाज, ‘कोरोना की महामारी ने समझा दिया है कि सेहत ही संपत्ति है। हमें दिल से अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए। इसलिए मैं जब भी वक्त मिलता है, कुछ दूर तक टहलती हूं। शांतचित्त होकर टहलना सबसे बेहतर व्यायाम है। फिट रहने के लिए जीवन से नकारात्मक चीजों को दूर रखना बेहद जरूरी है। पॉजिटिव एनर्जी का एहसास बनाए रखने के लिए अपने बेडरूम में हमेशा एक दीया जलाए रखती हूं।’
काम के साथ आराम को भी तवज्जो
डेलनाज ईरानी कभी खुद को काम में इतना व्यस्त नहीं रखती हैं कि आठ घंटे की नींद न ले सकें । फुर्सत मिलते ही मुंबई से बाहर किसी एकांत स्थल की सैर पर निकल जाती हैं। उनका मानना है कि व्यस्त जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल एकांत में बिताना व्यक्ति को फिट और तरोताजा रखता है।
जीवनशैली में दो अहम बदलाव
खुद को फिट रखने के लिए डेलनाज ने अपनी जीवनशैली में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब वे छोटी-छोटी खुराकों में पौष्टिक भोजन करती हैं, जंक फूड से दूर रहती हैं और दिन भर में पर्याप्त पानी पीती हैं।
पनीर लहसुनी है पसंद
डेलनाज ईरानी को हक्का नूडल्स, चिकन गार्लिक, पापड़ी टमाटर, पनीर लहसुनी, सेव पुरी काफी पसंद है। वे मांसाहारी हैं लेकिन फिटनेस बरकरार रखने के लिए शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता देती हैं।
पनीर लहसुनी की रेसिपी
सामग्री: पाव किलो पनीर, १०-१२ काजू, दो बड़े टमाटर, तीन प्याज, एक टुकड़ा अदरक, १०-१२ लहसुन की कलियां, तीन-चार लौंग, तीन-चार काली मिर्च, एक बड़ी इलायची, दो चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच पनीर मसाला, एक चम्मच बारीक कटा हरी धनिया, एक चम्मच फेटी हुई मलाई, आधा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग और स्वादानुसार नमक।
विधि: टमाटर और प्याज को लंबे-लंबे टुकड़ों में काट लें। एक चम्मच घी गर्म कर इसमें प्याज, लौंग, काली मिर्च, बड़ी इलायची और लहसुन की कलियां डालकर भूनें। अब इसमें काजू और कद्दूकस किया अदरक डालकर दो मिनट तक भूनें। अब टमाटर के टुकड़े और नमक डालकर कुछ देर तक फ़्राईं करें। इसमें थोड़ा पानी डालकर ढककर पकाएं। अब सारे मिश्रण को मिक्सी में पीस लें। इसे छलनी से छान लें। अब पैन में दो चम्मच घी गर्म करें। इसमें जीरा और हींग डालें। इसमें छना हुआ मिश्रण डाल दें और थोड़ा-सा नमक डालकर घी छूटने तक भूनें। इसमें पनीर के टुकड़े डालकर भूनें। बाद में थोड़ा-सा पानी डालकर तीन-चार मिनट तक पकाएं। हरी धनिया से गार्निश कर परोसें।
फायदे: इसमें कम कार्बोहाइड्रेट और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है इसलिए यह वजन को नियंत्रित रखने में कारगर है। डाइबिटीज के मरीजों के लिए भी बेहतर है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और फेफड़ों को संक्रमण से दूर रखने में कारगर है।

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