मुख्यपृष्ठसमाचारउदयपुर की ‘आग’ में जलने के बाद भी हिंदुओं ने दिया सहिष्णुता...

उदयपुर की ‘आग’ में जलने के बाद भी हिंदुओं ने दिया सहिष्णुता का संदेश …ताजिए में लगी आग को बुझाया

उदयपुर में देश को हिला देने वाली २८ जून को आतंकी घटना हुई, जिसमें कन्हैयालाल की गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इससे पूरे शहर में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ गया था और शहर के लोगों को कर्फ्यू तक झेलना पड़ गया था, लेकिन घटना के बाद शहर फिर से उक्त सदमे से ऊपर उठा और इसमें सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी सामने आई। ऐसी ही एक घटना मुहर्रम के दिन भी देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।

सांप्रदायिक सौहार्द की बनी मिसाल
बता दें कि शहर के मोचीवाड़ा में पलटन मस्जिद का आखिरी ताजिया निकल रहा था। तभी संभवत: दीया या अगरबत्ती से अचानक ताजिया में आग लग गई। इस दौरान हिंदू समुदाय के लोगों ने जब आग लगती हुई देखी तो खिड़कियों और छतों से तुरंत पानी डाल कर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। इन हिंदू परिवारों के त्वरित प्रयासों से आग पर तुरंत काबू पाया गया और कुछ ही देर में आग बुझ गई। इसके बाद ताजिये में शामिल सभी लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत और धन्यवाद दिया। आग बुझाने में आशीष चौवाड़िया, पायल चौवाडिया, राजकुमार सोलंकी, लक्ष्य सोलंकी, कृष्णा मुंडाविया, खुश सोलंकी, लव सोलंकी, राज कुमार सोलंकी, शारदा सोलंकी, गोपाल सोलंकी, रेखा सोलंकी, नीता सोलंकी आदि का प्रमुख योगदान रहा जिन्होंने मिलकर ताजिया की आग को बुझाया। इससे न सिर्फ एक हादसा होते-होते टल गया, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी बन गई।

कलेक्टर ने जताई खुशी
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिसाल पर खुशी जताई। घटना होने के बाद एडीएम (शहर) प्रभा गौतम और संयुक्त निदेशक नगर विकास कुशल कोठारी भी मौके पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया।

अन्य समाचार