मुख्यपृष्ठसमाचारअटल सेतु पर टारगेट ‘अधूरा'

अटल सेतु पर टारगेट ‘अधूरा’

-अनुमान से ६५ प्रतिशत कम वाहनों की संख्या

-आमदनी भी घटकर हुई १३९,५८५,३१० रुपए

-७० हजार नहीं, २७ हजार गाड़ियां रोज गुजर रही हैं

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई के बेहतर कनेक्टविटी के लिए बनाया गया अटल बिहारी वाजपेयी ट्रांसहार्बर लिंक का उद्घाटन १२ जनवरी को किया गया था, जिसके बाद १३ जनवरी से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, अब तक कुल ८,१३००० गाड़ियों ने इस सेतु का इस्तेमाल किया है यानी औसतन २७,००० गाड़ियां सेतु का इस्तेमाल कर रही हैं। बता दें कि एमएमआरडीए ने एमटीएचएल से रोजाना ७०,००० गाड़ियों की आवाजाही का टारगेट रखा था, लेकिन यह आंकड़ा गलत साबित हुआ है। रोजाना औसतन मात्र २७,००० गाड़ियां सेतु का इस्तेमाल कर रही हैं।
अटल सेतु को यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। यह कंट्रोल रूम २४ घंटे हाई डेफिनेशन वाले कमरों की मदद से ब्रिज पर आने-जानेवाली गाड़ियों पर नजर रखते हैं। इमरजेंसी पड़ने पर मदद भी दी जाती है। निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब तक ५ एक्सीडेंट हो चुके हैं
अधिकारी ने बताया कि एमटीएचएल पर होनेवाले सभी कार्यों पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में नई तकनीकों वाली मशीनों का समावेश है, जिसे भारत में पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है और गाड़ियों की स्पीड पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अब तक एक बीएमडब्ल्यू ने १९५ की स्पीड से गाड़ी चला कर स्पीड लिमिट तोड़ा है। इसके अलावा १०० से अधिक स्पीड से गाड़ी चलानेवालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। यदि सेतु पर कोई गाड़ी रुकती है तो उस पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि अब तक १,६१२ लोगों पर सेल्फी लेने की वजह से जुर्माना भी लगाया गया है। अगर एक्सीडेंट की बात करें तो उसका आंकड़ा ५ है, जिसमें से ३ मेजर एक्सीडेंट है और २ छोटे एक्सीडेंट हैं। यदि सेतु पर कुछ दुर्घटना होती हैं तो इमरजेंसी कॉल बॉक्स की मदद से कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल, १२ कॉल बॉक्स स्थापित किए गए हैं।
फास्टैग न रखने वालों पर कार्रवाई
इस ब्रिज को नई तकनीक से बनाया गया है। इस वजह से टोल की तकनीक भी अत्याधुनिक है। ओपन रोड टोलिंग सिस्टम को स्थापित किया गया है यानी बिना रुके वाहन से टोल कट जाता है, लेकिन यह भी पाया गया है कि कई वाहनों ने बिना टोल चुकाए यात्रा की है। ऐसे वाहनों पर कड़ी नजर रखते हुए इन वाहनों की जानकारी आरटीओ विभाग को दी जाती है।
फास्टैग की स्कैनिंग नहीं होने के कारण एमएमआरडीए ने रोड टैक्स की ६२ लाख १६ हजार ४३० रुपए की राशि को चालान में बदला है। इसी के मद्देनजर १ करोड़ ५० लाख ९९ हजार १६० रुपए की राशि वसूल की जानी बाकी है।
१३ फरवरी तक गाड़ियां
कार- ७,९७,५७८
एलसीवी/ मिनी बस-३,५१६
बस और २एक्सल-ट्रक- ४,७७८
एमएवी (३ एक्सल)- २,१७२
एमएवी (४ से ६ एक्सेल)- ५,७०९
ओवर साइज्ड- २१
कुल- ८,१३,७७४
ट्रैफिक रेवेन्यू- १३७,०९६,८१५
फास्टैग अंतिम निपटान अमाउंट- १३०,८८०,३८५
टैग न होने के कारण चालान- १५,०९९,१६०
कैश कलेक्टेड – ८,७०४,९२५

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