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महाराष्ट्र को गड्ढे में ले जा रही ट्रिपल इंजन सरकार!

-विपक्ष ने किया चाय पार्टी का बहिष्कार…आज से प्रदेश का बजट सत्र

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति में अपराधीकरण चल रहा है। गुंडों को संरक्षण मिल रहा है। चुनाव के लिए गुंडों की मदद ली जा रही है। सत्तापक्ष का विधायक पुलिस स्टेशन में ही गोलीबारी करता है। घोटालेबाजों और ठेकेदारों के हितों का ख्याल रखने का काम चल रहा है।
महाराष्ट्र को राजनीतिक सुसंस्कृत परंपरा मिली हुई है, लेकिन शिंदे, फडणवीस और अजीत पवार की मौजूदा `ईडी’ सरकार ने इस परंपरा को गर्त में डाल दिया है। इसलिए महाविकास आघाड़ी ने यह रुख अपनाया कि ऐसी सरकार की चाय पार्टी में जाकर पाप का भागी नहीं होना है। इसी के साथ ही कल महाविकास आघाड़ी ने राज्य सरकार की चाय पार्टी का बहिष्कार करने की घोषणा की। विधानमंडल का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति तय करने के लिए विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार के सरकारी निवास पर महाविकास आघाड़ी नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्प्रâेंस में विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता अंबादास दानवे, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सुनील प्रभु, राष्ट्रवादी कांग्रेसी-शरदचंद्र पवार के अनिल देशमुख, वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात, भाई जगताप, शेकाप के नेता जयंत पाटील, समाजवादी पार्टी के अबू आजमी आदि उपस्थित थे। इस संयुक्त प्रेस कॉप्रâेंस में बोलते हुए विजय वडेट्टीवार और अंबादास दानवे ने कहा कि राज्य में सत्ताधारी विधायकों के चोचलों को पूरा करने के लिए और चुनावी फंड इकट्ठा करने के लिए सरकार चल रही है। इस समय प्रदेश में गुंडाराज चल रहा है। गुंडे ‘वर्षा’ बंगले और मंत्रालय में शान से जाते हैं। दूसरी ओर मराठा समाज और किसानों को सरकार ने घोर धोखा दिया है। विदर्भ-मराठवाड़ा की अनदेखी की है। सरकार ने घोटालेबाजों और ठेकेदारों के हितों का ख्याल रखा है। सरकार ने जानबूझकर पानी के गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया है। राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए सामाजिक दरार पैदा की गई है। सरकार ने आरक्षण के नाम पर मराठा समाज को फिर धोखा दिया है। ऐसा आरक्षण दिया जाता है, जो कोर्ट में टिक नहीं पाता। सरकार की इस लापरवाही से राज्य की छवि खराब हो रही है। आरक्षण के नाम पर दो समाजों के बीच मनमुटाव पैदा किया गया है।

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