मुख्यपृष्ठविश्वतालिबान का नया फरमान :  बदल नहीं रहा अफगानिस्तान!

तालिबान का नया फरमान :  बदल नहीं रहा अफगानिस्तान!

• महिलाओं को पब्लिक के बीच चेहरा नहीं ढकने पर पिता या पति को होगी जेल
एजेंसी / काबुल । तालिबान ने महिलाओं के लिए नया नियम जारी किया है। महिलाओं को अब सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनना ही होगा। अगर महिला ने घर से बाहर अपना चेहरा नहीं ढका तो, उसके पिता या सबसे नजदीकी पुरुष रिश्तेदार को जेल में डाल दिया जाएगा या सरकारी नौकरी से निकाल दिया जाएगा। तालिबान के ‘शराफत को बढ़ावा देने और बुरी आदतों को रोकने’ के मंत्रालय के प्रवक्ता ने काबुल में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबातुल्लाह अखुंदजादा का यह आदेश पढ़कर सुनाया। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि चेहरा ढकने के लिए नीले रंग का बुर्का सबसे अच्छा रहेगा। यह नीला बुर्का ही १९९६ से २००१ के बीच दुनियाभर में तालिबान के क्रूर शासन की निशानी बना।
बच्चियों के स्कूल जाने पर पाबंदी
अगस्त २०२१ में अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद सबसे पहले तालिबान प्रशासन एजुकेशन सिस्टम में बदलाव करना शुरू किया। सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के स्कूल जाने पर रोक लगा दी गई थी। कुछ समय बाद तालिबान ने सेकेंडरी स्कूल फिर खोलने की भी इजाजत दी थी, मगर एक बार फिर उसने अपने पैâसले को पलट दिया और लड़कियों के स्कूल जाने पर फिर पाबंदी लगा दी।
लड़के-लड़कियों को साथ पढ़ने की इजाजत नहीं
अफगानिस्तान की मिनिस्ट्री ऑफ हायर एजुकेशन ने दो हफ्ते पहले कॉलेज और यूनिवसिर्टी में लड़के-लड़कियों के साथ पढ़ने पर पाबंदी लगा दी है। तालिबानी आदेश के मुताबिक हफ्ते में तीन दिन कॉलेज कैंपस में सिर्फ लड़कियां पढ़ने जाएंगी। इस दौरान लड़कों की कोई क्लास इस वैंâपस में नहीं लगेगी। अगले तीन दिन लड़कों की क्लासेज के लिए रिजर्व रहेंगे। इस दौरान लड़कियों की मौजूदगी वैंâपस में नहीं रहेगी।
अकेले हवाई सफर पर भी लगाई रोक
मार्च में तालिबान ने महिलाओं के अकेले हवाई सफर पर पाबंदी लगाई थी। इसे लेकर तालिबान ने जो आदेश लागू किया था, उसमें कहा गया था कि महिलाओं को किसी पुरुष (अभिभावक या पति) की मौजूदगी में ही हवाई यात्रा करने की परमिशन दी जाएगी।

महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस देने पर भी पाबंदी
कुछ दिन पहले ही अफगानिस्तान के हेरात शहर में तालिबानी अधिकारियों ने सभी ड्राइविंग इंस्टीट्यूट से महिलाओं का लाइसेंस इश्यू न करने का फरमान जारी किया है। हेरात शहर में ड्राइविंग करने वाली महिलाओं की संख्या पहले से ही कम थी। जो औरतें पहले से ड्राइविंग कर रही थीं, अब उनसे ये अधिकार भी छीना जा रहा है।

 

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