मुख्यपृष्ठसमाचारअब निशाना अखिलेश पर!

अब निशाना अखिलेश पर!

-उत्तर प्रदेश में भी सपा को डराना चाहती है भाजपा 

-पार्टी अध्यक्ष को सीबीआई ने भेजा समन, आज ही किया तलब

सामना संवाददाता / लखनऊ

केंद्र सरकार विपक्ष को हर प्रकार से डराने का प्रयास कर रही है। दिल्ली में `आप’ के केजरीवाल, झारखंड में हेमंत सोरेन, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के बाद अब उत्तर प्रदेश के सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी डराने के लिए सीबीआई भेजी गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब केंद्र के इशारे पर चलने वाली जांच एजेंसी सीबीआई के निशाने पर हैं। अखिलेश यादव को सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में नोटिस जारी किया है और आज ही हाजिर होने की नोटिस दी है। अखिलेश को इस मामले में बतौर गवाह पेश होना है। आगामी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले समन को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। ऐसे में मामले के गरमाने की आशंका जताई जा रही है। अखिलेश यादव इससे पहले भी मोदी सरकार पर सीबीआई और ईडी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते रहे हैं। सपा के एक नेता ने अखिलेश के समन को भी राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा कि चुनाव से ठीक पहले सीबीआई और ईडी इसी तरह से एक्टिव हो जाती है।

बता दें कि यह मामला अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान का है। उस समय अखिलेश यादव के पास ही खनन मंत्री का भी प्रभार था। इस मामले में रोक के बाद भी खनन का ठेका देने का आरोप है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद २०१६ से खनन घोटाले की जांच चल रही है। अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति आरोपों के चलते लंबे समय से जेल में ही हैं। राज्यसभा चुनाव में मतदान से ठीक पहले वे उनकी विधायक पत्नी गैरहाजिर भी रहीं।
क्या है आरोप
खनिजों के अवैध खनन के मामले की जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने २०१६ में सात प्रारंभिक मामले दर्ज किए थे। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय ने एक ही दिन में १३ परियोजनाओं को मंजूरी दी थी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र की सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला `इंडिया’ गठबंधन मजबूत होता दिख रहा है, ऐसे में भाजपा की सांसें तेज हो गई हैं, ऐसे में `इंडिया’ गठबंधन के समर्थक दलों के नेताओं के खिलाफ केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को लगा रही है, उन्हें परेशान कर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।  केंद्र सरकार पर ऐसे कई आरोप लग रहे हैं। इससे पहले दिल्ली में आप पार्टी के कई नेताओं को जेल में डाला गया है, जबकि उनके खिलाफ अभी तक कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, उसी प्रकार झारखंड के हेमंत सोरेन को भी परेशान किया जा रहा है। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव को डराने का काम भाजपा के इशारे पर हो रहा है।

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