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तह की बात : `डेंजर डिंग टॉक!’ सायबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार

  • कुमार नागमणि

क्लिक टू चैट के सहारे ग्राहकों को बनाते थे शिकार

इंस्टेंट लोन के नाम पर जरूरतमंद लोगों को लूटने के लिए सायबर ठगों के पास डेंजर ‘डिंग टॉक’ और ‘क्लिक टू चैट’ ऐप सबसे बड़ा हथियार है। इसी ऐप के माध्यम से वे ग्राहकों को अपना शिकार बनाते थे। जिसके कारण पुलिस भी इन्हें जल्दी ट्रेस नहीं कर पाती थी। इसका खुलासा सायबर सेल द्वारा पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय गिरोह के आरोपियों से पूछताछ में हुआ है।

मुंबई सायबर सेल ने पिछले सप्ताह इंस्टेंट लोन के नाम पर ग्राहकों को ठगनेवाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस गिरोह में शामिल मुख्य आरोपियों को उत्तराखंड, बंगलुरु, आंध्र प्रदेश और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों के पास से २११ सिम कार्ड, ३९ मोबाइल, १९ लैपटॉप, २ हार्ड डिस्क जब्त किया गया, इसके साथ ही ३६० बैंक खाते में १४ करोड़ रुपए सीज किया गया था। ये सभी आरोपी अभी पुलिस रिमांड में हैं। उनसे की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अलग-अलग शहरों में लड़कों को काम पर रखा था। लोन रिकवरी के तौर पर काम करने वाले इन युवकों को क्लिक टू चैट ऐप और डिंग टॉक ऐप दिए गए थे। गिरफ्तार आरोपी इन युवकों से डिंग टॉक के माध्यम से संपर्क में थे। जबकि ये लड़के ‘क्लिक टू चैट’ के माध्यम से ग्राहकों को संपर्क  करते थे। यह सब सिर्फ उनका लोकेशन ट्रेस न हो और पुलिस की पकड़ में न आएं, इसके लिए इस्तेमाल करते थे। उनके पास से जब्त सिम यह ऐप चलाने के लिए इस्तेमाल करते थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) सुहास वार्के ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क लगभग तोड़ा जा चुका है फिर भी इनके संपर्क में और कितने लोग हैं, इसकी जांच अभी भी जारी है।

 

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