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बाप्पा के दरबार में ‘टाटा अस्पताल’! डोंबिवली की झांकी भक्तों को कर रही आकर्षित

सामना संवाददाता / मुंबई
इस साल गणेशोत्सव के दौरान मुंबई से सटे डोंबिवली में एक गणेश पंडाल में टाटा अस्पताल को जगह मिली है। इसके आयोजकों का कहना है कि अस्पताल की थीम को तैयार करने में १५ दिन का समय लगा। इसके माध्यम से संदेश देते हुए वजह बताई जा रही है कि किस तरह से कैंसरग्रस्त होने के बाद जिंदगी से संघर्ष करना पड़ता है।
डोंबिवली में बालाजी आंगन सोसायटी के निवासियों ने इस साल एक ही गणपति की सजावट की है। कल्याण-डोंबिवली में इसी तरह की सुविधा की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल की थीम तैयार की है। ३२ वर्षीय रूपेश राउत को यह विचार तब आया जब उनकी ५८ वर्षीय मां शुभांगी राऊत को इस साल मई में स्तन कैंसर का पता चला था। हाउसिंग सोसाइटी के अन्य निवासियों ने भी इस प्रयास में सहयोग किया।
लोगों की रहीं ये प्रतिक्रियाएं
इसे लेकर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया रही। साज-सज्जा में भाग लेनेवाली सोसायटी की निवासी अर्चना सोंडे का कहना है कि हाउसिंग सोसाइटी हर साल गणेश उत्सव के दौरान उल्लेखनीय सजावट के साथ आती है। इस बार हम स्वास्थ्य से जुड़ा एक कड़ा संदेश देना चाहते थे। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी अगर हम कोई फर्क करने में सक्षम हैं। स्तन कैंसर से बची ६० वर्षीय महिला ने कहा कि एक सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद सजावट देखने के लिए चली गर्इं। उन्होंने कहा कि मैं अभी भी हर छह महीने में टाटा अस्पताल जाती हूं। शुरुआती दिनों में मैं हर दूसरे दिन अस्पताल जाती थी। मुझे याद है कि हर कीमोथेरेपी और घर वापस आने के बाद मैं कितनी थक जाती थी।
पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों का हुआ इस्तेमाल
पंडाल में पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करते हुए अस्पताल और उसके आस-पास को दर्शाया गया है, जिसे पूरा करने में १५ दिन लगे। शुभांगी राऊत का कहना है कि मुंबई या खारघर में अस्पताल पहुंचने के लिए यह एक बड़ा संघर्ष और लंबी यात्रा है। इतना आसान होता अगर कोई ऐसा ही अस्पताल आस-पास में होता। टाटा अस्पताल में देशभर से लोग कैंसर के इलाज के लिए आते हैं। बेटे रूपेश के अनुसार यह विचार मां को इस प्रक्रिया से गुजरते हुए देखने के बाद आया।

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