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तह की बात : दलाली से ड्रग्स डीलिंग की डगर! तीन वर्ष तक कमाया नंबर दो का पैसा

  • गोपाल गुप्ता 

कोरोना काल में शुरू किया था धंधा

मुंबई पुलिस की एंटी-नॉरकोटिक्स सेल ने गुरुवार को करोड़ों के ड्रग्स के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस ड्रग्स रैकेट को नालासोपारा से सोशल मीडिया के माध्यम से ऑपरेट किया जा रहा था। दरअसल इस रैकेट का मास्टरमाइंड पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में मास्टर्स की पढ़ाई की और नौकरी की तलाश ने मुंबई आ गया था। यहां उसने एक केमिकल कंपनी में काम करने के दौरान कथित रूप से अवैध केमिकल की दलाली करने लग गया। हालांकि धीरे-धीरे केमिकल के धंधे में नुकसान होने पर वह कर्जे के बोझ तले दब गया। इसी दौरान देश में लॉकडाउन भी लग गया, जिससे उसकी माली हालत खराब होने लगी। इसके बाद उसने अपनी जानकारी का इस्तेमाल करके दलाली से ड्रग्स डीलिंग की डगर पकड़ ली। कोरोना काल में उसने ड्रग्स का धंधा शुरू किया और मात्र तीन वर्षों में करोड़ों रुपए कमा लिए। उसने कथित रूप से मुंबई सहित अपने मूलगांव में करोड़ों रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। फिलहाल आरोपी मुंबई पुलिस की गिरफ्त में है।
केमिस्ट्री की पढ़ाई कर बनाए ड्रग्स
पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी करने के बाद ५१ वर्षीय आरोपी वर्ष १९९७ में रोजगार की तलाश में नालासोपारा आया था। यहां वह एक फार्मा कंपनी  में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के रूप में काम करने लगा। इस दौरान उसे कई केमिकलों की जानकारी मिल गई। १५ साल काम करने के बाद उसने कथित रूप से प्रतिबंधित ड्रग्स बेचने लग गया।
अंबरनाथ में बनाई कंपनी 
इस दौरान उसने परिचित की मदद से अंबरनाथ में केमिकल यूनिट लीज पर ली और बड़ी तादाद में एमडी बनाना शुरू किया। शुक्रवार को एंटी नॉर्काेटिक्स की टीम ने अंबरनाथ की केमिकल कंपनी में छापा भी मारा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीन साल में उसने कथित तौर पर १,२०० किलो से ज्यादा का एमडी बेचकर २० करोड़ रुपए कमाए। इस दो नंबर के धंधे से उसने उत्तर प्रदेश, मुंबई और गुजरात में प्रॉपर्टी भी खरीदी।

 

 

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