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पाकिस्तानी ‘स्विटजरलैंड’ पर तालिबान का कब्जा! …आतंकी कैंप बनाने की तैयारियों में जुटा

• फिर शुरू होगी दशक पुरानी दहशत

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पाकिस्तान की मशहूर स्वात घाटी पर तालिबान का दोबारा कब्जा हो गया है। इस बार ‘टीटीपी’ (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) ने बहुत तेजी से कब्जा जमाया है। जानकार बताते हैं कि यह आतंकी संगठन बहुत जल्द ही इस खूबसूरत घाटी में अपना टेरर कैंप बना सकता है। स्वात घाटी को स्विटजरलैंड ऑफ पाकिस्तान भी कहा जाता है।
स्वात घाटी में हाल ही में कई पुलिस अधिकारियों और नागरिकों की हत्या की गई है। बम धमाकों के बाद से घाटी में दहशत और अनिश्चितता का माहौल है। लोगों को इस बात का डर है कि आतंकी घाटी पर कब्जा करने के बाद अपने आतंकी शिविर स्थापित कर सकते हैं। लोगों को डर है कि पाकिस्तान का स्विटजरलैंड तालिबान के कब्जे के बाद पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। ‘द पाकिस्तान मिलिट्री मॉनिटर’ के अनुसार, मुल्ला फजलुल्लाह और उसके तालिबान कमांडरों ने लगभग १५ साल पहले जो अत्याचार किए, उसे याद करते हुए, यह हैरानी की बात नहीं है कि किसी का दिमाग इस तरह की दहशत से ग्रस्त हो सकता है।

स्वात घाटी में दहशत
‘द पाकिस्तान मिलिट्री मॉनिटर’ के अनुसार, एक दशक पहले, हजारों स्वात निवासी विस्थापित हुए थे, जिन्हें सरकार का समर्थन नहीं था। उनकी संपत्ति, उम्र या लिंग की परवाह किए बिना, सभी को अपना घर छोड़ना पड़ा था। उस दौरान पेशावर के स्वाबी, मर्दन, चारसद्दा और आसपास के इलाकों में लोगों ने उनके लिए अपने दरवाजे खोल दिए। लक्षित हत्याएं, जबरन वसूली, बम विस्फोट, बुनियादी ढांचे को नष्ट करना, अपहरण और ब्लैकमेलिंग और न जाने क्या-क्या, स्वात घाटी की हवा दहशत से भरी हुई है। शांति समुदाय के सदस्यों का शिकार किया जा रहा है।

यहीं हुआ था मलाला पर हमला
स्थानीय लोग मिंगोरा सिटी और ग्रीन स्क्वॉयर के बीच के क्षेत्र को ‘खूनी चौराहा’ कहते हैं क्योंकि तालिबान यहां अपने दुश्मनों के सिर लटकाते थे। नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई इसी जगह पर तालिबान की क्रूरता का शिकार हुई थीं। यहां लड़कियों के स्कूलों पर विस्फोट आम बात थी। स्वात और आसपास के जिलों में कुल ६४० स्कूल नष्ट कर दिए गए। तालिबान लड़कियों की शिक्षा, संगीत बजाने और किसी भी तरह की कला जैसे नृत्य करने के खिलाफ फरमान जारी करने के लिए रेडियो प्रसारण का इस्तेमाल करते थे। तालिबान इस तरह के किसी भी काम को ईशनिंदा मानता है।

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