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तेजस ठाकरे और टीम ने जंगल में खोजा खजाना शोध का दशक, दुर्लभ प्रजातियों की हुई खोज!

सामना संवाददाता / मुंबई

वन्यजीव शोधकर्ता तेजस ठाकरे और ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन ने जंगल में जैव विविधता का खजाना खोजा है। पिछले सालभर में उन्होंने जंगल और सह्याद्रि के तट पर रहनेवाली दस दुर्लभ प्रजातियों की खोज की है। इनमें सांप, केकड़े, छिपकलियां और गिरगिट शामिल हैं। टीम ने नए साल में और अधिक दुर्लभ प्रजातियों को खोजने के लिए कड़ी मेहनत करने का इरादा जताया है।

शोध में कई छिपकलियों का समावेश

टीम ने निमास्पिस टाइग्रिस, निमास्पिस सक्लेशपुरेनासिस, निमास्पिस विजयाई और अन्य छिपकलियों की नई प्रजातियों की भी खोज की है। ऐसी प्रजातियां हिंदुस्थान के साथ-साथ श्रीलंका, थाईलैंड, सुमात्रा समेत अन्य द्वीपों में पाई जाती हैं। देश में अब तक छिपकलियों की ६८ प्रजातियां पाई जा चुकी हैं। इसमें तेजस ठाकरे और उनकी टीम के रिसर्च को जोड़ा गया है। जंगलों में भ्रमण करते हुए प्रकृति की जैव विविधता में नवीनता की खोज करने का प्रयास तेजस ठाकरे और ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन की ओर से हमेशा ही किया जाता है। इससे पहले भी उन्होंने केकड़े, मछलियों, छिपकलियों की ११ से ज्यादा दुर्लभ जंगली प्रजातियों की खोज कर उन्हें नई पहचान दिलाई है। उनके काम को विश्व स्तर पर पहचान मिली है। छिपकली के शोध पर उनका शोध निबंध जर्मनी से प्रकाशित होनेवाली ‘वर्टेब्रेट जूलॉजी’ नामक अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका में पहले ही प्रकाशित हो चुका है।

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