मुख्यपृष्ठस्तंभवैद्यजी बताइए : शीत प्रभा वटी खाएं, पथरी से मुक्ति पाएं!

वैद्यजी बताइए : शीत प्रभा वटी खाएं, पथरी से मुक्ति पाएं!

वैद्य हरीश सिंह

 मेरे दाहिने पैर में प्राय: शाम के वक्त सूजन हो जाती है और रात में सोने के बाद सुबह सूजन खत्म हो जाती है। लेकिन दिनभर चलते-फिरते रहने के कारण शाम को सूजन आ जाती है, जबकि बायां पैर बिल्कुल ठीक है। दवा बताएं?
– संध्या पुजारी, कांदिवली, मुंबई
दिनभर काम करने व चलने-फिरने के बाद पैरों में सूजन आए एवं रात को सोने के बाद सूजन समाप्त हो जाए तो चिंता की कोई बात नहीं है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मोटापे, वेरीकोज वेन अथवा दिनभर खड़े होकर काम करने के कारण प्राय: सूजन आ जाती है। तेल मालिश करने से कोई लाभ नहीं होगा। आप अपने दाहिने पैर की डॉपलर स्टडी करवा लें। इससे शिरा, धमनी के रक्त परिभ्रमण व उसमें होनेवाली विकृति की सारी जानकारी प्राप्त हो जाती है। पैरों में सूजन आने के कई कारण होते हैं। जैसे कि हृदय रोग, किडनी रोग, रक्तवाहिनी के विकार, डीवीटी, कुपोषण, रक्ताल्पता आदि इन बातों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। प्राथमिक औषधि उपचार के रूप में आरोग्यवर्धिनी वटी एवं गोक्षुरादि गुग्गुल की दो-दो गोलियां दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लें। रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गर्म पानी के साथ लें। खाने में नमक की मात्रा कम करें। फास्ट  फूड , जंक  फूड , चटपटे खाद्य पदार्थ बंद करें क्योंकि इसमें नमक की मात्रा ज्यादा रहती है।

२०२१ में मुझे कोरोना हुआ था। दस-बारह दिनों तक दवा लेने के बाद कोरोना तो ठीक हो गया लेकिन उसके बाद से कई बार मुझे गंध और स्वाद मालूम नहीं पड़ता है। दवा बताएं?
– बृजभान सिंह, वाकोला, मुंबई
कोविड-१९ की बीमारी के बाद बहुत सारे लोगों में इस तरह के लक्षण पाए गए हैं। प्राय: गंध का नाश होना एवं स्वाद का जाना बीमारी ठीक होने के लगभग तुरंत बाद आ जाती है। परंतु कुछ लोगों में इन दोनों कार्यों में आंशिक रूप से बाधा आ जाती है। अणु तेल दो-दो बूंद दोनों नाक के नथुनों में सुबह-शाम डालें। लक्ष्मी विलास रस एक-एक गोली तथा सूक्ष्म त्रिफला टैबलेट एक-एक गोली दिन में दो बार पानी के साथ लें। भोजन के पूर्व चित्रकादि वटी एक गोली चूसकर खाएं। अविपत्तिकर चूर्ण एक चम्मच दो बार भोजन के बाद लें। अनुलोम, विलोम, भस्त्रिका एवं प्राणायाम जैसी ब्रीथिंग एक्सरसाइज करें। उपरोक्त दवाइयों का नियमित सेवन करने से लगभग ३ से ४ महीने में आप स्वस्थ हो जाएंगे।

मुझे पथरी की शिकायत है। सोनोग्राफी के मुताबिक ४ मिलीमीटर एवं ६ मिलीमीटर के दो स्टोन क्रमश: मूत्र नली व किडनी में है। यूरोलॉजिस्ट सर्जन ने छोटा-सा ऑपरेशन करने की सलाह दी है। मैं ऑपरेशन नहीं कराना चाहता। दवा बताएं?
– सुनील सूद, कलवा, ठाणे
शीत प्रभा वटी, गोक्षुरादि गुग्गुल एवं पाषाणभेद घन की दो-दो गोलियां दिन में ३ बार पानी के साथ लें। अपनी दिनचर्या में पानी पीने की मात्रा बढ़ाएं। अंदाज से कम-से-कम ३ से ४ लीटर पानी पिएं। कुलत्थ दो चम्मच पानी में भिगोकर उसका सूप बनाकर रोज एक कप पिएं। कुलत्थ यह उत्तम अश्मरी नाशक है। यह सभी उपाय ३ महीने नियमित करें। उसके बाद सोनोग्राफी या पेट का एक्सरे निकालकर देखें। कई बार पथरी अपनी जगह से हिलने के कारण पेट दर्द जैसी समस्याएं बीच-बीच में होने की संभावना रहती है। उस समय शंख वटी की दो-दो गोली दो बार गर्म पानी से लें। मांसाहार, चीज, पनीर, मिल्क प्रोडक्ट, आंवला, पालक आदि का सेवन बंद करें।

मेरे ७५ वर्षीय दादाजी की प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी हो गई है और उन्हें कोई तकलीफ नहीं है। लेकिन उन्हें पेशाब रुक-रुककर और उसमें जलन होती है। डॉक्टरों ने ६-६ महीने में जांच कराने को कहा है। दवा बताएं?
– अमरीक सिंह, कलंबोली, नई मुंबई
नियमित रूप से आप दादाजी का प्रत्येक ६-६ महीने में परीक्षण करवाते रहें। मैं आपको आयुर्वेद दवाइयों की सलाह दे रहा हूं, जो निश्चित रूप से प्रभावशाली है। चंद्रप्रभा वटी एवं गोक्षुरादि गुग्गुल की दो-दो गोलियां दिन में ३ बार पानी के साथ लें। बंगशील एवं हिमपलाशिया की दो-दो गोलियां दो बार भोजन के बाद लें। वरुणादि क्वाथ तीन-तीन चम्मच दो बार समप्रमाण पानी मिलाकर पिएं। इन दवाओं के सेवन से पेशाब की जलन एवं रुक-रुककर पेशाब आना बंद हो जाएगा। वार्धक्य के कारण शरीर में पोषक तत्वों का अभाव होता है। अत: संतुलित एवं पौष्टिक आहार खाने में लें। अंकुरित धान्य, घी आदि का प्रयोग करें। खाने में फल एवं सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। मांसाहार कम करें। तीखा मिर्च, मसाला बंद करें। मलबद्धता न हो, इसके लिए रात को सोते समय एक चम्मच पंचसकार चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करें। अश्विनी मुद्रा वाला व्यायाम करें। मन को प्रसन्न रखें।

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