मुख्यपृष्ठस्तंभसेहत का तड़का : सेहत का सार सूर्य नमस्कार!

सेहत का तड़का : सेहत का सार सूर्य नमस्कार!

एस.पी.यादव

जिम और योग के तालमेल से काजल अग्रवाल ने साधी सेहत

हिंदी, तमिल और तेलुगु फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री व मॉडल काजल अग्रवाल का जन्म १९ जून १९८५ को मुंबई में कपड़ों के एक कारोबारी परिवार में हुआ। अपनी खूबसूरती और फिटनेस के लिए दर्शकों के बीच लोकप्रिय काजल सूर्य नमस्कार को अपनी सेहत का सार मानती हैं। हालांकि काजल सप्ताह में तीन दिन जमकर जिम में पसीना भी बहाती हैं लेकिन उनकी सलाह है कि हमें उतना ही व्यायाम करना चाहिए, जिससे शरीर में थकान की बजाय ताजगी आए। काजल अग्रवाल ने फोर्ट, मुंबई स्थित सेंट एंस हाईस्कूल से पढ़ाई करने के बाद जय हिंद कॉलेज में आगे की शिक्षा प्राप्त की और बाद में के.सी. (किशनचंद चेलाराम) कॉलेज से मास मीडिया में स्नातक किया। काजल अग्रवाल ने २००४ में हिंदी फिल्म ‘क्यों हो गया न’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। २००७ में पहली तेलुगु फिल्म ‘लक्ष्मी कल्याणम’ में काम किया लेकिन उन्हें २००९ में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म ‘मगाधीरा’ से फिल्म इंडस्ट्री में नई पहचान मिली। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्म फेयर  पुरस्कार भी मिला। अब तक ५० से अधिक हिट फिल्में दे चुकी काजल ने ३० अक्टूबर २०२० को मुंबई के मशहूर बिजनेसमैन गौतम किल्चू से शादी की।
सप्ताह में तीन दिन रोज
१५० सूर्य नमस्कार
अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए काजल ज्यादा सख्ती नहीं बरतती हैं। उनका मानना है कि जरूरत से ज्यादा मेहनत-मशक्कत शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि वे नियमित एक्सरसाइज करती हैं। आधे घंटे की कसरत काजल के दिमाग को शांत और सक्रिय रखने में मददगार होती है। काजल सप्ताह में तीन दिन योग-अभ्यास करती हैं, जिसमें रोजाना १५० सूर्य नमस्कार का शुमार होता है। सप्ताह में अन्य तीन दिन वे शरीर के ऊपरी हिस्से की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और वेट ट्रेनिंग को प्राथमिकता देती हैं। वे सप्ताह में एक बार ४५ मिनट कार्डियो एक्सरसाइज और एक घंटे आर्थाे-पिलेट्स एक्सरसाइज करती हैं।
कई तरह के व्यायाम
काजल अग्रवाल पीठ और कूल्हे  की मांसपेशियों के लिए ब्रिज एक्सरसाइज, पेट की मांसपेशियों और बाहों को मजबूत करने तथा जांघों की मांसपेशियों को टोन बनाए रखने के साथ-साथ शरीर के लचीलेपन में सुधार लाने के लिए किक बॉक्सिंग जैसी अटैकिंग एक्सरसाइज करती हैं। छाती, हाथ और पीठ की मांसपेशियों को सुगठित बनाए रखने के लिए डिप एक्सरसाइज करती हैं। वे पेट की चर्बी को कम करने के लिए रूसी ट्विस्ट एक्सरसाइज भी करती हैं। वे अपने शरीर और बाजुओं को टोन करने के लिए फ्री हैंड एक्सरसाइज भी करती हैं। वे अतिरिक्त कैलोरी  को बर्न करने और छरहरी बने रहने के लिए प्रतिदिन स्विमिंग और डांसिंग करती हैं। वे पर्याप्त नींद लेती हैं।
सात छोटी खुराकों में भोजन
काजल अग्रवाल व्यायाम के साथ-साथ संतुलित खान-पान पर भी पूरा ध्यान रखती हैं। अपनी त्वचा को हाइड्रेट करने, तरोताजा दिखने और उसे स्वस्थ बनाए रखने के लिए रोज कम से कम दो लीटर पानी पीती हैं। काजल एक बार में भरपेट खाने की बजाय छोटी-छोटी सात खुराकों में दिन का भोजन करती हैं। शाकाहारी काजल अपने दिन की शुरुआत ग्रीन टी, एवोकाडो, पालक, अजवाइन, पुदीना और शहद मिलाकर तैयार पेय पीकर करती हैं। उनका मानना है कि इससे उनकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है। सुबह कसरत के बाद वे नारियल पानी, चिया सीड्स, अकाई बेरी, स्ट्रॉबेरी और वैनिला को मिलाकर तैयार पेय पीती हैं।
कई बार पीती हैं नारियल पानी
काजल नाश्ते में ओट्स, पीनट बटर के साथ ब्राउन ब्रेड और सोया का सेवन करती हैं। दोपहर के भोजन में ग्रीन सलाद, फल, ब्राउन राइस और फलियां खाती हैं। वे शाम को ताजे फलों का जूस पीना पसंद करती हैं। रात के खाने में, वे कुरकुरे, आलू चॉप और ग्रीन सलाद के साथ वेज सूप लेना पसंद करती हैं। काजल अग्रवाल अपने दिन के भोजन में एक कटोरी दही जरूर लेती हैं। मैदा, चावल या गेहूं की बजाय दालें, क्विनोआ, राजगिरा और कूटू  का सेवन करती हैं। वे दिन में कई बार नारियल पानी पीती हैं। वे कई बार ग्रीन टी भी पीती हैं। विटामिन सी से लगाव के चलते वे अक्सर नींबू, संतरे और अन्य खट्टे फलों का सेवन करती हैं।
हैदराबादी वेज बिरयानी से लगाव
काजल को अपनी मां के हाथों बना भोजन पसंद है। शूटिंग के सेट पर भी वे घर से खाना लाती हैं। उन्हें हैदराबादी शैली में बनी वेज बिरयानी बहुत पसंद है। उन्हें गर्मियों में आम खाना पसंद है। काजल दूध से बने उत्पादों, सफेद  चावल, प्रोसेस्ड फूड , पैक्ड फूड , जंक फूड , तले हुए भोजन से परहेज करती हैं और मिठाई की बजाय खजूर का सेवन करती हैं। हालांकि सप्ताह में दो दिन वे पिज्जा, पराठा, डोसा, इडली, चॉकलेट केक और बर्गर खा लेती हैं लेकिन अगले दिन शरीर से अतिरिक्त  कैलोरी  को जलाने के लिए अतिरिक्त कसरत करती हैं।
वेज बिरयानी की रेसिपी
सामग्री:
एक कप बासमती चावल, आधा कप बीन्स, आधा कप फूलगोभी , तीन-चार शिमला मिर्च के टुकड़े, एक बारीक कटा आलू, आधा कप मटर के दाने, एक छोटी कटोरी काजू और बादाम, दो-तीन बारीक कटे प्याज, चार छोटी इलाइची, चार बड़ी इलाइची, चार लौंग, चार काली मिर्च, दो तेज पत्ता, एक टुकड़ा दालचीनी, जावित्री की दो डंडियां, एक चक्रफूल , एक चुटकी जीरा, एक चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, दो हरी मिर्च, दो चम्मच कसूरी मेथी, एक चम्मच गरम मसाला, एक चम्मच हरी धनिया, एक चम्मच पुदीना के पत्ते, एक कटोरी टमाटर की प्यूरी, एक छोटी कटोरी तेल, थोड़ा गुलाब जल, आधा कटोरी घी, चार कप पानी और स्वादानुसार नमक।
विधि:
कुछ देर तक पानी में भीगे चावल में तेज पत्ता, बड़ी-छोटी इलाइची, लौंग और नमक डालकर उबाल लें। चावल को हल्का कड़ा होने तक पकाएं। अब चावल को ठंडे पानी से धो लें और इसमें से खड़े मसालों को चुनकर बाहर निकाल दें। इस बीच दूध में केसर मिलाकर गर्म करें। बाद में उसमें दही और गुलाब जल मिला दें। प्याज को तलकर बाहर निकाल लें। बाकी बचे तेल में बादाम और काजू भूनकर निकाल लें। अब तेल में जीरा और खड़े मसाले डालकर तड़का तैयार करें। इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, सब्जियों को छोटे-छोटे टुकड़े, टमाटर की प्यूरी, धनिया और पुदीना की पत्तियां डालकर ग्रेवी तैयार कर लें। अब मोटे तलेवाले पैन में थोड़ा-सा घी डालकर उस पर पहले चावल, फिर सब्जी की ग्रेवी और फिर चावल की परत बिछाएं। इस पर मेवे, तले हुए प्याज, दही, पुदीने की पत्ती की परत बिछा दें। इस मिश्रण को ढककर कुछ देर तक पकाएं और बिरयानी को रायते के साथ परोसें।
फायदे:
कई तरह की सब्जियों, मेवों और मसालों से तैयार होने के कारण हैदराबादी बिरयानी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर कर पोषण प्रदान करने में मददगार है। यह पाचनतंत्र को स्वस्थ रखने, शरीर की सूजन और प्रदाह को कम करने में मददगार है।

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