मुख्यपृष्ठराजनीतिमहिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाओ ठोस कदम वर्ना रास्ते पर उतरेंगे!

महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाओ ठोस कदम वर्ना रास्ते पर उतरेंगे!

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इसे रोकने के लिए शिंदे सरकार की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसलिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी की रणरागिनी आक्रामक हुई है। कल रणरागिनियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में ‘शक्ति’ कानून को तत्काल अमल में लाने की मांग की है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया तो सड़क पर उतरने की भी चेतावनी उन्होंने दी है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी की युवती सेना ने कल विधानपरिषद के विरोधी दल नेता अंबादास दानवे के नेतृत्व में राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। इस अवसर पर युवती सेना की ओर से राज्यपाल को निवेदन दिया गया। राज्य में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में इजाफा हुआ है, इस बात से राज्यपाल को अवगत कराया गया। इस मौके पर युवती सेना के साथ महिला आघाड़ी की कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल से बातचीत की।
राज्य में पिछले कुछ महीनों में हजारों लड़कियां, महिलाएं लापता हुई हैं। महिलाओं पर होने वाली अत्याचार की घटनाएं वारंवार घट रही हैं। इसके बावजूद भी राज्य सरकार की ओर से कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसके कारण महिलाओं में असुरक्षा की भावना निर्माण हो गई है। इसलिए राज्यपाल महोदय इसमें हस्तक्षेप करें, ऐसी मांग युवती सेना के प्रतिनिधि मंडल ने की है। इस अवसर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) उपनेता विशाखा राऊत, मीना कांबली, ज्योति ठाकरे सहित युवा सेना कार्यकारिणी सदस्य शीतल शेठ-देवरुखकर, सुप्रदा फातर्पेकर, राजोल पाटील, धनश्री कोलगे, युवासेना उपसचिव रेणुका विचारे, मलबार हिल युवती विभागाधिकारी लायना रामगिरी, वैष्णवी चव्हाण-ठाकूर, मुंबई समन्वयक प्रियांका गोकर्णे, पार्टी प्रवक्ता संजना घाडी, पूर्व नगरसेविका प्रवीणा मोरजकर, अंजली नाईक, पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव, दीपमाला बढेकर, विभाग संगठिका पद्मावती शिंदे, महिला विभाग प्रमुख युगंधरा सालेकर, विभाग प्रमुख संतोष शिंदे आदि उपस्थित थे।

अन्य समाचार

लालमलाल!