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दांतों के स्वास्थ्य का रखें खयाल …नहीं तो सिकुड़ जाएगा ब्रेन!

अल्जाइमर की चपेट में आने का भी है खतरा
सामना संवाददाता / मुंबई
खराब ओरल हेल्थ से मसूड़ों की बीमारी, दांतों में कैविटी, डायबिटीज, कैंसर और दिल की बीमारी सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने की संभावना बढ़ सकती है। इसी बीच दांतों का खयाल न रखने पर ब्रेन के सिकुड़ने की डरावनी जानकारी सामने आई है। कारण दिमाग का दातों की सेहत से सीधा संबंध है। जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि मसूड़ों की बीमारी और दांतों का नुकसान हिप्पोकैंपस में मस्तिष्क के सिकुड़न से जुड़ा हुआ है, जो स्मृति और अल्जाइमर रोग में भूमिका निभाता है।
हालांकि, अध्ययन में बताया गया है कि मसूड़ों की बीमारी और दांतों के टूटने का संबंध दिमाग की सिकुड़न से जुड़ा हुआ है, जो मेमोरी और अल्जाइमर रोग में शामिल है। क्या इसका मतलब यह है कि दांत खराब होने या मसूड़ों की बीमारी से अल्जाइमर रोग हो सकता है। अध्ययन केवल एक संबंध प्रदर्शित करता है, लेकिन पुष्टि नहीं।
जापान के तोहोकू यूनिवर्सिटी ने जब परीक्षण की शुरुआत से चार साल बाद के परीक्षण के निष्कर्षों की तुलना की, तो उन्होंने दांतों के टूटने और मसूड़ों की बीमारी के साथ-साथ ब्रेन के बाएं हिप्पोवैंâपस में बदलाव के बीच एक संबंध की खोज की। हल्के मसूड़ों की बीमारी वाले दोनों व्यक्ति जिनके दांत कम थे और गंभीर मसूड़ों की बीमारी वाले वे लोग जिनके अधिक दांत थे, उनके बाएं हिप्पोवैंâपस में दिमाग सिकुड़न की दर अधिक थी। मस्तिष्क के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मुंह की सेहत को अच्छा बनाए रखना आवश्यक है। इससे भी अधिक दांतों की खराब सेहत मस्तिष्क के आयतन में कमी का कारण बन सकता है। शोधकर्ता सातोशी यामागुची के मुताबिक दांतों का खराब होना और मसूड़ों की बीमारी बहुत आम हैं। इसलिए मनोभ्रंश के साथ संभावित संबंध का मूल्यांकन करना अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है।
१७२ लोगों को किया गया शामिल
अध्ययन में ६७ वर्ष की औसत आयु वाले १७२ लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें शुरुआत में स्मृति संबंधी कोई समस्या नहीं थी। सभी की शुरुआत में दांतों की जांच हुई। इसके साथ ही स्मृति परीक्षण भी किया गया। इसके चार साल बाद फिर हिप्पोवैंâपस की मात्रा को मापने के लिए उनका मस्तिष्क स्कैन किया गया।

सफाईकर्मियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
नई मुंबई महानगरपालिका द्वारा ऐरोली के स्टेमआरएक्स अस्पताल में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के दौरान कुल २१५ सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के सदस्यों के दांतों की जांच नि:शुल्क की गई। महानगरपालिका द्वारा स्टेमआरएक्स अस्पताल के सहयोग से दंत परीक्षण आयोजित किया गया था। सफाई प्रबंधन विभाग के डीएमसी डॉ. बाबासाहेब राजले ने शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में न केवल दांतों की जांच की गई, बल्कि दांतों की सफाई भी की गई, जिससे सफाई कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। डॉ. राजले ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य और कल्याण संबंधित इस तरह के अभियानोंं पर जोर दिया। स्टेमआरएक्स अस्पताल के संस्थापक डॉ. प्रदीप महाजन ने शहर की स्वच्छता बनाए रखने वालों की सेवा करने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया। नई मुंबई आयुक्त राजेश नार्वेकर ने सामाजिक प्रयासों के लिए अस्पताल की सराहना की।

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