मुख्यपृष्ठनए समाचारअसंवैधानिक सरकार की मनमानी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे तहसीलदार

असंवैधानिक सरकार की मनमानी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे तहसीलदार

सामना संवाददाता / मुंबई

एक दिसंबर से करेंगे काम बंद आंदोलन, ग्रेड पे को लागू करने की कर रहे मांग

घाती सरकार की मनमानी के खिलाफ राज्यभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार मैदान में उतरने जा रहे हैं। उन्होंने फैसला किया है कि वे एक दिसंबर से काम बंद आंदोलन छेड़ेंगे। तहसीलदारों का कहना है कि कई बार आश्वासनों के बावजूद उन्हें ‘ग्रेड पे’ लागू नहीं किया गया है। वहीं यदि यह आंदोलन शुरू होता है तो लोगों को विभिन्न तरह के प्रमाण-पत्र हासिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

ज्ञात हो कि इससे पहले राज्यभर के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने विभिन्न मांगों को लेकर तीन मार्च को अनिश्चित कालीन हड़ताल का आह्वान किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने तहसीलदार एसोसिएशन की मांग पर सहमति जताते हुए राजपत्रित वर्ग दो का ग्रेड वेतन ४,८०० रुपए बढ़ाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर मंजूरी दे दी थी। हालांकि, तहसीलदार और नायब तहसीलदार एसोसिएशन का आरोप है कि अपर मुख्य सचिव ने अभी तक इस पर अमल नहीं किया है।

राजस्व विभाग में तहसीलदार, नायब तहसीलदार को समय-समय पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जाती हैं और उन्हें अलग-अलग कार्य सौंपे जाते हैं, जिसे वे पूरी जिम्मेदारी के साथ करते हैं। फिर भी वेतन बढ़ोतरी में देरी हो रही है। महाराष्ट्र राज्य तहसीलदार व नायब तहसीलदार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश बागले और महाराष्ट्र राज्य राजस्व कर्मचारी संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण समेत सभी पदाधिकारियों का कहना है कि यही वजह है कि हमने हड़ताल पर जाने का पैâसला किया है। इस दौरान सभी पदाधिकारियों व सदस्यों से इस आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध किया गया है।

प्रमाण-पत्र पाने में होगी कठिनाइयां

इस अनिश्चित कालीन हड़ताल से किसानों और स्वूâली छात्रों को सरकारी प्रमाण-पत्रों को पाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं ‘सरकार आपके द्वार’ पहल पर भी असर पड़ेगा। आंदोलन के कारण नागरिकों को सरकारी प्रमाण-पत्र पाने के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है।

अन्य समाचार